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ये कुछ अलग तरह के पुलिसवाले हैं, किसी ने स्कूल गोद ले रखा है तो कोई पेंटिंग में माहिर

16-16 घंटे से ज्यादा की नौकरी, हर वक्त अपराधियों से पाला, कोर्ट-कचहरी...फिर भी पॉजिटिविटी से भरपूर

विपिन सोलंकी | Last Modified - Jan 29, 2018, 06:54 AM IST

  • ये कुछ अलग तरह के पुलिसवाले हैं, किसी ने स्कूल गोद ले रखा है तो कोई पेंटिंग में माहिर
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    लेडी पेट्रोलिंग : योगा में नेशनल सहित चार स्टेट गोल्ड जीते

    उदयपुर. 16-16 घंटे की नौकरी। हर वक्त अपराध और अपराधियों से पाला। मुकदमे-कोर्ट-कचहरी...। जी हां, फिर भी ये पुलिसवाले औरों से कुछ अलग हैं। कोई समाजसेवा कर रहा है तो कोई अपने हुनर में माहिर है। किसी ने स्कूल गोद ले रखा है तो कोई पेंटिंग, सिंगिंग का मास्टर तो कोई खेल में नेशनल गोल्ड मैडल तक जीत चुका है। इन पुलिसवालों में डीआईजी से लेकर इंस्पेक्टर और जवान तक शामिल हैं।

    - भास्कर ने जब ऐसे हुनरमंद लोगों से बात की तो इनका कहना था कि पुलिस की नौकरी में अपराध से निपटने में एक नकारात्मकता सी आ जाती है, उसी को सकारात्मक बनाने के लिए इस प्रकार के काम किए जाते हैं।

    - प्रतापगढ़ के सालमगढ़, घंटाली, धमोतर और रठांजना थानों के पुलिस जवानों ने क्षेत्र में खतों में पिलाई के पानी की समस्या को दूर करने के एनिकट बना दिए। इससे सरकार को साढ़े तीन लाख रुपए की बचत भी हुई।

    - प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत एनिकट बनाने थे, जिसमें चार थाना क्षेत्रों के एनिकट की करीब साढ़े तीन लाख रुपए लागत आ रही थी। जवानों ने श्रमदान कर ये एनिकट बना दिए।

    - बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि वे जल्द ही स्कूलों को गोद लेने की प्लानिंग कर रहे हैं।

    पुलिस वाले बोले-इस नौकरी में अपराध से निपटने में आने वाली नकारात्मकता को दूर करने के लिए करते हैं ऐसी पहल

    - लेडी पेट्रोलिंग में कांस्टेबल पद पर कार्य कर रही तुलसी डांगी बीएन कॉलेज में पढ़ती थी तबसे खेल से जुड़ी। पुलिस में आने के बाद पिछले एक साल से योगा में प्रेक्टिस कर रही हैं।

    - एक साल में उन्होंने एक नेशनल गोल्ड और चार स्टेट गोल्ड, एक सिल्वर के साथ बेस्ट योगा गर्ल का खिताब जीता है।

    - वे आठ घंटे की ड्यूटी के अलावा तीन घंटे राेजाना योगा की प्रेक्टिस करती हैं। स्कूलों में लड़कियों को सेल्फ डिफेंस सिखाती हैं।

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    सात साल से तीन स्कूल को गोद ले रखा, बच्चों का जन्मदिन मनाते हैं साथ

    प्रतापनगर थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह ने कोटड़ा तहसील के उखलियात पंचायत के उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों को पिछले सात साल से गोद ले रखा है। तीनों स्कूल में करीब 300 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जाते और वहां पर जरूरत की वस्तुएं देते हैं। साथ ही आदिवासी बच्चों को उदयपुर भ्रमण पर भी लाते हैं। बच्चों का जन्मदिन भी साथ में ही मनाते हैं। 10वीं कक्षा में जिसके भी 55 प्रतिशत से ज्यादा आते हैं उनके प्रतियोगी परीक्षा में फॉर्म भरवाते हैं।

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    नकारात्मक सोच को सकारात्मक बनाने के लिए पेंटिंग

    डीआईजी जेल प्रीता भार्गव का लंबे समय से पेंटिंग और लेखन कार्य से जुड़ाव रहा है। इनकी पेंटिंग बागोर की हवेली में कई बार प्रदर्शित हो चुकी है, साथ ही इनकी लिखी पुस्तक का गत दिनों विमोचन हुआ है। इसके अलावा वह स्कूलों में कानून के बारे में जानकारी भी देती है। उन्होंने बताया कि कोई भी नकारात्मक सोच को सकारात्मक में बदलने के लिए पेंटिंग करती हूं। सेवानिवृत्ति के बाद भी आदिवासी बच्चियों के लिए काम करूंगी।

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    बालिका शिक्षा और कानूनी ज्ञान के लिए लगाती हैं कैंप

    महिला थानाधिकारी चेतना भाटी 5 साल से बालिका शिक्षा के लिए काम कर रही हैं। वे कॉलेज, स्कूलों या सामाजिक कार्यक्रमों में लड़कियों और महिलाओं को कानून और उनके अधिकार के लिए जागरूक करती हैं।

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    एएसपी रहते जरूरतमंदों को राशन देते थे, सेवानिवृत्ति के बाद हजारों को जोड़ा

    एएसपी बांसवाड़ा पद पर रहते हुए भारत सिंह ने 2002 में बांसवाड़ा में वागड़ ट्रस्ट की शुरूआत की थी। सेवानिवृत्ति के बाद 2006 में एमबी हॉस्पिटल में नि:शुल्क राशन देना शुरू किया था। आज उनके साथ इस काम में एक हजार से ज्यादा लोग जुड़े चुके हैं। यह नि:शुल्क व्यवस्था सरकारी हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए है। भारत सिंह ने बताया कि बांसवाड़ा और उदयपुर दोनों जगह रोजाना करीब एक हजार लोगों को नि:शुल्क खाना-शन दिया जाता है।

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    प्रतापगढ़ जिले में जवान एनिकट बनाने में श्रमदान करते हुए

    शादी-पार्टी में जाते ही गाने की आती है फरमाइश
    घंटाघर थानाधिकारी राजेन्द्र जैन बचपन से ही गाने और पेंटिंग के शौकीन हैं, लेकिन पुलिस में आने के बाद पेंटिंग से थोड़ा दूर जरूर हुए पर सिंगिंग आज भी करते हैं। घर पर भी प्रेक्टिस करते हैं। उनका कहना है कि शादी या पार्टी कहीं भी जाता हूं तो लोगों की फरमाइश आती है।

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Web Title: Udaipur Policeman Different Hobbies
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