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Ex CM बोले- मैं कभी पद की मांग नहीं करता,जो हाईकमान कहेगी वही करूंगा

जातिवाद को दूर करने की बात करने वाले प्रधानमंत्री अपनी मुख्यमंत्री को क्यों नहीं रोक पा रहे?

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 06:36 AM IST

उदयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैंने जिंदगी में सिर्फ एक बार वर्ष 1977 के विधानसभा चुनाव में पद की मांग की थी। इसके बाद मुझे आज तक मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। बिना मांगे मुझ पर इतना विश्वास किया गया।


मैंने भी हमेशा प्रयास किया मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष के विश्वास पर खरा उतरूं। आगे भी कभी कोई पद की मांग नहीं करूंगा। जो हाईकमान फैसला करेगी, वहीं काम करूंगा। शनिवार को उदयपुर आए गहलोत ने भास्कर से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ रिश्तों से जुड़े सवाल पर कहा, मेरे हर अध्यक्ष के साथ उनके रिश्ते अच्छे रहे हैं। हमेशा मुझ पर बहुत विश्वास किया गया। चाहे मैं तीन बार केन्द्रीय मंत्री, तीन बार पीसीसी अध्यक्ष, दो बार एआईसीसी महामंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहा। ये पद मुझे बिना लॉबी के और बिना मांगे मिले। अब भी वह किसी पद की मांग नहीं करेंगे।

क्या आप की पार्टी के बड़े नेता डर गए?

अलवर और अजमेर की लोकसभा सीटों और मांडलगढ़ की विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रश्न आया कि क्या आपके बड़े नेता डर गए थे, जो उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा? गहलोत बोले : तीनों ही सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने की रणनीति मेरी, डॉ. सीपी जोशी, पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की रही है।

प्रदेश में जातिवाद फैला रही हैं मुख्यमंत्री राजे

मांडलगढ़, अलवर और अजमेर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जातियों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मिलीं। बाकायदा बयान जारी हुए। जातिवाद को दूर करने की बात करने वाले प्रधानमंत्री अपनी मुख्यमंत्री को क्यों नहीं रोक पा रहे? कटारिया बोलते समय आपा खो देते हैं तो उनको रोकने वाला कोई नहीं होता। इस मामले में मेरी दोनों पक्षों से शांति रखनी की अपील है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

कटारिया तो सभी एसपी काे पद्मश्री न दिलवा दें...

जोधपुर में निर्दोष लोगों के घर व दुकानें जला देने की घटना पर गहलोत बोले कि ये पुलिस-प्रशासन की नाकामी है आैर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया का बस चले तो वे प्रदेश के सभी एसपी को पद्मश्री दिलवा दें।

गुजरात चुनाव के कारण जानबूझकर बिगाड़ा पद्मावती फिल्म का मुद्दा
गहलोत ने फिल्म पद्मावत विवाद पर कहा :
केन्द्र ने पहले तो गुजरात चुनाव के कारण समाधान के बजाय जानबूझकर फिल्म के मामले को बिगाड़ा। राज्यों में इसे प्रतिबंधित करने का एक नाटक किया गया। परिणाम ये रहा सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बावजूद मुद्दा वहीं है, जहां तीन माह पहले था।

मेवाड़ के नेताओं से फीडबैक लेकर जानी पार्टी की स्थिति

पूर्व मुख्यमंत्री शनिवार को उदयपुर पहुंचे और पूर्व पार्षद रोशनलाल साहू के निधन पर अलीपुरा स्थित उनके निवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया। गहलोत कई बार रोशनलाल साहू की फतहसागर स्थित मुंबइया बाजार में लगी दुकान पर चाय पीते रहे हैं। इसके बाद गहलोत सर्किट हाउस पहुंचे। यहां मेवाड़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की।