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इंटरनल असेस्मेंट और रिटर्न एग्जाम में पासिंग मार्क्स की अनिवार्यता हटाई, 33 परसेंट लाएं तो भी हो जाएंगे पास

सिटी रिपोर्टर| जोधपुर/उदयपुर सीबीएसई ने इस साल 10वीं बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 06:15 AM IST

सिटी रिपोर्टर| जोधपुर/उदयपुर

सीबीएसई ने इस साल 10वीं बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत दी है। सीबीएसई ने एक सर्कुलर जारी कर 10वीं क्लास में पास होने के लिए इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड परीक्षाओं में सेपरेट पासिंग मार्क्स लाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब पास होने के लिए दोनों को मिलाकर 33 फीसदी मार्क्स ही लाने होंगे। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार स्टूडेंट्स को 20 मार्क्स के इंटरनल और 80 मार्क्स के बोर्ड एग्जामिनेशन, दोनों में सेपरेट 33 फीसदी मार्क्स लाने होते थे। लेकिन अब दोनों को मिलाकर कुल मार्क्स 100 में से 33 अंक लाने वाले स्टूडेंट्स भी पास घोषित किए जाएंगे। एडिशनल सब्जेक्ट्स पर भी नई व्यवस्था लागू होगी। यह छूट सिर्फ 2018 में होने वाली बोर्ड एग्जाम के लिए ही दी गई है। सीबीएसई चेयरपर्सन अनिता करवाल की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार एग्जामिनेशन कमेटी ने 2018 में अपीयर होने वाले स्टूडेंट्स के लिए मार्क्स क्राइटेरिया में यह बदलाव किया है, क्योंकि बोर्ड एग्जाम कंपल्सरी होने के बाद यह पहला बैच है। अगर किसी ने साल भर स्कूल में अच्छा प्रदर्शन किया है और इंटरनल में अच्छे मार्क्स सिक्योर कर लिए हैं तो उसे अब थ्योरी के लिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। 30 जनवरी, 2017 को नोटिफिकेशन जारी कर सीबीएसई ने आठ वर्षों बाद बोर्ड एग्जाम को अनिवार्य किया था।

इंटरनल में अच्छा परफॉर्म किया हो तो अब ज्यादा मार्क्स लाने की चिंता नहीं

अभी 20 नंबर के इंटरनल एसेसमेंट में पास होने के लिए 6.6 मार्क्स लाने जरूरी थे। अगर इसमें ज्यादा मार्क्स आ जाएं तो भी 80 नंबर के रिटर्न एग्जाम में मिनिमम 33 फीसदी यानि 26.4 मार्क्स लाने कंपल्सरी थे। अब नए बदलाव के तहत उसे कुल 100 नंबर में से 33 नंबर लाने होंगे। जैसे अगर उसके इंटरनल असेसमेंट में 18 नंबर आ चुके हैं तो अब अगर उसे 80 में से 15 मार्क्स भी आ गए तो वह पास घोषित किया जाएगा।

बोर्ड एग्जाम में लैपटॉप ले जा सकेंगे दिव्यांग स्टूडेंट

सीबीएसई एग्जाम के दौरान इस बार दिव्यांग श्रेणी के स्टूडेंट्स कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए स्टूडेंट्स के पास किसी डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की ओर से जारी सर्टिफिकेट होना चाहिए जिसमें कंप्यूटर-लैपटॉप के प्रयोग की सिफारिश की गई हो। साथ ही ऐसी सिफारिश का आधार भी बताया गया हो। स्कूलों को जारी नोटिफिकेशन में लिखा गया है कि कंप्यूटर-लैपटॉप का प्रयोग उत्तर टाइप करने, बड़े फॉन्ट साइज में क्वेश्चंस काे देखने और क्वेश्चंस को सुनने के लिए ही किया जा सकता है। इसके लिए स्टूडेंट्स को ऐसा कंप्यूटर या लैपटॉप लाना होगा, जिसमें इंटरनेट कनेक्शन नहीं हो। स्टूडेंट्स को पहले से ही रिक्वेस्ट डालनी होगी। कंप्यूटर टीचर के इंस्पेक्शन के बाद ही परीक्षा केंद्र अधीक्षक कंप्यूटर के इस्तेमाल की इजाजत देगा। टाइप किए गए उत्तरों के प्रिंट आउट पर निरीक्षक के हस्ताक्षर और केंद्र अधीक्षक की पुष्टि के बाद ही वे जमा कराए जा सकेंगे। सीबीएसई ने पेपर पढ़ने में असुविधा महसूस करने दिव्यांग स्टूडेंट्स को रीडर रखने की सुविधा भी दी है।

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Web Title: इंटरनल असेस्मेंट और रिटर्न एग्जाम में पासिंग मार्क्स की अनिवार्यता हटाई, 33 परसेंट लाएं तो भी हो जाएंगे पास
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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