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अप्रैल से हाईटेक ट्रैक पर ही होगा DL के लिए टेस्ट, अब नहीं चलेगी सिफारिश

चित्रकूट में 1.42 करोड़ से बन रहा है ट्रैक, अप्रैल में हो जाएगा तैयार

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 08:27 AM IST

उदयपुर. अगर आप अच्छे वाहन चालक हैं, लेकिन सड़क चिह्न, सचेतक और सूचनात्मक सड़क चिह्न का मतलब नहीं जानते हैं तो अब ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा पाएंगे। भले ही किसी की भी सिफारिश क्यों न करवा दें। इसके लिए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय उदयपुर 1.42 करोड़ से चित्रकूट नगर में हाईटेक ड्राइविंग लाइसेंस ट्रैक तैयार करा रहा है। जो अप्रैल तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

आरटीओ डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि नए ट्रैक पर ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट होंगे। ट्रैक पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों का टेस्ट लिया जाएगा। ट्रैक कैमरे और सेंसर से लैस होगा। जो ऑटोमेटिक सिस्टम से ड्राइविंग की जांच करेगा। सिस्टम टेस्ट की मॉनिटरिंग के बाद फेल या पास के परिणाम हाथोहाथ थमा देगा। पूरी प्रक्रिया की रिकार्डिंग भी होगी ताकि आवेदक अपनी गलतियों को देख भी सके। हर आवेदक की करीब 37 बिंदुओं पर जांच होगी। पास होने के लिए आवेदक को 60-80 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इसमें किसी की भी दखलअंदाजी नहीं चल सकेगी।


हर साल एक लाख से भी ज्यादा बन रहे लाइसेंस
05 हजार 400 दुपहिया वाहनों के लाइसेंस हर साल
42 हजार 300 दुपहिया विद गियर और कार
54 हजार लाइसेंस रिन्यूअल होते हैं।
07 हजार 200 सौ डुप्लीकेट
05 हजार 400 सौ हैवी


एट, एच, ट्रिपल एट आकार ट्रैक पर ऐसे देना होगा टेस्ट
आरटीओ डॉ. रावत ने बताया कि सरकार से 1.42 करोड़ की मंजूरी के बाद 70,467 वर्ग फीट में ड्राइविंग ट्रैक, कंट्रोल रूम, वेटिंग रूम, पार्किंग ट्रैक, पार्किंग आदि का काम शुरू कर दिया है। यहां चालक को सभी नियमों की पालन करते हुए वाहन को सीधे फॉरवर्ड यानी 8 (एट) ट्रैक और एच ट्रैक, ट्रिपल एट ट्रैक के आकार में चलाना होगा। यही नहीं, रिवर्स में भी इसी तरह चलाकर दिखाना होगा। ट्रैक पर बनी दोनों ओर रोड मार्किंग की जाएगी, आवेदक अगर चार बार से ज्यादा इस लाइन पर पहिया चढ़ा देगा तो सिस्टम उसे फेल कर देगा। इसी तरह सीधे-रिवर्स चलाने के लिए भी समय तय होगा। तय समय में टेस्ट पूरा नहीं करने पर भी आवेदक को फेल घोषित कर दिया जाएगा। गाड़ी को रैंप पर चलाना और पार्किंग में लगाने के लिए भी ट्रैक पर अलग से व्यवस्था की जा रही है।

सड़क हादसों का इसलिए घट सकता है ग्राफ
परिवहन विभाग के एक्सपर्ट के मुताबिक इस व्यवस्था से सड़क हादसों में भी कमी जाएगी। क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले आवेदकों को आदेशात्मक सड़क संदेशों से रुकने, दास्ता देने, प्रवेश करने, हॉर्न बजाने, वाहन को साइड देने, साइकल ट्रैक से बचकर चलने, सचेतक सड़क संदेशों से दाएं -बांए, चढ़ाई, ढलान, पुल, ऊबड़-खाबड़ रोड, सूचनात्मक सड़क संदेशों से बस स्टॉप, पैदल पथ, अस्पताल, मार्ग की दूरियां जैसी जानकारी जरूरी होंगी।