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चेकिंग के लिए खड़े RTO गार्ड को ट्रोला ने रौंदा, दूसरे ने छलांग लगा बचाई जान

आरोप : अधिकारी जीप में बैठे रहते हैं और अवैध वसूली करने के लिए रोड पर गार्ड को लगा देते हैं

Bhaskar News | Last Modified - Jan 21, 2018, 06:16 AM IST

चेकिंग के लिए खड़े RTO गार्ड को ट्रोला ने रौंदा, दूसरे ने छलांग लगा बचाई जान

उदयपुर. अहमदाबाद हाईवे पर एक ट्रोला चालक ने परिवहन विभाग के गार्ड रणवीरसिंह जाट को कुचल डाला। दूसरे गार्ड रणसिंह ने छलांग लगाकर जान बचाई। हाईवे पर आरटीआे के दो गार्ड वाहनों की जांच के लिए ट्रोला रोकने की कोशिश कर रहे थे। जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग के सब इंस्पेक्टर धीरज कुमार चित्तौड़िया विभाग की जीप में तीन गार्ड के साथ नेला स्कूल के बाहर वाहनों के दस्तावेज चेक कर रहे थे। इंस्पेक्टर दोनों गार्डों को हाईवे प्वाइंट पर खड़े होकर भारी वाहनों को रोकने के निर्देश देकर खुद दूर किनारे जीप में बैठे थे।

आस पास मौजूद लोगों को कहना है कि गार्ड रणवीर सिंह जाट और रणसिंह स्कूल के बाहर से निकल रहे वाहनों को रोक रहे थे। तीसरा गार्ड धर्मपाल इंस्पेक्टर के साथ जीप में बैठा था। दोनों गार्ड हाथ देकर वाहन रुकवा रहे थे। अल सुबह रणवीर सिंह ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर एक ट्रॉले को रुकने के लिए इशारा किया तो चालक ने ट्रॉला उसकी तरफ ही बढ़ा दिया और दोनों को टक्कर मारने के बाद चालक फरार हो गया। घायल गार्ड को जीबीएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। धीरज कुमार की सूचना पर गोवर्धन विलास पुलिस ने अज्ञात ट्रोला चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

#शरीर के हो गए छह टुकड़े, पुलिस ने गठरी में बांधकर पहुंचाया अस्पताल

सुबह 6 बजे ऐसे हुआ घटनाक्रम
इंस्पेक्टर और गार्ड सुबह पांच बजे से वाहनों की जांच कार्रवाई में जुटे थे। 6 बजे चित्तौड़ की तरफ से अचानक एक ट्रोला तेज रफ्तार से आया। रणबीर सिंह जाट और रण सिंह ट्रोले को रोकने की कोशीश की। अचानक उस समय सनसनी फैल गई, जब देखा कि रणबीर सिंह ट्रोले के अगले पहिए के नीचे आकर कुचला गया है। उसका साथी गार्ड रण सिंह ने कूद कर जान बचाई। रणवीर सिंह के शरीर का निचला भाग बुरी तरह से कुचला गया है। उसके शरीर के निचले भाग के छह टुकड़े हो गए।

पूर्व सैनिक था रणवीर सिंह

रणबीर सिंह जाट (52) चिड़ावा झुंझुनूं से था और पूर्व सैनिक था। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने रेक्सको कार्पोरेशन के माध्यम से नौकरी के लिए आवेदन किया था। परिवहन विभाग को रेक्सको कंपनी ने एक्स आर्मी मैन कांट्रेक्ट पर उपलब्ध कराए थे। रणबीर सिंह को आरटीओ उदयपुर में पोस्टिंग दी गई। रणबीर सिंह और रण सिंह आरटीआे सब इंस्पेक्टर धीरज चित्तौड़िया के मातहत काम करते हैं। रणबीर सिंह उदयपुर में आरटीओ ऑफिस के पास अकेला किराए के कमरे में रहता था।


रणवीरसिंह की तलाश में भटकता रहा दोस्त

आरटीओ अधिकारियों ने उसके परिजनों को सूचना दे दी। उदयपुर में उसके पड़ोसी राजेंद्र सिंह राठौड़ को सूचना दी गई। राठौड़ हादसे की खबर मिलने पर महाराणा भूपाल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक रणबीर सिंह को इमरजेंसी, आईसीयू, ट्रोमा वार्ड में तलाशा। सही जानकारी देने के लिए आरटीओ विभाग का कोई कर्मचारी अस्पताल में नहीं था। रणबीर की मौत की खबर अस्पताल में तैनात होम गार्ड्स ने दी थी।

नाके से 58 ट्रॉले गुजरे पर हादसे वाले वाहन का पता नहीं

आरटीओ सब इंस्पेक्टर धीरज कुमार चित्तौड़िया की सूचना पर गोवर्धन विलास पुलिस ने अज्ञात ट्रोला चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ट्रोले का नंबर भी किसी ने नोट नहीं किया। पुलिस व आरटीओ विभाग के अफसरों ने परसाद गांव के टोल नाके पर सीसीटीवी केमरे के फुटेज देखे। तब तक 58 ट्राेले टोल नाके से पास हो चुके थे। लिहाजा दुर्घटना करने वाले ट्रोला का पता नहीं चल पाया। घायल गार्ड रण सिंह को आरटीआे सब इंस्पेक्टर धीरज ने अमेरिकन अस्पताल ले जाकर इलाज कराया।

चार लोग ड्यूटी पर थे

^परिवहन विभाग वाहनाें की नियमित चेकिंग करता है। सब इंस्पेक्टर धीरज चित्तौड़िया अपने साथ रणबीर सिंह जाट, रण सिंह आैर धर्मपाल सिंह को जीप से लेकर गए थे। अहमदाबाद हाईवे पर नेला गांव के स्कूल के बाहर वाहनों की जांच कर रहे थे। ट्रोला ड्राइवर ने जांच से बचने के लिए ब्रेक लगाए बिना गाड़ी भगा ले जाने का प्रयास किया। रणबीर सिंह ट्रोले के नीचे आ जाने से मौत हो गई।
छगन मालवीया, जिला परिवहन अधिकारी एन्फोर्समेंट

मैं मौके पर मौजूद था

मैं रणवीर सिंह और रण सिंह के साथ मौके पर अपनी ड्यूटी कर रहा था। अचानक चित्तौड़ की तरफ से आए ट्रोला ड्राइवर ने ब्रेक लगाए बिना रणवीर सिंह को रौंदता हुआ अहमदाबाद की तरफ चला गया। तड़के अंधेरे के कारण ट्रोले का हुलिया और नंबर नहीं देखे जा सके। मेरा फर्ज घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाना था वर्ना उसकी हालत बिगड़ सकती थी।
धीरज चित्तौड़िया, परिवहन सब इंस्पेक्टर

अवैध वसूली करते हैं परिवहन विभाग के अधिकारी

परिवहन विभाग के निरीक्षण अवैध रूप से वसूलियां करते हैं। लोगों की निगाहों से बचने के लिए देर रात या तड़के वसूली अभियान चलाते हैं। परिवहन इंस्पेक्टर न परमिट देखते हैं न फिटनेस। प्रदूषण सर्टिफिकेट, ओवर लोडिंग को भी नजरंदाज कर देते हैं अगर ट्रक, ट्रोला ड्राइवर सौ-पचास रुपए हाथ में रख देता है। इंस्पेक्टर जीप में बैठा रहता है। गार्ड अपनी जान की जोखिम मोल लेकर गाड़ी के आगे जाकर हाथ देकर रुकवाते हैं। यह बहुत रिस्की मामला है। ट्रोला जैसी बड़ी गाड़ियों में प्रेशर ब्रैक होता है। प्रेशर ब्रैक कई बार नहीं लग पाता है। आरटीआे के गार्ड पुलिस की तरह नाका बंदी करके गाड़ियां नहीं रुकवाते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर खतरनाक अपराधियाें को पकड़ने के लिए रोड पर मूवेबल बेरीकेड्स लगा कर नाकाबंदी करती है। अवेध वसूली करते आरटीओ इंस्पेक्टरों के पूर्व में स्टिंग ऑपरेशन हो चुके हैं फिर भी उनके आचरण में सुधार नहीं हुआ।
- चंचल अग्रवाल, अध्यक्ष द उदयपुर ट्रांसपोर्ट अार्गेनाइजेशन

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Web Title: checkinga ke liye khdee RTO gaaard ko trolaa ne raundaa, dusre ne chhalang lgaaa bchaaee jaan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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