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हिंसा: इस फिल्म के सभी पात्र वास्तविक हैं, तोड़फोड़ और मारपीट के सभी दृश्य भी असली हैं

पद्मावती के सम्मान के लिए सड़कों पर उतरे लोगों ने, 3 घंटे की इस फिल्म की प्रायोजक करणी सेना, पुलिस थी मूकदर्शक

Bhaskar News | Last Modified - Jan 26, 2018, 06:53 AM IST

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    50-60 युवकों ने की शुरुआत, भीड़ सैकड़ों में हो गई तब्दील

    उदयपुर.फिल्म पद्मावत गुरुवार को कड़े पहरे के बीच आधे-अधूरे तरीके से रिलीज हुई। तोड़फोड़ और हिंसा से डरे सिनेमाघर मालिकों ने राजस्थान सहित चार राज्यों में तो फिल्म चलाई ही नहीं। हरियाणा, बिहार और उत्तरप्रदेश में भी कहीं-कहीं ही फिल्म चलाई गई। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार पद्मावत करीब 7 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज होनी थी, लेकिन पहले दिन 4 हजार पर ही चली। गुरुवार को सुबह के शो में दिल्ली में 60-70% तो मुंबई में 40-45% ऑक्यूपेंसी रही। इसी बीच, करणी सेना ने भारत बंद के तहत कई जगह प्रदर्शन कर मार्च निकाले। राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, बिहार, मप्र, गुजरात सहित आठ राज्यों में प्रदर्शन हुए।

    एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल बोले-हम वीडियो और सीसीटीवी से सभी उपद्रवियों को पकड़ लेंगे

    {गृहमंत्री के गृह नगर में दो माह में दूसरी बार ऐसे हालात बने हैं। पुलिस कंट्रोल क्यों नहीं कर पाई?
    - लूटपाट जैसी घटनाएं नहीं हुई है। तोड़फोड़ के लिए युवकों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
    { आपकी पुलिस हुड़दंगियों आगे-आगे मूकदर्शक बन चल रही थी। उनके सामने तोड़फोड़ हो रही थी?
    -अलग-अलग जगह जाप्ता तैनात किया था। हम सीसीटीवी खंगाल कर उपद्रवियों को पकड़ेंगे।
    { ये कैसी पुलिस है, जोे हिंसा फैला रहे उपद्रवियों का विरोध करने वाले व्यापारियों को ही धमका रही थी?
    -उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हाे रहे हैं, गिरफ्तारियां करेंगे।

    एसपी से रिपोर्ट मांगी है : आईजी आनंद श्रीवास्तव
    Q. पुलिस फिर क्यों फेल हुई?

    A. आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जा रहे हैं।

    Q. मारपीट और तोड़फोड़ के बाद व्यापारियों ने विरोध कर जाम लगाया तो पुलिस ने उनको डराकर चुप कर दिया, हुड़दंगियों पर क्यों पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई?
    A. पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

    समाज-संस्थान बोले : महिलाओं, व्यापारियों और आमजन से मारपीट करना क्या उचित हैω?

    आंदोलन को समर्थन है। रही बात महिलाओं से मारपीट और लूट की तो किसी असामाजिक तत्व ने ऐसी हरकत कर दी होगी, जो गलत है।
    -धर्मनारायण जोशी, विप्र फाउंडेशन-सनातन धर्म मंच


    महिलाओं और व्यापारियों के साथ मारपीट और लूटपाट की घटना निंदनीय है।
    -शांतिलाल वेलावत, अध्यक्ष,सकल दिगंबर जैन समाज

    बजरंग दल ने शांतिपूर्ण बंद के लिए समर्थन दिया। हिंसा का पुरजोर विरोध करते हैं।
    - डॉ. परमवीर सिंह दुलावत, विद्यार्थी प्रांत प्रमुख बजरंग दल

    असामाजिक तत्व सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, समझ में नहीं आ रहा है कि फिर भी प्रशासन क्यों मौन हैω।
    -तेजसिंह बोल्या, अध्यक्ष जैन श्वेतांबर महासभा

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    टाउनहॉल के पास पुलिस के सामने जमकर गुंडागर्दी

    यहां जोधपुर मिष्ठान भंडार की दुकान से सामग्री सड़क पर फेंक दी अौर करीब 10 बाइक को नीचे गिरा दिया। फिर पास ही टायर की दुकान में घुसे और टायर सड़क पर फेंके। 12 बजे उत्पाती नटराज होटल गली में घुस गए। वहां स्टिकर लगाने वाले की दुकान में तोड़-फोड़ और टेलर व्यापारी की कार के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद रैली सूरजपोल पहुंची और डीएसपी ऑफिस के ठीक सामने प्रकाश वॉच की दुकान के कांच तोड़ने की कोशिश की।

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    जबरन बंद कराई दुकानें, सड़क पर फेंका सामान

    पास की दुकान में क्रॉकरी आइटम सड़क पर फेंक दिए। जूस की दुकान में कोल्डड्रिंक्स और पानी की बोतलें फेंकी और काउंटर तोड़ दिया। 12.30 बजे : हुड़दंगी गुलाब बाग रोड पर सत्यम इलेक्ट्रॉनिक्स के स्पीकर तोड़ दिए। इसके बाद उदियापोल की तरफ कपड़े की दुकान को लूटा, व्यापारी से जैकेट छीन कर ले गए। आगे बर्तन की दुकान में घुस गए। उत्पातियों ने दुकान में बैठी बुजुर्ग महिला के थप्पड़ मारा और बर्तन फेंकते रहे।

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    दुकानों-शोरूमों में तोड़फोड़, व्यापारियों-पर्यटकों से मारपीट

    बर्तन की दुकान के पास ही विमल ऑटो मोटर्स ऑयल की दुकान में घुसे और इंजन आॅयल के 8 डिब्बे फेंककर आग लगाने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने रोक दिया। 12.40 बजे उत्पाती युवक यहां से मेवाड़ मोटर्स गली से होते हुए बीएन कॉलेज की तरफ गए। वहां पर मनामा मोटर्स और फाइव टाउन क्लब भवन पर पत्थर फेंक कांच तोड़े। सेवाश्रम चौराहे पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर युवकों को खदेड़ा। इसके बाद शहर मेंं शांत माहौल हुआ।

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Web Title: Protest Against Padmavat In Rajasthan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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