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1505 में से 1295 डॉक्टर भूमिगत, गिरफ्तार डॉक्टर ने किया पुलिसवालों का इलाज

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:42 AM IST

चरमराई चिकित्सा व्यवस्था: सिर्फ 182 चिकित्सकों के भरोसे रहे संभाग के छह जिले, अस्पताल बेहाल
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    िरफ्तार किए सेवारत संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बामनिया ने थाने में किया पुलिस वालों का इलाज

    उदयपुर. रेस्मा में लगातार हो रही गिरफ्तारी के डर से सोमवार को संभाग के 1505 में से 1295 सरकारी डॉक्टर भूमिगत (हड़ताल पर) रहे। इनमें 1098 में 888 सेवारत डॉक्टर भी शामिल हैं। वहीं आरएनटी मेडिकल कॉलेज के 341 रेजीडेंट्स और 66 सीनियर रेजीडेंट्स सहित सभी 407 डॉक्टर भी ड्यूटी छोड़ गायब हो गए हैं। रविवार रात गिरफ्तार किए अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एसएल बामनिया को सोमवार तहसीलदार गिर्वा के न्यायालय में पेश किया गया। जहां उन्हें 10 हजार के मुचलके पर जमानत देकर छोड़ा गया।

    - उदयपुर में 341 में से 312, प्रतापगढ़ में 89 में से 75 और राजसमंद में 130 में से 96 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। संभागभर में सेवाएं तो सिर्फ 182 चिकित्सकों ने दी हैं। इससे सभी जिला और सेटेलाइट अस्पतालों सहित लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सेवाएं चरमरा गई हैं।

    - एमबी हॉस्पिटल में रेजिडेंट्स के हड़ताल पर जाने की वजह से भर्ती मरीजों का उपचार नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा है। क्योंकि सभी विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी, मेडिसिन, सर्जरी, ट्रोमा सहित विभिन्न वार्डों में राउंड लेते रहे।

    डॉ. एसएल बामनिया बोले-हम मरीजों का दर्द समझते हैं, सरकार भी हमारा दर्द समझे

    - सेवारत संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. बामनिया ने जमानत पर छूटने के बाद बताया कि उन्होंने थाना गोवर्धन विलास में ही ओपीडी लगाकर सुबह 9 से 11.30 बजे तक करीब 30 मरीजों का उपचार किया। इनमें 15 पुलिस जवान भी शामिल हैं।

    - डॉ. बामनिया का कहना है कि हम मरीजों का दर्द समझते हैं, लेकिन सरकार भी हमारा दर्द समझे।

    गोगुंदा सीएचसी पर परिजनों को कराना पड़ा प्रसव

    - शनिवार रात को करीब 2.30 बजे घाटा गांव की नानी गमेती के प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे 104 एंबुलेंस से सीएचसी में लाए, लेकिन वहां पीड़िता को देखने वाला कोई स्टाफ नहीं था। पीड़ा बढ़ जाने से परिवार की महिलाओं ने ही प्रसव करवाया। नानी ने लड़की को जन्म दिया।

    - प्रसव के बाद तक सीएचसी स्टाफ ने प्रसूता की सुध नहीं ली। उसके बाद परिजनों ने ही प्रसूता को महिला वार्ड में लगे बेड पर लिटा दिया।

    - पीड़िता के पति भैरुलाल गमेती ने बताया कि प्रसव पंजीयन रजिस्टर में भी प्रसूता का नाम नहीं लिखा गया। जिस कारण राजश्री योजना का लाभ लेने में भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

    कल से विशेषज्ञ डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर गए तो ऑपरेशन तक टल जाएंगे

    - राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राहुल जैन ने बताया कि सरकार से अपनी मांगें मनवाने मंगलवार को एसोसिएशन की बैठक होगी। बैठक में बुधवार से सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है।

    - गौरतलब है कि एसोसिएशन के लगभग 150 सीनियर प्रोफेसर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर्स अस्पताल में सेवाएं देंगे। इनमें से करीब 100 डॉक्टर एमबी, 30-35 जनाना, 10 बाल चिकित्सालय और शेष अन्य अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं।

    - हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के दो घंटे के कार्य बहिष्कार के कारण एमबी, जनाना और बाल चिकित्सालय में सिर्फ प्रसूताओं के सिजेरियन जैसे ही इमरजेंसी ऑपरेशन ही हो सकेंगे। मेडिसिन, सर्जरी, कार्डियोलॉजी-कार्डियो थोरेसिक सर्जरी आदि में इमरजेंसी के अलावा अन्य ऑपरेशन टाल दिए जाएंगे।


    संभाग में नाकाफी रहीं वैकल्पिक व्यवस्थाएं

    - अस्पतालों में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए विभाग की ओर से की व्यवस्था नाकाफी रही। ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. आरएन बैरवा ने बताया कि उदयपुर में 71 आयुष और एक निजी मेडिकल कॉलेज के 9 डॉक्टर, बांसवाड़ा में 30 आयुष, डूंगरपुर में 12 आयुष, ऐसे ही 15-15 डॉक्टरों ने प्रतापगढ़, राजसमंद और चित्तौडग़ढ़ में सेवाएं दीं।

    जनाना-बाल चिकित्सालयय में नवजातों और प्रसूताओं पर आफत

    पन्नाधाय जनाना और बाल चिकित्सालय में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहारे ही अस्पताल चला। जनाना में प्रेग्नेंट महिला रीता, रामा बाई ने बताया कि उन्हें बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल ये उदयपुर रैफर किया गया। वे यहां सुबह 9.30 बजे ही आ गए थे, लेकिन 12.30 बजे तक भी डॉक्टर को दिखाने का नंबर नहीं आ सका है। वहीं बाल चिकित्साल की अोपीडी एकल डॉक्टर के भरोसे चली। यहां हॉस्पिटल के डिस्चार्ज की मदार निवासी 23 वर्षीय प्रसूता भावना अपने नौ दिन के नवजात को दिखाने दो घंटे लाइन में लगी रही। इन्हीं हालातों में अन्य मरीज थे।


    सांसत में रही मरीजों की जान

    एमबी हॉस्पिटल सुबह 10.15 बजे : एमबी का आउट डोर सैकड़ों मरीजों से खचाखच भरा रहा। यहां चंद विशेषज्ञ डॉक्टर होने से घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा। मानसू, फलासिया निवासी 80 वर्षीय केसूलाल, खेरोदा निवासी 65 वर्षीय कमली बाई ने बताया कि उनके यहां स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। यहां सुबह 8.30 बजे से लाइन में बैठे हैं।

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    उदयपुर. एमबी अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करती खेरोदा से आई बीमार कमली बाई।
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    उदयपुर. एमबी अस्पताल में डाक्टर नदारद हैं वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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