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प्रिंसिपल और शिक्षक पत्नी को पता ही नहीं चला, बैंक खातों से निकले सवा लाख रुपए

परिवादी घीसालाल ने बताया कि बैंक से स्टेटमेंट निकाला तो बैंक मैनेजर ने बताया कि मुंबई के किसी एचडीएफसी बैंक से...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:10 AM IST
परिवादी घीसालाल ने बताया कि बैंक से स्टेटमेंट निकाला तो बैंक मैनेजर ने बताया कि मुंबई के किसी एचडीएफसी बैंक से रुपए निकाले गए हैं। जबकि उनका कहना है कि एटीएम कार्ड अभी भी उनके पास ही पड़े हुए हैं। जानकारी निकालने के बाद दंपत्ति ने अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक करवा दिया।

मशीन पर फिक्स कर देते हैं क्लोनिंग मशीन

आईटी एक्सपर्ट श्याम चंदेल ने बताया कि भले ही एटीएम कार्ड अपने पास हो लेकिन इस प्रकार की ठगी एटीएम कार्ड क्लोनिंग से हो सकती है। एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए मशीन में जिस जगह एटीएम कार्ड डालते हैं वहां पर ठगी करने वाले एक क्लोनिंग मशीन फिट कर देते हैं जो आसानी से नजर नहीं आती। जैसे ही पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करते हैं तो क्लोनिंग मशीन कार्ड के नंबर से लेकर पिन नंबर तक रीड कर लेती है। इसके बाद क्लोनिंग मशीन के आधार पर ठगी करने वाले दूसरा कॉपी कार्ड बना लेते हैं और फिर ठगी करते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

एक्सपर्ट बताते हैं कि एटीएम मशीन में एटीएम कार्ड को स्वैप करने से पहले देख लें कि उसमें कुछ अन्य मशीन या जाली जैसा लगा हुआ है या नहीं। इसके साथ ही एटीएम मशीन कीबोर्ड पर भी इसी प्रकार एक पेपर लगाते हैं जो हूबहू की बोर्ड जैसे ही लगता है। अपने पिन नंबर टाइप करने से पहले देखें कि कहीं की बोर्ड ऊबड़-खाबड़ तो नहीं।