Hindi News »Rajasthan »Udaipur» Rajasthan Special Coverage Womens Day Special

21 लाख का टीका छोड़ 100 रुपए नेग में लेकर लाए बहू, इसलिए किया ये सब

महिला दिवस विशेष : मां-बेटी और बहू का ऐसा मान-सम्मान कर कायम की मिसाल

Bhaskar News | Last Modified - Mar 08, 2018, 08:34 AM IST

  • 21 लाख का टीका छोड़ 100 रुपए नेग में लेकर लाए बहू, इसलिए किया ये सब
    +1और स्लाइड देखें
    सिर्फ 100 रुपए का नेग लिया।

    जोधपुर.बेटा-बेटी के भेद और पर्दे के दीवारें गिरा कर मारवाड़ का राजपूत समाज जबर्दस्त बदलाव का संदेश दे रहा है। मां-बेटी और बहू, ये तीनों महिलाओं के अभिमान-रूप हैं और उन्हें मान-सम्मान देने में समाज ने मिसाल पेश की है। पहले मामले में बेटी के जन्म पर शाही अंदाज में ढूंढोत्सव (सिर्फ लड़कों के लिए मनाया जाता है) मनाया गया। मां की गोद में बैठी नन्ही ऐश्वर्या के चारों ओर नृत्य करते गेरियों ने ढूंढ का आरंभ किया तो समाज की महिलाअों ने भी नाच-गा कर बेटे के जन्म से भी ज्यादा खुशियां बिखेर दीं।

    वहीं दूसरे मामले में एक परिवार में हुई शादी में बहू के घर से टीके के थाल में 21 लाख रुपए रखे गए थे, लेकिन दूल्हे और उसके परिवार ने यह रकम हाथ जोड़कर अस्वीकार कर दी। उन्होंने सिर्फ 100 रुपए का नोट ही स्वीकार किया और कहा- जब लक्ष्मी ला रहे हैं तो वैभव और एेश्वर्य तो साथ आ ही रहा है।

    लड़के-लड़की का भेदभाव मिटे, इसलिए जन्म से पहले ही ढूंढोत्सव मनाना तय किया

    - होली पर्व पर राजपूत समाज में केवल लड़कों का ढूंढोत्सव मनाया जाता है।

    - समाज में लड़के और लड़की के बीच हो रहे भेदभाव मिटे, इसलिए शहर में कॉलेज और स्कूल का संचालन करने वाले दंपती भूपेंद्रसिंह राठौड़ और ज्योत्सना शेखावत ने अपनी बेटी ऐश्वर्या के ढूंढ उत्सव का सेलिब्रेशन भव्य पैमाने पर किया।

    - उन्होंने बताया कि बच्ची के जन्म से पहले ही तय किया था कि यदि लड़की हुई तो उसका भव्य पैमाने पर ढूंढ उत्सव मनाएंगे।

    पढ़ी-लिखी बहू के सामने 21 लाख रुपए कुछ नहीं, इसलिए सिर्फ 100 रुपए का नेग लिया

    - हाईकोर्ट में एडवोकेट श्रवण सिंह की शादी मुंबई से लॉ की पढ़ाई कर रही मीरा कंवर से 6 मार्च को हुई।

    - ससुराल वालों ने 21 लाख रुपए का नेग भेंट किया तो श्रवण सिंह ने इनकार करते हुए कहा- यह परंपरा है तो शगुन के तौर पर 100 रुपए दे दीजिए।

    - श्रवण के पिता गोपालसिंह रूदिया ने भी कहा, कि पढ़ी-लिखी बहू हमारे परिवार की इज्जत का ख्याल रखेगी, उसके सामने लाखों रुपए के टीके का कोई मतलब नहीं रहता। इससे कुरीति समाप्त होगी।

  • 21 लाख का टीका छोड़ 100 रुपए नेग में लेकर लाए बहू, इसलिए किया ये सब
    +1और स्लाइड देखें
    जन्म से पहले ही ढूंढोत्सव मनाना तय किया
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Rajasthan Special Coverage Womens Day Special
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Udaipur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×