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CM वसुंधरा राजे ने कहा- इसकी टोपी उसके सिर पर रख कर लाते रहेंगे पैसा

अप्रैल से सामान्य वर्ग को मांगते ही थ्री फेज बिजली कनेक्शन की घोषणा

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 08:16 AM IST

उदयपुर/सलूंबर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि वे प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। भले ही इसके लिए उन्हें इसकी टोपी उसके सिर और उसकी टोपी इसके सिर रखनी पड़े। उन्होंने कहा कि अप्रैल से सामान्य वर्ग के किसानों को थ्री फेज बिजली कनेक्शन मांगते ही दिए जाएंगे, सरकार इस पर योजना बना रही है। उन्होंने प्रतापगढ़ की महाराणा प्रताप बटालियन में 15 जनवरी तक फाॅर्म लेने और मई तक नियुक्तियां करवा देने की बात कही। सीएम ने बांसवाड़ा में स्वीकृत मेवाड़ भील कोर की दूसरी बटालियन को भी जल्द शुरू करवाने का आश्वासन भी दिया।


सीएम राजे रविवार को सलूंबर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में 600 करोड़ की लागत वाले 25 कामों के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, वो कहते थे, हम भीख की कटोरी लिए खड़े हैं, लेकिन हमारी सरकार ने इधर-उधर से पैसा लाकर काम करवाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है।

सीएम कहा कि 18000 कुओं को नरेगा और टीएडीए में गहरा करवाने की स्वीकृति मिल चुकी है। जून तक यह काम करवा देंगे। बांसवाड़ा में निर्माणाधीन मानगढ़ धाम का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में मंदिरों के काम पर सरकार ने 551 करोड़ खर्च किए हैं। अगले सत्र से पहले प्रदेश की 10 हजार पंचायतों में पहली से बारहवीं तक के स्कूल खोलने का काम पूरा हो जाएगा।

उन्होंने पंडित दीनदयाल योजना, अन्नपूर्णा रसोई घर सहित सरकार की कई योजनाएं भी गिनाई। समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पंचायत राज राज्य मंत्री धनसिंह रावत, पीएचईडी राज्य मंत्री सुशील कटारा, उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा सहित संभाग के विधायक उपस्थित थे। सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा ने सीएम के सामने क्षेत्र की समस्याएं रखी।

कटारिया को राजे ने संबाेधन के दौरान कई बार कहा- भाई साहब
- शिलान्यास और उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सरकारी कॅालेज, जयसमंद की नहरों, पंचायतों के पुनर्गठन, स्कूल खोलने सहित कई विकास काम गिनाए। गृहमंत्री कटारिया और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हेलीकॉप्टर में साथ आए और साथ ही उदयपुर रवाना हुए।

- सीएम राजे ने संबोधन में कई बार गृहमंत्री कटारिया के लिए भाई साहब का प्रयोग किया। वहीं कटारिया ने भी वसुंधरा राजे के कार्यकाल के विकास कार्य गिनाए। समारोह के दौरान मंच पर भी सीएम वसुंधरा राजे और कटारिया के बीच काफी देर बातचीत हुई।

हाइवे के दो बड़े फायदे : हादसों में कमी होगी

पहला : अभी 7 मीटर चौड़े इस मार्ग पर केवडा की नाल सहित कई जगहों पर मोड हैं। इससे अक्सर हादसे होते हैं। हाइवे बनने से हादसों में कमी आएगी। बारिश के दिनों में जयसमंद झील पर जाने वाले पर्यटकों की संख्या ज्यादा होने पर भी जाम से वाहन चालक परेशान होते हैं।


दूसरा : हाइवे बनने के बाद उदयपुर से सलूंबर तक का सफर पौने दो घंटे की जगह सवा घंटे लगेंगे। अभी मोड, ढलान ज्यादा होने से वाहन चालकों को समय ज्यादा लगता है। बांसवाड़ा, रतलाम जाने वाले इसी रोड से गुजरते हैं। उन्हें भी सुविधा मिलेगी।

झलकियां
- सलूंबर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष कैलाश गांधी ने सीएम को चांदी का मुकुट पहनाया तो सीएम ने इसे पहनकर उतारते हुए कहा, इसे मंदिर में चढ़ाओ। बाद में मंदिर में अन्य मुकुट चढ़ाने का वादा लेकर उन्होंने इसे स्वीकार किया। विधायक अमृतलाल मीणा को भी मुकुट पहनाया।
- स्थानीय कार्यक्रम में सलूंबर पहुंचने के बावजूद वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भींडर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेंद्र कुंवर समारोह में नहीं पहुंची। भींडर ने कहा कि, उन्हें न्योता नहीं था।

वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भींडर ने सीएम को बायण मंदिर पर चुंडा जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे नवकुंडीय यज्ञ में ले जाने का आग्रह किया, लेकिन सीएम ने अंधेरा होने से कार्यक्रम टाल दिया। फाेटो में कटारिया और भींडर के साथ सीएम। वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भींडर ने सीएम को बायण मंदिर पर चुंडा जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे नवकुंडीय यज्ञ में ले जाने का आग्रह किया, लेकिन सीएम ने अंधेरा होने से कार्यक्रम टाल दिया। फाेटो में कटारिया और भींडर के साथ सीएम।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य वक्ताओं के संबाेधन के दौरान लोगों ने कई बार सलूंबर को जिला बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य वक्ताओं के संबाेधन के दौरान लोगों ने कई बार सलूंबर को जिला बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
{ समारोह में श्रीराम, हनुमान, जानकी, लक्ष्मण की झांकी सजाई गई। ये कलाकार काफी देर तक बैठे रहे, लेकिन इनका कार्यक्रम नहीं करवाया। { समारोह में श्रीराम, हनुमान, जानकी, लक्ष्मण की झांकी सजाई गई। ये कलाकार काफी देर तक बैठे रहे, लेकिन इनका कार्यक्रम नहीं करवाया।