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करणी सेना का ऐलान- सीबीएफसी 'पद्मावती' पर नई रिव्यू कमेटी बनाए वरना फिर आंदोलन

Bhaskar News | Last Modified - Dec 30, 2017, 07:16 AM IST

करणी सेना और जौहर स्मृति संस्थान ने इस कमेटी को रद्द कर नई कमेटी गठित करने को कहा है।
  • करणी सेना का ऐलान- सीबीएफसी 'पद्मावती' पर नई रिव्यू कमेटी बनाए वरना फिर आंदोलन

    उदयपुर.केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की हाल ही में विवादित फिल्म पद्मावती के लिए गठित समीक्षा समिति भी अब विवादों में घिर गई है। रिव्यू कमेटी में मेवाड़ के पूर्व राजघराने से जुड़े महेन्द्र सिंह मेवाड़ या उनके बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ को शामिल नहीं करने पर बवाल शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राजपूत करणी सेना और जौहर स्मृति संस्थान ने इस कमेटी को रद्द कर नई कमेटी गठित करने को कहा है।

    इसके साथ यह चेतावनी भी दी गई है कि सीबीएफसी ने फिर से कमेटी गठित नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। रिव्यू कमेटी अगर फिल्म को पास कर देती है तो इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ताल, जौहर स्मृति संस्थान-मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के जिला महामंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत ने बताया कि सीबीएफसी चेयरमैन प्रसून जोशी ने 27 दिसंबर को जो 6 सदस्यीय समीक्षा कमेटी गठित की उसमें महेन्द्र सिंह मेवाड़ या उनके बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ को शामिल नहीं किया गया है, जबकि कमेटी में महेन्द्र सिंह मेवाड़ का होना जरूरी है। यह फिल्म मेवाड़ की पूर्व महारानी पद्मिनी पर आधारित है। उन्होंने बताया कि फिल्म में मेवाड़ के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसके प्रमाण फिल्म के टीजर में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।


    14 जनवरी को होगी संगोष्ठी, फैसले लिए जाएंगे

    सर्व समाज ने फिल्म की समीक्षा के लिए संगोष्ठी कर 14 जनवरी तक ऐतिहासिक साक्ष्य जुटाकर महेन्द्र सिंह मेवाड़ को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके बाद महेन्द्र सिंह मेवाड़ और विश्वराज सिंह मेवाड़ के नेतृत्व में महारानी पद्मिनी से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्य सीबीएफसी को भेजे जाएंगे।

    विश्वराज सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम वसुंधरा राजे, सेंसर बोर्ड, राज्य प्रशासन, मंत्री स्मृति ईरानी, मंत्री प्रकाश जावडेकर, मंत्री राज्य वर्धन सिंह राठौड़ को भी पत्र लिखकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने सभी को सलाह दी है कि फिल्म पद्मावती मलिक मोहम्मद जायसी के दार्शनिक लेख पदमावत की संभवतया देन हो सकती है, जिसे इतिहास नहीं माना जा सकता है।


    पहले विश्वराज सिंह को किया था आमंत्रित, पर सीबीएफसी से सवाल किए तो कमेटी में नहीं लिया

    बता देें कि हाल ही में विश्वराज सिंह मेवाड़ को चेयरमैन जोशी ने फोन पर कमेटी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद मेवाड़ ने पत्र लिखकर जोशी से कुछ सवालों के लिखित में जवाब मांगे थे। जिसके बाद बनी कमेटी में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है।

    - टीजर में ही इतिहास से छेड़छाड़ दिखाई गई है। फिर बिना जांचे ही रिलीज करने की तारीख निर्माता ने 1 दिसंबर कैसे घोषित कर दी?
    - फिल्म को यूनाइटेड किंग्डम (यूके) में रिलीज भी कर दिया गया। क्या बोर्ड यूके में दिखाई जाने वाली फिल्म में भी बदलाव करेगा?
    - कहीं फिल्म को लेखिका ‘वेंडी डोनिगर’ की पुस्तक ‘द हिंदूज एन अल्टरनेटिव हिस्ट्री’ की तरह एक प्रकाशक पुस्तकें बाजार से वापस ले लेगा और दूसरा फिर बाजार में उतार देगा?
    - कोई फिल्म किसी के परिवार, समाज और गौरवशाली इतिहास को तथ्य बनाकर बनाई गई तो उसके तथ्यों की पूरी पड़ताल कर अनुमति क्यों नहीं ली गई?
    - फिल्म के टीजर से ही प्रदेश सहित देशभर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। रिलीज होने के बाद सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ा तो क्या बोर्ड जवाबदारी लेगा?

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Web Title: Controversy On Film Padmavati
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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