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ट्रेन में पत्थर से आंख गंवाने पर रेलवे व एनएचएआई के खिलाफ दी रिपोर्ट

Udaipur News - पांच दिन पूर्व देबारी क्षेत्र में चलती ट्रेन में पत्थर लगने से एक आंख खो चुके कपासन निवासी युवक जगदीश टेलर ने इस...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 06:10 AM IST
ट्रेन में पत्थर से आंख गंवाने पर रेलवे व एनएचएआई के खिलाफ दी रिपोर्ट
पांच दिन पूर्व देबारी क्षेत्र में चलती ट्रेन में पत्थर लगने से एक आंख खो चुके कपासन निवासी युवक जगदीश टेलर ने इस लापरवाही के लिए रेलवे और नेशनल हाईवे ऑथोरिटी को जिम्मेदार मानते हुए आपराधिक मामला शहर के प्रतापनगर थाने में शुक्रवार को दर्ज कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड विभाग के पेनल अधिवक्ताओं ने अस्पताल में जगदीश से मिल कर दोषी विभागों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को प्रोत्साहित किया था। जगदीश 26 फरवरी को अपनी माता सीता देवी का चेक अप कराने नीमच लोकल से उदयपुर आ रहा था। देबारी क्षेत्र में रेल सुरंग के पास ट्रेन की खिड़की से उछल कर आया एक पत्थर जगदीश की आंख पर लगा था। गंभीर रूप से घायल हालत में जगदीश को महाराणा भूपाल अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया था। अगले दिन 27 को उसकी क्षतिग्रस्त आंख का ऑपरेशन नैत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. ए.के. बैरवा ने किया था। सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने जगदीश के दृष्टि खोने की आशंका जताई थी।

जिला एवं सेशन जज ने भेजा था पेरा लीगल एडवोकेट्स को

जिला एवं सेशन जज देवेंद्र कच्छवाहा ने हादसे की जानकारी मिलने पर जिला विधिक सहायता प्राधिकरण के कर्मचारियों और पेनल एडवोकेट्स को जगदीश की हालत की जानकारी लाने एमबी अस्पताल भेजा था। पेनल एडवोकेट्स के अस्पताल पहुंचने से पूर्व रेल अधिकारियों ने अस्पताल में जगदीश व उसके परिजनों से बात करके उसे कानूनी कार्यवाही नहीं करने को कहा था। उन्होंने कुछ कागजों को बिना पढ़ाए जगदीश के दस्तखत कराए थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पेनल एडवोकेट्स ने जगदीश को प्रतापनगर थाने में हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की सलाह दी थी। जगदीश ने शुक्रवार को नेशनल हाईवे के ठेकेदार मेसर्स रवि इंफ्रा स्ट्रक्चर और रेलवे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

कर रहा था टीचर बनने की तैयारी

जगदीश ने बताया कि उसने बीए, बीएड अौर बीपीएड की हुई है। पिछले पांच साल से टीचर बनने की तैयारी कर रहे हैं। आरपीएससी की परीक्षा भी दी लेकिन चयन नहीं हो पाया। माता सीता देवी की एमबी हॉस्पिटल में जांच करवाने के बाद वह जोधपुर पीटीआई की तैयारी करने के लिए कोचिंग करने जाने वाला था। उसने कहा कि पहले ही टीचर बनने के लिए इतनी प्रतियोगिता बढ़ गई है और अब एक आंख भी नहीं रही। तैयारी करने में परेशानी आएगी। जगदीश के पिता मिठूलाल किराने की दुकान चलाते हैं और उनका छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। जगदीश के साढ़े सात साल का बेटा भी है।

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