उदयपुर

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ये प्राइवेट स्कूल नहीं झुग्गी झोपड़ी वालों की पाठशाला है; यहां पुलिसवाले हैं टीचर

चूरू के महिला थाने के एक कांस्टेबल की पहल के बाद पुलिस प्रशासन जुटा, पिछले साल 80 बच्चों का निजी स्कूल में कराया था फ्री

Danik Bhaskar

Jan 23, 2018, 12:14 AM IST

चूरू/सीकर. ये है चूरू की आपणी पाठशाला। यहां कचरा बीनने व भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले बच्चों को फ्री शिक्षा दी जाती है। कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस इस स्कूल का संचालन कर रही है। पिछले दो साल से जनसहयोग से पुलिस ही इसका संचालन कर रही है। यहां बच्चों को पांचवीं तक की शिक्षा दी जाती है।

- महिला पुलिस थाने के कांस्टेबल धर्मवीर जाखड़ की पहल पर एक जनवरी 2016 को खुले आसमान तले पाठशाला की शुुरुआत की गई। शुुुरुआत में झुग्गी झोंपड़ियों के बच्चों को स्कूल से जोड़ने में बड़ी परेशानी हुई, लेकिन चाइल्ड हैल्प लाइन एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ये बीड़ा उठाया।

- उन्होंने 35 ऐसी झुग्गियों में जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए समझाया। स्कूल में बच्चे को फ्री आटा देने की पहल की गई। इससे बच्चे जुड़ गए। पहले वर्ष यहां 170 बच्चों का प्रवेश हुआ।

- कॉन्स्टेबल धर्मवीर जाखड़ की जिद के बाद पुलिस महकमा भी इसमें जुट गया। अब पुलिसवाले ही यहां बच्चों को पढ़ाते हैं। दो सहयोगी टीचर भी हैं।


पुलिस अधिकारी भी आते हैं पढ़ाने, अन्य शिक्षक भी निशुल्क दे रहे सेवा
- पाठशाला में पुलिस के अधिकारी पढ़ाने आते हैं और शिक्षा के स्तर की जांच करते हैं।

- महिला थाने की तीन महिला कांस्टेबल, कांस्टेबल धर्मवीर जाखड़ व उसका दोस्त सुमित गुर्जर सहित कॉलेज स्टूडेंटस निशुल्क सेवा दे रहे हैं। अन्य राज्य व विदेश में रहने वाले कई लोग व संस्थाएं भी बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने लगी हैं।

नहाकर आने वाले बच्चे को देते हैं आटे की थैली
- एसपी राहुल बारहट का कहना है कि ये ऐसे बच्चे थे जिनको कोई भी स्कूल प्रवेश लेना नहीं चाहती थी।

- गंदे और फटेहाल कपड़ों में रहने वाले ये बच्चे सरकारी स्कूल में भी अन्य बच्चों के बीच खुद को असहज महसूस करते थे। ऐसे में इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की जिद की।

- आपणी पाठशाला में कई तरह के ईनाम तय किए गए, जैसे जो बच्चा रोज नहाकर आता, उसे स्कूल में आटे की थैली ईनाम में दी जाती। इससे वे नहाकर स्कूल आने लगे।


80 बच्चों का कराया निजी स्कूल में दाखिला
- 80 बच्चों का पिछले साल जुलाई में शहर निजी स्कूल जाकिर हुसैन शिक्षण संस्थान में दाखिला कराया गया। ये वे बच्चे थे जो पढ़ाई में होशियार थे।

- इनका प्रवेश चौथी से सातवीं कक्षा में हुआ। इस साल करीब 40 बच्चों का प्रवेश प्रस्तावित है।

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