--Advertisement--

नवजातों को डॉक्टरों के लौट आने का इंतजार, ताकि देख सके वो दुनिया

आज लौटेंगी उम्मीदें, मगर इन कोमल सांसों को मौत के मंजर में छोड़ चले गए थे अपनी मांगें मनवाने ‘भगवान’

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 08:38 AM IST
doctors waiting in Pediatric ICU patients

उदयपुर. ...डॉक्टर साहब, प्लीज काम पर लौट आओ। ये कैसी हड़ताल थी जिसका दर्द हमारे जन्म से पहले से लेकर जन्म के सप्ताह भर बाद भी कम नहीं हो सका। जिंदगी तो ऊपरवाले ने दे दी है पर सप्ताह भर बाद भी हम दुनिया नहीं देख सके हैं। आंखे तक नहीं खुल सकी हैं। नाम तक नहीं मिल पाया है हमें। कितने परेशान होंगे मेरे मां-बाप। मुझे मेरी मां को देखना है।

- डॉक्टर साहब 3 दिन के नवजात और एक मां का दर्द तो समझो। कहीं ऐसा न हो कि जब तक आप लौटो, हम मिले ही नहीं... संभाग के सबसे बड़े एमबी अस्पताल के बाल चिकित्सालय में भर्ती ये 10 दिन तक के नवजात भले ही सोच और बोल नहीं सकते हैं लेकिन उनकी पीड़ा को भास्कर ने उनके मां-बाप के शब्दों के जरिये समझा। अगर वे बोल सकते तो उनके दर्द को लोग जान पाते।

- बाल चिकित्सालय में 5 नवजात आईसीयू में हैं जिनकी जन्म के सात दिन बाद भी आंखें तक नहीं खुल पाई हैं। यहां 2 दिन से लेकर 40 दिन तक के ऐसे दर्जन भर नवजात हैं जिन्हें पल-पल डॉक्टरों की देखरेख की जरूरत है। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण इन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया। डॉक्टर नहीं होने के बाद भी यहां नवजातों को भर्ती रखना मां-बाप की बेबसी है। इसके अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं है।

दबी आवाज में पूछ रही मां : कसूर यही था कि हड़ताल के समय डिलिवरी हुई

बाल चिकित्सालय में नीतू, रेखा, सत्या, सुशीला के चेहरे पर इलाज नहीं मिल पाने से कलेजे के टुकड़े की चिंता की लकीरें और सिकन हैं। नवजातों के मां-बाप दबी आवाज में पूछते रहे- हमारा क्या कसूर था, यही कि हड़ताल के समय ही डिलिवरी हो गई। हमें तो डिलिवरी के दौरान दर्द मिला ही। दो-तीन बार यहां आकर वापस घर को लौट गए। इलाज नहीं मिल सका। इन नवजातों पर तो रहम कर देते सरकार। बाल और जनाना चिकित्सालय के बाहर घंटों से इलाज के इंतजार में बैठी महिलाओं की यही पीड़ा थी।

- 18999 प्रसव होते हैं जनाना अस्पताल में हर साल
- 1200 गर्भवती बिना जांच के ही लौट गई हर दिन

- 08 लाख नवजातों की मौत हुई 2016 में भारत में
- 5वां स्थान है शिशु मृत्यु दर में भारत का विश्व में

doctors waiting in Pediatric ICU patients
doctors waiting in Pediatric ICU patients
X
doctors waiting in Pediatric ICU patients
doctors waiting in Pediatric ICU patients
doctors waiting in Pediatric ICU patients
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..