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स्टूडेंट्स की मदद के लिए बना स्टूडेंट एड फंड, 7.42 लाख जमा हुए; मदद किसी को नहीं

सुविवि के आर्ट्स कॉलेज का मामला : डीन को भी पता नहीं, ऐसा कोई फंड है, जबकि कोष में पड़े है सात लाख

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 06:23 AM IST

उदयपुर. सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के आर्ट्स काॅलेज में स्टूडेंट एड फंड के तहत जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए एकत्रित किए गए पैसों का लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। आर्ट्स कॉलेज में 2011 से अबतक छात्रों से लेकर इकट्‌ठा किया गया 742040 रुपए का 10 प्रतिशत भी जरूरतमंद छात्रों को नहीं दिया गया है। जबकि कॉलेज में ऐसे कई जरूरतमंद छात्र होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते उन्हें शिक्षा में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रों के लिए इस तरह का कोई फंड कॉलेज के पास होता है इसकी जानकारी कॉलेज के कई शिक्षकों से लेकर खुद कॉलेज की डीन तक को नहीं है। आर्ट्स कॉलेज में छात्रों से प्रवेश के दौरान स्टूडेंट एड फंड के नाम पर प्रति छात्र 65 रुपए वसूले जाते हैं। ऐसे में कॉलेज में 2011 से लेकर अबतक 742040 रुपया स्टूडेंट एड फंड के रूप में जमा है। इसमें से 44550 रुपया ही कॉलेज प्रशासन अबतक खर्च कर सका है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में सामने आया कि 697490 रुपया अब भी कॉलेज के पास यों ही पड़ा है। जो थोड़ा बहुत पैसा खर्च हुआ है वह भी किसी छात्रसंघ कार्यक्रम में इस्तेमाल किया गया है।

जिस दस्तावेज से जानकारी मिली उसमें डीन के हस्ताक्षर, पूछा तो कोठारी बोली- कौन सा फंड

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जब सूचना के अधिकार में काॅलेज से स्टूडेंट एड फंड के बारे में जानकारी मांगी गई तो खुद कॉलेज डीन साधना कोठारी के हस्ताक्षरित दस्तावेज पर जानकारी दी गई है। इसके बावजूद जब साधना कोठारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे लेकर जानकारी नहीं होने की बात कही। काेठारी ने बताया कि यह कौन सा फंड है और इसमें कितना पैसा है, इस बारे में जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी लेकर बात करेंगे।

यह है स्टूडेंट एड फंड का नियम

स्टूडेंट फंड को लेकर यूनिवर्सिटी की विवरणिका में आर्ट्स कॉलेज के बिंदू 9 छात्रवृति एवं वित्तीय सहायता के 14वें नियम में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि इस कोष का उद्देश्य निर्धन छात्रों को शिक्षण/पुस्तकें/ परीक्षा शुल्क या ऐसे किसी अन्य व्यय की पूर्ति के लिए सहायता प्रदान करता है। साथ ही नियमों में यह भी स्पष्ट लिखित है कि फंड का प्रबंधन के लिए कॉलेज डीन एक समिति का गठन करता है।

कई छात्रों को होती है जरूरत, कॉलेज बन रहा अनजान : छात्र

आर्ट्स कॉलेज से इतिहास में पीएचडी कर रहे छात्र सुरेश कुमार मीणा ने बताया कि वे अार्थिक रूप से कमजोर हैं अौर जब उन्हें कॉलेज से सहायता की जरूरत हुई तो डीन सहित पूरा कॉलेज प्रशासन इस प्रकार के फंड से अंजान बना रहा। ऐसे में मेरी तरह ऐसे कई छात्र हैं जिन्हें कॉलेज से सहायता की आवश्यकता होगी मगर ना तो कॉलेज इस बारे में कोई जागरूकता फैलाता है और ना ही कोई मदद।