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कोई घरों तक पहुंचा रहा हेल्थ सर्विस, किसी की ईजाद से पानी की बर्बादी रुकी, स्लरी का भी हो रहा उपयोग

ईको फ्रैंडली पॉलीमर : ईको फ्रेंडली वाटर रिटेंशन पॉलीमर है। एमपीयूएटी में बीटेक सेकंड ईयर के छात्र नारायण लाल...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:50 AM IST
ईको फ्रैंडली पॉलीमर : ईको फ्रेंडली वाटर रिटेंशन पॉलीमर है। एमपीयूएटी में बीटेक सेकंड ईयर के छात्र नारायण लाल गुर्जर ने तैयार किया है। नारायण ने बताया कि यह खाद-पानी को सोख लेती है। जिससे 15-20 दिन तक पानी-खाद नहीं देने पर भी पौधा जीवित रहता है औऱ् विकास होता है। यूरिया डालने की 70 प्रतिशत आवश्यकता खत्म हो जाती है। नारायण को इस इनोवेशन के लिए एआईसीटीआई, राष्ट्रपति से बेस्ट इनोवेशन का पुरस्कार मिल चुका है। कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए इसकी इजाद की गई है।

अगर आपके पास अच्छा बिजनेस आइडिया है तो पोर्टल करेगा प्रमोट

टाजुप ऑनलाइन सर्विस पोर्टल है, जो घर पर बैठकर कुछ इनोवेटिव या क्रिएटिव प्रोडक्ट बनाने वालों के बिजनेस आइडिया को प्रमोट करता है। इसे उदयपुर के प्रखर अग्रवाल ने बनाया है। प्रखर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लोगों के हाउसहोल्ड बिजनेस प्रमोट करते हैं और आइडिया को खुद से जोड़कर उन्हें मार्केट में उपलब्ध कराते हैं। ऑनलाइन माध्यम में सोशल प्रमोशन और ऑफलाइन माध्यम में बड़े-बड़े इवेंट में उस प्रोडक्ट की सेल-एक्टिविटी फिक्स करवाकर प्रमोशन किया जाता है। प्रखर पेसिफिक यूनिवर्सिटी से बी.टेक कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों के मरीजों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से देखेंगे डॉक्टर, करेंगे इलाज

पिलबोट : ये सिस्टम स्वास्थ्य योजनाओं से महरूफ ग्रामीणों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता है। इसे अंशुल श्रीमाली और राजेश अग्रवाल ने शुरू किया है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कई सेंटर खोले जा रहे हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही डॉक्टर बीमारी का पता कर इलाज बताएंगे। इस सिस्टम में देशभर के डॉक्टर्स को जोड़ा जाएगा। अंशुल ने बताया कि फिलहाल उदयपुर में मेनार, कदमाल, डबोक, वल्लभनगर सहित ई-मित्र के साथ मिलकर 11 सेंटर शुरू किए हैं और इसमें हैदराबाद के डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। अंशुल ने इंजीनियरिंग के साथ एमबीए किया है।

मार्बल स्लरी, वेस्ट प्लास्टिक से ईंट और टाइल्स बना रहे हैं

पीएस ब्लॉक : मार्बल स्लरी और वेस्ट प्लास्टिक से ब्रिक्स, टाइल्स और बॉक्स बनाने का काम करता है। टेक्नो कॉलेज उदयपुर में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र लोकेश पुरी गोस्वामी ने यह रिसर्च की है। इसके तहत बची मार्बल स्लरी को लैब मे टेस्ट कर उससे ईंट अौर टाइल्स बनाई गई। इन्हें घरों में इस्तेमाल किया जा सकता है। लोेकेश इसे बिजनेस स्टार्टअप के रूप में शुरू करेंगे।

ये भी है काम की चीज

खरीद-बिक्री की पूरी जानकारी

पानी बचत करने वाला प्यूरिफायर

क्वीनचिट : वाटर प्यूरिफाइंग सिस्टम है जिसमें सिर्फ 2 से 15% पानी बर्बाद होता है। यह पानी में टीडीएस के स्तर के अनुसार काम करता है। इसे बनाने वाले शुभोजित रॉय ने बताया कि अन्य आरओ सिस्टम पानी को साफ करने में 60% तक पानी बर्बाद कर देते हैं।

घर बैठे होम ट्यूटर मुहैया कराते हैं

मुंशीजी एप : व्यापारियों के लिए बिक्री और बिलिंग में मददगार है। कौन सा माल कितना बिका, कितना शेष है, एप में डिटेल और सही जानकारी संरक्षित रहती है। इसे निशांत शर्मा ने ईशान मोहम्मद के साथ मिलकर तैयार किया है।

लेकसिटी ट्यूटर्स : स्कूल, घर, कोचिंग के लिए होम ट्यूटर्स उपलब्ध करवाता है। ट्यूटर उपलब्ध कराने से पहले एक्सपर्ट शिक्षकों का इंटरव्यू करते हैं। इसे उदयपुर के विनोद प्रजापत और राज पारख ने शुरू किया है।