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अब CCTV कैमरों की निगरानी में रहेंगे अफीम के खेत; कंटीले तार बांधे, करंट तक छोड़ा

डोडों को चोरी होने से बचाने के लिए उन्होंने 4 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन पर करीब 22 हजार रुपए का खर्च आया है।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 05:16 AM IST
Now the CCTV cameras will be under supervision of opium farm

उदयपुर. काला सोना यानी अफीम फसल के डोडों को चोरी होने से बचाने के लिए पट्टाधारक अब खेतों पर सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं। मेवाड़ में यह पहला मौका है, जब अफीम की फसल की इस तरह से कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। उदयपुर जिले में मावली और चित्तौड़गढ़ जिले के कुछ गांवों में किसान सीसीटीवी लगा चुके हैं।

- मावली तहसील के ईंटाली खेड़ा गांव में अफीम पट्‌टाधारक रामचंद्र पुत्र शंकरलाल जणवा ने दस आरी में अफीम की बुवाई की है। डोडों को चोरी होने से बचाने के लिए उन्होंने 4 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन पर करीब 22 हजार रुपए का खर्च आया है। कैमरे दिन-रात चालू रहते हैं।

- उन्होंने बताया कि गाढ़ी मेहनत से अफीम की फसल बड़ी करते हैं। हर बार पकने की अवस्था में बदमाश अफीम के डोडे चोरी कर ले जाते हैं। इसलिए उन्होंने खेत पर कैमरे ही लगवा दिए हैं।

- खेताखेड़ा में जगदीश जाट, नरेश, रामलाल ने भी अपने खेत पर दो-दो कैमरे लगा रखे हैं। खेरोदा के जीतमल जाट कैमरे लगवाने की तैयारी कर रहे हैं। वाना, अमरपुरा के पट्‌टाधारकों ने भी कैमरे लगवाए हैं।

- चित्तौड़गढ़ जिले के चौकड़ी, आकोला में भी कुछ पट्‌टाधारकों ने कैमरे लगवाए हैं। पट्‌टाधारक बताते हैं कि सबसे बड़ी परेशानी अफीम की फसल को तोतों से बचाने में आती है।

- पक्षियों की चोंच से हरे डोडे फट जाते हैं। ऐसे में डोडों के भीतर पोस्तादाना और अफीम का दूध नहीं पनप पाता है। पक्षियों से अफीम की फसल को बचाने के लिए प्लास्टिक की जाली का एक कमरे नुमा आवरण खेत के ऊपर तैयार कर रहे हैं।

ताकि सुरक्षित रहे फसल : कंटीले तार बांधते हैं, करंट तक छोड़ते हैं

तोतों से ज्यादा खतरा : अफीम की फसल को नीलगायों, ताेतों, पशुओं से बचाने के लिए पट्‌टाधारक कई जतन करते हैं। खेतों पर कंटीले तारों की बाड़ बांधकर इनमें रात को करंट छोड़ा जाता है ताकि नीलगायें दूर रहें। चमकीली फर्रियां, एलईडी लाइटों, प्लास्टिक की जाली लगाकर भी अफीम की फसल को बचाने के पारंपरिक जतन किए जाते हैं। किसानों ने फसल को बचाने के लिए कई जगहों पर ऊंची दीवारें भी बनवाई है। किसानों ने फसल को नीलगाय से बचाने के लिए खेत के चारों तरफ 8-8 फीट ऊंची तारों की जाली लगाई है तो किसी किसान ने खेत के चारों तरफ कपड़े की बाड़ बनाई है। अफीम पट्‌टाधारक जगदीश जाट ने बताया कि अफीम फसल को नीलगाय के झुंडों से खतरा रहता है।

घर बैठे देख सकते हैं खेत की स्थिति
पट्‌टाधारक रामचंद्र ने बताया कि खेत पर लगाए चारों कैमरों को मोबाइल से जोड़ रखा है। इससे घर पर हो या बाहर, कहीं भी बैठकर खेत पर नजर बनाए रख सकते हैं। पट्‌टाधारकों का कहना है कि सीसीटीवी लगाने के बाद अफीम के डोडे चोरी होने की उनकी चिंता कम हो गई है। हर बार डोडे पकने की अवस्था में इनके चोरी होने का खतरा रहता है।

हर साल चोरी हो जाते हैं अफीम के डोडे
पिछले साल उदयपुर जिले के वाना, ईंटाली, चारगदिया में खेतों से अफीम के डोडे चोरी की पांच वारदात हुई थी। इन वारदातों में गिरोह पकड़ में नहीं आया था। अफीम के डोडे लूटने के लिए आने बदमाश किसानों पर जानलेवा हमले करने में भी नहीं कतराते। इन वारदातों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस अफीम के लाइसेंसी किसानों को एकजुट होकर खेत की सुरक्षा करने को कहते हैं।

Now the CCTV cameras will be under supervision of opium farm
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