Hindi News »Rajasthan »Udaipur» Messages From Kites In Country And Abroad By Sohel Khan

देश-विदेशों में पतंगाें से दे रहे संदेश, ताकि चाइनीज मांझे से न कटे जिंदगी की डोर

सोहेल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में पतंगबाजी करके उदयपुर लौटे हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 08, 2018, 08:19 AM IST

  • देश-विदेशों में पतंगाें से दे रहे संदेश, ताकि चाइनीज मांझे से न कटे जिंदगी की डोर
    +1और स्लाइड देखें

    उदयपुर. ये हैं उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज सोहेल खान। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पतंगबाजी में हुनर दिखा चुके सोहेल भारत के साथ कई देशों में चाइनीज मांझे का उपयोग नहीं करने का संदेश देने के साथ विदेशों की हवा में मेवाड़ी गौरव व संस्कृति को फहरा रहे हैं।

    - सोहेल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में पतंगबाजी करके उदयपुर लौटे हैं। उदयपुर में पिछले 15 वर्ष से निर्जला एकादशी पर अपनी पतंगबाजी से आकर्षित करने वाले 26 वर्षीय सोहेल पहली बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पर खास पतंगें उड़ाएंगे।

    - सोहेल का कहना है चाइनीज मांझे से देशभर में हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। इसे लेकर लोगों को जागरूक करने को वे देश भर में अभियान भी चलाते हैं।

    एनजीटी की रोक के बाद भी चाइनीज मांझा काट रहा जीवन की डोर

    - नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) चाइनीज मांझे की खरीद, स्टोरेज पर पूरी तरह रोक लगा चुका है।

    - इससे हाल ही में 4 जनवरी को जयपुर के श्याम नगर क्षेत्र में बाइक सवार महावीर (30) की हेलमेट पहनने के बाद भी गर्दन की श्वास नली कटने से मौत हो गई थी। ऐसे ही हादसों में प्रदेश में कई मौतें हो चुकी हैं।

    तुर्की में तिरंगे और प्रताप की पेंटिंग वाली पतंग से आए सुर्खियों में
    - सोहेल ने बताया कि वे 11 साल की उम्र से ही अपने मामा अब्दुल मलिक के साथ पतंगबाजी के लिए अंतरराष्ट्रीय पतंग फेस्टिवल में पतंगें उड़ाने जाते रहे हैं।

    - 2011 में मलिक की 32 साल की उम्र में मौत हो जाने के बाद वे उनकी सिखाई बातें लोगों को बता रहे हैं।

    - वे मई 2017 में तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में हुए पतंग उत्सव में राष्ट्रध्वज तिरंगा और महाराणा प्रताप की पेंटिंग की पतंगें उड़ाकर सुर्खियों में रहे थे।

    फतहसागर झील पर पहली बार मकर संक्रांति पर्व पर निर्जला एकादशी जैसा नजारा होगा
    - सोहेल अभियान का आगाज 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व के दिन फतहसागर झील के पेटे से पतंग उड़ाकर करेंगे। इस दौरान उनकी टीम के सदस्य अब्दुल रसीद, दानिश और कलीम भी साथ होंगे।

    -अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज रहे अब्दुल मलिक के भाई अब्दुल रसीद ने बताया कि 1999 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब सोहेल मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी करेंगे। 1999 में अब्दुल मलिक ने निर्जला एकादशी के दिन से पतंगबाजी शुरू की थी।

  • देश-विदेशों में पतंगाें से दे रहे संदेश, ताकि चाइनीज मांझे से न कटे जिंदगी की डोर
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Messages From Kites In Country And Abroad By Sohel Khan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Udaipur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×