उदयपुर

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डाॅक्टर साहब! दर्द की ये तस्वीरें देखिए, 15 हजार मरीजों को आपका इंतजार

हड़ताल : जिले के 719 डॉक्टर भूमिगत, एक भी गिरफ्तारी नहीं, डॉक्टरों ने सीएम को लिखा वार्ता की पहल के लिए पत्र

Danik Bhaskar

Dec 20, 2017, 05:19 AM IST

उदयपुर. जिले के जिन 312 सेवारत और 407 रेजीडेंट्स डॉक्टरों पर 128 अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 12-15 हजार मरीजों के इलाज करने का जिम्मा है, वे दूसरे दिन मंगलवार को भी रेस्मा का उल्लंघन कर भूमिगत रहे। पुलिस मंगलवार को एक भी डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इधर सभी रेजीडेंट्स के एक साथ हड़ताल पर जाने से एमबी हॉस्पिटल में 34 ऑपरेशन टल गए। बहिरंग विभाग में सुबह 8.30 बजे से ही लाइन में लग गई।

एमबी, बाल चिकित्सालय और जनाना अस्पताल के कई वार्डों में गंभीर भर्ती मरीजों को भी सुबह 10.30 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों के देखने का इंतजार रहा। परेशानी रात में तब और भी बढ़ गई जब एक-एक डॉक्टर को ही आईसीयू और वार्डों में ऊपर-नीचे जाकर इलाज करना पड़ा। वह भी नर्सिंग स्टाफ के फोन पर।

- वहीं, संभाग में 440 अस्पताल-स्वास्थ्य केंद्रों के 1098 में से 915 सेवारत डॉक्टर भूमिगत रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मेडिकल प्रेक्टिशनर्स सोसायटी, राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन, ऑल राजस्थान इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन, रेजीडेंट्स यूनियन की बैठक मंगलवार को हुई।

- टीचर्स एसो. के सचिव डॉ. राहुल जैन ने बैठक में सीएम को पत्र लिखकर मांग की है कि वे वार्ता कर मामले को सुलझाएं।

गश खाकर गिरा बुजुर्ग, संभालने वाला नहीं

मेडिसिन, नाक-कान-गला, स्त्री एवं प्रसूती रोग, बाल एवं शिशु रोग विभाग की ओपीडी में एक्का-दुक्का चिकित्सक ही रोगियों को मिले। यही नहीं, गश खाकर फर्श पर गिरे बुजुर्ग मरीजों को भी संभालने वाला कोई नजर नहीं आया। सलूंबर निवासी 65 वर्षीय हेतराम दिल के मरीज हैं, जो तेज बुखार, सर्दी के कारण गश खाकर एमबी की ओपीडी में गिर गए थे। बाल चिकित्सालय के आईसीयू में गंभीर भर्ती नवजात-बच्चे नर्सिंग स्टाफ के भरोसे रहे। विशेषज्ञ डॉक्टर राउंड लेकर चले गए। हालांकि वे नर्सिंग स्टाफ के फोन कॉल पर दौड़ते दिखाई दिए। यहां भी ओपीडी में नौनिहालों को लेकर महिलाएं घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।

आज 12 बजे तक नहीं आए तो कार्रवाई : प्रिंसिपल

प्रिंसिपल डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि रेजीडेंट्स अगर बुधवार दोपहर 12 बजे तक हड़ताल से नहीं लौटे तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दूसरे दिन भी आेपीडी में मरीज देखे, जबकि इस दिन उनका राउंड नहीं था। उन्होंने बताया कि जब डॉक्टर बहुत ही कम हैं तो इलाज करना हमारा कर्तव्य है।

24 घंटे में 27 ऑपरेशन हुए, 34 से ज्यादा टाले गए

एमबी, जनाना अस्पताल में सोमवार शाम 7 से मंगलवार शाम 7 बजे तक 23 सिजेरियन और 4 अन्य सहित 27 ऑपरेशन ही हुए। वहीं 34 इलेक्टिव व अन्य ऑपरेशन टाल दिए गए। चिंता की बात यह है कि जनाना अस्पताल में गंभीर प्रसूताएं अस्पताल पहुंच रही हैं। इनमें से 45% की सिजेरियन डिलेवरी की करनी पड़ रही है।

MBBS फाइनल ईयर की परीक्षाएं भी स्थगित की
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डीपी सिंह ने मंगलवार को आदेश जारी कर कहा है कि एमबीबीएस फाइनल ईयर की प्रायोगिक परीक्षाएं रेजीडेंट्स हड़ताल के कारण अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों के इलाज में जुटे हैं। छात्र कल्याण परिषद के अध्यक्ष जयपाल चौधरी ने बताया कि परीक्षाएं स्थगित होने से छात्रों को परेशानी होगी, क्योंकि जनवरी में विश्वविद्यालय परीक्षाएं भी होनी हैं।

- 23 सिजेरियन डिलेवरी 24 घंटे में
- 55 कुल डिलेवरी
- 300 कुल भर्ती प्रसूताएं
- 12-15 इलेक्टिव व अन्य ऑपरेशन टालने पड़े

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