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पुलिस ने महेन्द्र सिंह मेवाड़ के क्रिमिनल बैकग्राउंड की मांगी जानकारी, SSP ने माफी मांगी

मामले के तूल पकड़ते ही गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि मामले में कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर भी कर दिया है।

Dainik Bhaskar

Feb 17, 2018, 06:37 AM IST
चित्तौड़ से सांसद रह चुके महें चित्तौड़ से सांसद रह चुके महें

उदयपुर. फिल्म पद्मावत का खुलकर विरोध करने वाले पूर्व राजघराने से जुड़े और चित्तौड़ से सांसद रह चुके महेन्द्र सिंह मेवाड़ की राज्य सरकार अब पुलिस के माध्यम से क्रिमिनल डोजियर तैयार करवा रही है। उदयपुर एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल के हस्ताक्षरयुक्त पत्र में उनको कांग्रेस पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी मांगी है। मामला तब सामने आया जब घंटाघर थाने में कार्यरत कॉन्स्टेबल सूरजमल इस गोपनीय पत्र को लेकर महेंद्र सिंह मेवाड़ के पास ही पहुंच गया। महेंद्र सिंह की नाराजगी के बाद जब मामला तूल पकड़ने लगा तो एएसपी सिटी हर्ष रत्नु ने पुलिस के इस पत्र को लेकर महेंद्र सिंह से माफी मांगी। इधर, गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि मामले में कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर भी कर दिया है।

ऐसे पूरा मामला खुल गया

दरअसल, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने 5 फरवरी को यह गोपनीय पत्र जारी कर सूरजपोल थाने पहुंचाया था। जबकि, महेंद्र सिंह मेवाड़ का निवास स्थान समोर बाग घंटाघर थाना क्षेत्र में होने के कारण 7 फरवरी को सूरजपोल ने घंटाघर थाने में देने के लिए भिजवाया। बताया गया कि घंटाघर थानाधिकारी उमेश ने पत्र जांच के लिए रखा, लेकिन कॉन्स्टेबल सूरजमल पत्र लेकर मेवाड़ के सामने पेश हो गए, जिससे पूरा मामला खुल गया।

मेवाड़ ने पत्र पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित सरकार के कई प्रतिनिधियों को पत्र लिखा है। महेंद्र सिंह सिर्फ मेवाड़ ही नहीं देशभर के राजपूत समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के कारण समाज के नेताओं ने इस अशोभनीय भाषा में लिखे पत्र पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा है कि सरकार उन पर शिकंजा कस रही है।

यह पुलिस प्रशासन की अराजकता है- महेन्द्र सिंह मेवाड़

महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, सीएम वसुंधरा राजे, गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर कहा है कि 5 फरवरी को शाम 6.30 बजे थानाधिकारी घंटाघर की ओर से उन्हें एक पत्र दिया गया। जिसमें उनके आपराधिक मामलों की रिपोर्ट मांगी गई। उन्होंने लिखा है कि अगर कानून मानने वालों को भी पुलिस ऐसे परेशानी करती है तो पुलिस को वर्दी उतार देनी चाहिए। पुलिस की ऐसी कार्यशैली प्रशासन की अराजकता भी दिखाती है। हालांकि उन्होंने आगे लिखा है कि उनसे एएसपी उदयपुर शहर ने फोन पर माफी मांगी है।

रुटीन गोपनीय पत्र है, राजनीतिक नहीं : राजेन्द्र प्रसाद गोयल,एसपी

Q. महेन्द्र सिंह मेवाड़ के नाम से ऐसा पत्र क्यों जारी किया गया है, जिसमें आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मांगी गई है?

यह गोपनीय पत्र है। वीआईपी पर्सन की सुरक्षा के लिए जिला विशेष शाखा में जानकारी रखी जाती है। विशेष रूप से मेवाड़ के लिए अगल से कोई आदेश नहीं दिया है। Q कहीं यह पत्र राज्य सरकार के इशारे पर महेंद्र सिंह मेवाड़ के पद्मावत फिल्म पर रुख को लेकर तो नहीं है? पद्मावत फिल्म का इस मुद्दे से कोई लेना देना नहीं है।

Q. पत्र में साफ लिखा है कि महेंद्र सिंह कांग्रेस पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, तो क्या सरकार इसलिए तो कहीं दबाव नहीं बना रही है?

यह पत्र राजनीतिक कतई नहीं है। पत्र की भाषा जरूर कई साल से ऐसी ही चली आ रही है। इसमें संशोधन करेंगे।

यह पुलिस की रुटीन प्रक्रिया है, ऐसा पत्र मेरे लिए भी हो सकता है

होम मिनिस्टर गुलाबचंद कटारिया ने मामले पर कहा कि यह मामला ध्यान में आया है और इस बारे में कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर भी कर दिया है। पुलिस रुटीन में राजनेताओं की जानकारी रखती है। ऐसे पत्र में मेरा नाम भी होगा। जैसे ही महेंद्र सिंह मेवाड़ के यहां से जानकारी मिली तो एएसपी ने उनसे माफी भी मांग ली है। -,

मुझे ऐसे पत्र की जानकारी नहीं : आईजी

महेन्द्र सिंह मेवाड़ से जुड़े इस तरह के पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक ही बता पाएंगे। -आनंद श्रीवास्तव, आईजी, रेंज उदयपुर

थानाधिकारियों को पत्र की जानकारी नहीं

घंटाघर थानाधिकारी उमेश और सूरजपोल थानाधिकारी आदर्श इस पत्र को लेकर साफ मुकर गए। जब इस बारे में उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस प्रकार के गोपनीय पत्र के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जबकि घंटाघर थाने से ही कॉन्स्टेबल सूरजमल महेंद्रसिंह मेवाड़ के पास पत्र लेकर पहुंचा था।

मेवाड़ के मान बिंदु हैं महेंद्र सिंह

राजपूत समाज मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के संरक्षक रावत मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा है कि पूर्व महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ राजपूतों के ही नहीं, बल्कि मेवाड़ के मानबिंदु हैं। यह पत्र व्यवहार अशोभनीय है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे इस प्रकरण को लेकर जब एसपी से मिले तो उन्होंने कहा कि उनके अवकाश पर होने से यह गफलत हो गई। एएसपी ने उनके माफी भी मांग ली है। सकल राजपूत महासभा के संरक्षक तनवीर सिंह कृष्णावत ने कहा है कि पद्मावत प्रकरण को लेकर सरकार राजपूत समाज के नेताओं पर शिकंजा कसने की कोशिश कर ही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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