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फार्मर फ्रेंड एप: फसल की बीमारी के साथ ही समाधान भी चुटकियों में बताएगा

2017 में उदयपुर के पांच छात्रों के एप को मिला था दूसरा स्थान, सरकार ने जारी किया वर्कऑर्डर

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 05:51 AM IST

उदयपुर. पिछले माह उदयपुर में हुए डीजी फेस्ट में हैकाथॉन-2017 में दूसरे स्थान पर आने वाले टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों को सरकार ने वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। हैकाथॉन में किसानों के लिए बनाए गए इनके प्रोजेक्ट को 1800 छात्रों के बीच दूसरा स्थान मिला था। एप में फसलों को लगने वाली बीमारी का पता करने के लिए विशेष तकनीक इस्तेमाल की है।

- किसान अपनी फसल के सामने जाकर इस एप को शुरू करेगा तो इसमें लगे कैमरे फसल की फोटो लेकर उसमें क्या बीमारी है, बता देगा। इसके साथ इस बीमारी का समाधान कैसे हो सकता है इसकी भी जानकारी देगा। नजदीकी केंद्र के नंबर भी देगा।

- इसके अतिरिक्त फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक की जानकारी भी एप में मिलेगी। फसलों के समर्थन मूल्य से लेकर बाजार में क्या कीमत चल रही है इसकी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

सरकार 10 लाख रुपए देगी, छात्रों को सरकार के साथ काम करने का मौका मिलेगा

एप प्लान बनाने वाले छात्रों को 10 लाख रुपए की प्राइज मनी मिलेगी और सरकार के साथ इन्हें काम करने का मौका मिलेगा। हैकाथॉन-2017 में टेक्नो इंजीनियरिंग कॉलेज के रित्विक जोशी, यश कोठारी, भव्य दवे, विवेक घांची और वंश सोनी की टीम बॉटलैब्स ने किसानों के लिए “”फार्मर फ्रेंड’’ नाम से एप तैयार किया था। यह एप सरकार को पंसद आया और प्रदेश सरकार ने वर्कऑर्डर छात्रों को दे दिया है। इसके तहत सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक रमेश चंद्र शर्मा को छात्रों का ऑफिसर इंचार्ज कम मेंटर बनाया गया है। हैकॉथान में चयनित किए गए टॉप-3 टीमों में से राजस्थान से यह एकमात्र टीम थी।

6 महीने में पूरा करना होगा एप बनाने का काम

- सरकार ने वर्क ऑर्डर में छात्रों को 6 माह के भीतर यह एप तैयार करने को कहा है। छात्र प्रदेश के आईटी विभाग के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे। प्रोजेक्ट या एप तैयार होने के बाद इस एप पर डीआेआईटी विभाग और छात्रों का अधिकार होगा।

- टेक्नो कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजशेखर व्यास ने बताया कि छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट पर अच्छा काम किया है।

- व्यास ने बताया कि वर्तमान में आगे बढ़ने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप बेहद अच्छा रास्ता है, सरकार प्रोत्साहन दे रही है और छात्र उसका सदुपयोग कर रहे हैं, यह औद्योगिक भविष्य के लिए अच्छा संकेत है।