उदयपुर

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कोर्ट के बाहर बार अध्यक्ष की बेटी के अपहरण का प्रयास, महिला वकील सहित दो गिरफ्तार

कोर्ट के बाहर से बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा की दस साल की बेटी यवंतिका के अपहरण का प्रयास किया।

Danik Bhaskar

Jan 07, 2018, 08:36 AM IST

उदयपुर. महिला वकील के बार अध्यक्ष की बेटी यवंतिका के अपहरण का प्रयास करने के मामले में यह बात सामने आई है कि वह संगीता लगातार बार कार्यकारिणी में सदस्य बनाने के लिए बार अध्यक्ष पर दबाव बना रही थी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार संगीता अपने साथियों से कह रही थी- लड़की को उठा लो, इसका बाप लाखाें रुपए देकर छुड़ाएगा। घटना की बात कोर्ट परिसर के साथ पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। वहां भीड़ जमा हो गई जिससे आरोपी फरार हो गए। बाद में वकीलों ने फोन कर महिला वकील संगीता को कोर्ट परिसर में बुलाया। उसके आते ही युवा वकीलों में रोष फैल गया। और उसकी पिटाई शुरू कर दी। बाद में पहुंची लेडी पेट्रोल टीम ने वकीलों में रोष देख महिला वकील को बार एसोसिएशन कार्यालय ले जाकर बंद कर दिया। घटना के बाद कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में बदल गया। दरअसल बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को न्यायालय परिसर में हो रहा था। नए अध्यक्ष की शपथ ले रहे रामकृपा के माता, पिता, बड़े भाई यज्ञ नारायण शर्मा, पत्नी और बेटी भी कार्यक्रम में आई थी। शपथ समारोह दोपहर में 1 बजे शुरू हुआ। पूर्व बार अध्यक्ष महेंद्र नागदा ने नव निर्वाचित अध्यक्ष रामकृपा शर्मा को शपथ दिलाई। नए महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी और निवर्तमान महासचिव चंद्रभान सिंह शक्तावत के साथ नई कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी मंच पर माैजूद थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के जज रामचंद्र सिंह झाला ने वकीलों को संबोधित किया।


कोर्ट परिसर में पार्किंग फुल होने के कारण बार अध्यक्ष रामकृपा के परिजनों ने अपनी गाड़ी कोर्ट परिसर के बाहर गिर्वा तहसील के पास खड़ी की थी। वहां मौजूद लोगों के अनुसार समारोह के बाद रामकृपा के माता-पिता, पत्नी व बेटी गाड़ी के पास पहुंची ही थी कि पहले से ही वहां अपनी गाड़ी में बैठी एडवोकेट संगीता अरोड़ा और उसके साथ मौजूद तीन युवकों ने रामकृपा की 10 वर्षीय बेटी को पकड़कर कार में खींचने का प्रयास किया। वकीलों ने बालिका को छुड़ाकर परिजनों के हवाले किया। बार अध्यक्ष की बेटी के अपहरण की कोशिश की बात कोर्ट परिसर के साथ पूरे शहर में आग की तरह फैल गई।

छावनी में बदला कोर्ट परिसर, पुलिस-मीडियाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की

घटना के बाद बार के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र नागदा ने संगीता को फोन कर बुलाया। संगीता अपने साथी ठेकेदार के साथ कोर्ट पहुंची। संगीता को देखते ही युवा वकीलों की भीड़ ने उसे घेर लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। माहौल बिगड़ने की सूचना पर एडिशनल एसपी हर्ष रत्नू, डीवायएसपी भगवत सिंह हिंगड़, डीवायएसपी घनश्याम शर्मा, भूपालपुरा थानाधिकारी चांद मल, हिरणमगरी थानाधिकारी संजीव स्वामी, धानमंडी थानाधिकारी राजेश शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे।

चेतावनी को तात्कालिक नाराजगी समझ टाल दिया था, ऐसी उम्मीद नहीं थी : रामकृपा

जब बार अध्यक्ष बना, तभी से एडवोकेट संगीता अरोड़ा सहवृत सदस्य बनाने के लिए दबाव डाल रही थी। उसने कहा था कि उसे बार का सहवृत सदस्य नहीं बनाया तो ठीक नहीं होगा। उसकी चेतावनी को तात्कालिक नाराजगी समझकर टाल दिया था। इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वकील जैसे गरिमापूर्ण पद पर काम करने वाली यह महिला उनकी नाबालिग बेटी के अपहरण का प्रयास कर सकती है।
रामकृपा शर्मा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन

लोगों को गलत फहमी, अपहरण का प्रयास किया होता तो लौटकर कोर्ट आने के बजाय फरार हो जाती : संगीता

संगीता अरोड़ा ने पुलिस पूछताछ में कहा कि उन्होंने किसी के अपहरण की कोशिश नहीं की बल्कि एक बालिका को तहसील के बाहर बस के नीचे आने से बचाया था। संगीता ने कहा कि उसे पता भी नहीं कि बस के सामने आ गई बच्ची रामकृपा की बेटी है। मैं वहां खड़ी थी। बच्ची को बस की चपेट में आने से बचाने के लिए उसका हाथ पकड़कर खींचा था। तभी लड़की चीखने चिल्लाने लगी। लोगों को अपहरण की गलत फहमी हुई। मुझे बार के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र नागदा ने बुलाया था। अगर मैंने अपहरण का प्रयास किया होता तो लौटकर कोर्ट में आने के बजाय फरार हो सकती थी।

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