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पद्मावती: जबरदस्ती रिलीज की जा रही फिल्म, प्रसून जोशी के वर्क स्टाइल की जांच हो

मेवाड़ ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और केन्द्रीय राज्य सूचना प्रसारण मंत्री राठौड़ को पत्र लिखा

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 05:50 AM IST

उदयपुर. विवादित फिल्म पद्मावती के संशोधन के लिए पहली कमेटी में शामिल नहीं करने और गुपचुप तरीके से दूसरी कमेटी बनाकर निर्णय गुप्त रखने के मामले में मेवाड़ के पूर्व राजघराने के पूर्व महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के चेयरमैन प्रसून जोशी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

- उन्होंने कहा है कि जोशी की कार्यशैली की जांच हो। कोई गड़बड़ी मिली तो सरकार उनसे इस्तीफा ले। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ऐसा लग रहा है कि समुदायों के बीच माहौल बिगाड़ने के लिए इस फिल्म के जबरदस्ती प्रदर्शन की कोशिश की जा रही है।

- मेवाड़ ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और केन्द्रीय राज्य सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ को लिखे पत्र में कहा है कि उनके पुत्र विश्वराज सिंह मेवाड़ को 21 दिसम्बर को सीबीएफसी के चेयरमैन जोशी ने फिल्म पद्मावती की रिव्यू कमेटी के लिए आमंत्रित किया था। जिसके बाद विश्वराज सिंह ने कमेटी में शामिल होने से पहले सवाल पूछा कि आप हम सदस्यों से क्या चाहते हैं, इसका लिखित में जवाब दें, लेकिन कमेटी के किसी भी सदस्यों को इसका जवाब नहीं मिला। सिर्फ टेलीफोन पर ही बात सीमित रही।

- इस बीच सीबीएफसी ने गुपचुप तरीके तीन लोगों की कमेटी गठित कर दी। फिर उस कमेटी में अभी तक क्या हुआ, वह भी पूरी तरह गुप्त रखा गया है। मैं आश्वस्त हूं कि कमेटी में तीन में से दो सदस्यों ने फिल्म के प्रदर्शन को नकारा है। बावजूद प्रसून जोशी ने फिल्म में पांच सुधार करने का दावा करते हुए (यू/ए) सर्टिफिकेट जारी करने का ऐलान कर दिया।

फिल्म इतिहास और पद्मावत दोनों पर आधारित नहीं : मेवाड़
महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने पत्र में यह भी लिखा है जानकारों के अनुसार यह फिल्म इतिहास और जायसी के पद्मावत दोनों पर ही आधारित नहीं है। ऐसा होना सेंसर बोर्ड के कायदों का भी उल्लंघन होना प्रतीत हो रहा है। ऐसे में प्रसून जोशी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।