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मेवाड़ के बारे में स्कूल-कॉलेजों में नहीं पढ़ाया जाना इतिहास के साथ नाइंसाफी: राजनाथ

गृहमंत्री राजनाथ सिंह बोले- मेवाड़ की डिक्शनरी में सिर्फ विजय या वीरगति शब्द ही है, आत्मसमर्पण नहीं

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 05:43 AM IST

उदयपुर/राजसमंद. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि मेवाड़ का इतिहास देश ही नहीं, दुनिया के लिए प्रेरक है। महाराणा प्रताप की शक्ति, मीरा की भक्ति, पन्नाधाय का बलिदान, महाराणा कुंभा की वीरता, भामाशाह की युक्ति और वीरांगनाओं की मुक्ति जैसी गाथा किसी और देश मेें देखने को नहीं मिलती है। पर अफसोस है कि इन गाथाओं को बच्चों को नहीं पढ़ाया जा रहा है। यह मेवाड़ के इतिहास के साथ इंसाफ नहीं है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार को राजसमंद जिले में देवगढ़ क्षेत्र के मदारिया गांव में महाराणा कुंभा की 601वीं जयंती पर मेवाड़ महाकुंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।


केंद्रीय गृहमंत्री ने 45 मिनट के संबोधन में 30 मिनट से ज्यादा मेवाड़ के इतिहास और शौर्य का बखान किया

- राजनाथ सिंह ने लोगों को 45 मिनट तक संबोधित किया जिसमें 30 मिनट से ज्यादा वे मेवाड़ और राजस्थान की इतिहास की प्रशंसा करते रहे।

- उन्होंने देश की अार्थिक व्यवस्था, पाकिस्तान की हरकतों, सैन्य सुरक्षा में मजबूती और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की खूबियां बताई पर सबसे ज्यादा वक्त मेवाड़ के इतिहास और शौर्य का बखान करने में दिया।

- उन्होंने कहा कि मेवाड़ की डिक्शनरी में आत्मसमर्पण का कोई शब्द नहीं है, इसी कारण यहां का इतिहास दुनिया के लिए प्रेरक है। यहां विजय नहीं तो वीरगति ही मान्य है। इसके अलावा तीसरा कोई शब्द यहां के इतिहास में देखने काे नहीं मिलता है।

तीनों मंत्रियों ने पद्मिनी के जौहर और पद्मावती फिल्म पर रखा फोकस, पर राजनाथसिंह कुछ नहीं बोले

- समारोह में प्रदेश के तीन मंत्रियों के संबोधन में रानी पद्मावती के जौहर और उन पर बनी फिल्म पद्मावती में तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करने पर नाराजगी जताई। तीनों मंत्रियों ने पद्मावती सरीखी फिल्मों के माध्यम से मेवाड़ की आन-बान और शान से खिलवाड़ करने जिक्र किया।

- गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने तो इस फिल्म को दिल्ली में बैठी सरकार के माध्यम से पूरे देश में बैन करवा देने की मंशा जताई, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथसिंह फिल्म पर बैन लगाने या इसमें तथ्यों से हुई छेड़छाड़ पर कुछ नहीं बोले। इससे लोगों को मायूस मिली।

- राजनाथसिंह ने संबोधन में वीरांगनाओं की मुक्ति का जिक्र जरूर किया, लेकिन पद्मिनी के इतिहास पर ज्यादा कुछ नहीं बोले। पांडाल में बैठे हजारों लोगों में राजपूत समाज के लोगों की संख्या काफी थी। गृहमंत्री कटारिया ने दिल्ली में बैठी सरकार के स्तर पर फिल्म को देशभर में बैन करवाने की मंशा जताई तो लोगों को लगा कि शायद राजनाथसिंह देशभर में इस फिल्म के प्रसारण पर बैन लगाने की घोषणा कर देंगे, लेकिन संबोधन खत्म करते सुनकर पांडाल में बैठे कुछ लोगों ने पद्मावती फिल्म पर बैन लगाने की मांग को लेकर कुर्सी पर खड़े हो गए। हालांकि बाद में भी राजनाथसिंह ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

- समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने पद्मावती फिल्म का नाम बदलकर इसे पद्मावत के नाम से रिलीज करने पर दर्द जताया।

- माहेश्वरी ने कहा कि रानी पद्मिनी जौहर सिर्फ इस बात पर किया कि मुगल उसका चेहरा भी देख नहीं सके, लेकिन फिल्म में गलत तथ्य बताने पर प्रदेश की सरकार ने फिल्म पर बैन लगा दिया है।

-पंचायतराज मंत्री राजेंद्रसिंह राठौड़ ने कहा कि 16000 रानियों के साथ जौहर करने वाली रानी पद्मिनी के इतिहास को तोड़मरोड़ कर पेश किया है। इसकी आवाज प्रधानमंत्री तक जाए।

- उन्होंने लेखक कर्नल टॉड का हवाला देते हुए राजपुताना, मेवाड़ के इतिहास को वीरता, त्याग, तपस्या वाला बताया। कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी फिल्म में तथ्यों को लेकर रोष जताया।

-समारोह से पहले धरोहर सरंक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत ने महाराणा कुंभा का इतिहास बताया।

8 राज्य ही नहीं, पूरे देश में रिलीज नहीं होने देंगे पद्मावत फिल्म : कालवी

- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी का कहना है कि पद्मावत फिल्म का नाम बदलने से इतिहास नहीं बदल जाएगा। जहां एक और सेंसर बोर्ड ने नाम बदलकर 8 राज्यों को छोड़कर अन्य दूसरे राज्यों में रिलीज करने के आदेश दिए है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी महाराणा कुंभा की कुलदेवी मदारिया में प्राचीन चामुंडा माता मंदिर दर्शन करने आए थे। जहां पर भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि पदमावत फिल्म रिलीज होने को लेकर कड़ा रुख दिखाया। फिल्म के रिलीज होने को लेकर करणी सेना और राजपूत समाज में रोष हैं।

पद्मावत फिल्म को पूरे देश में बैन करो : कटारिया

- इस दौरान प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने केंद्रीय गृहमंत्री से पद‌्‌मावत फिल्म पर पूरे देश में बैन लगाने की मांग की।

- समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़, राजसमंद सांसद हरि ओमसिंह राठौड़, धरोहर प्राधिकरण सिमिति के अध्यक्ष औंकारसिंह लखावत, महाराणा कुंभा और मेवाड़ के इतिहास के बारे में विचार व्यक्त किया।

मदारिया में जन्मस्थली का होगा विकास

- केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देवगढ़ के मदारिया स्थित महाराणा कुंभा की जन्म स्थली का विकास करवाने की बात कही।

- उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने केंद्रीय धरोहर संरक्षण समिति को प्रोजेक्ट बनाने कहा है। जल्द ही इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के आधार पर यहां विकास होगा।