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जमरा बीज की जबरी गेर : आधी रात मेनार में ताेप-बंदूकों ने उगली आग, खंडे टकराए-खनकी शमशीरें

उदयपुर| जिले के मेनार कस्बे में शनिवार देर रात जबरी गेर रमी गई। मौका था जमरा बीज के पारंपरिक आयोजन का, जब दर्शक कभी...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:10 AM IST
उदयपुर| जिले के मेनार कस्बे में शनिवार देर रात जबरी गेर रमी गई। मौका था जमरा बीज के पारंपरिक आयोजन का, जब दर्शक कभी हैरत में पड़े तो कभी रोमांच से भर उठे। मुगल टुकड़ी पर विजय के प्रतीक इस जश्न में रणबांकुरे (रणजीत) ढोल की थाप पर गेरिए घेर-घेर घूमते नाचे। कभी खंडे टकराए तो कभी टन्न-टन्न की आवाज करती तलवारें खनकीं। जब-तब हवाई फायर के साथ बंदूकों और सलामी की तोपों ने आग उगली। आधी रात बाद तक यही नजारे चलते रहे। राहुल सोनी

झक सफेद कपड़े और कसूमल पाग से दिखी रजवाड़ी रंगत

जबरी गेर का एक और बड़ा आकर्षण मेनारिया समाज के नौजवानों की वेशभूषा भी थी। झक सफेद धोती-कुर्ता या चूड़ीदार-कुर्ता के साथ हर कोई कसूमल (सुर्ख लाल) पगड़ियों में था, जिन पर पछेवड़ी, कलंगी, चन्द्रमा आदि भी थे। इन्हें गिने-चुने मौकों पर पहना जाता है। सामूहिक गेर के साथ तलवारबाजी का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी हुआ।

5 रास्ते-5 दल, बंदूकें दागते एक साथ पहुंचे मुख्य चौराहा

रात करीब 10 बजे पांच मशालची गांव के पांचों मुख्य मार्गों पर तैनात हुए। आधा घंटे बाद पांचों समूह ठाकुरजी मंदिर ओंकारेश्वर चबूतरे के यहां पहुंचे और एक साथ एक समय पर हवाई फायर और आतिशबाजी करते निकले। मुख्य चौक पर इतने पटाखे छूटे कि आग के बड़े गोले से दिखने लगे। बंदूकें गरजीं और शमशीरें भी चमचमाईं।