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चार साल का सबसे छोटा बजट लाएगा निगम, 10 को बोर्ड बैठक में लगेगी मुहर

नगर निगम का वर्ष 2018-19 का बजट बीत चार साल में सबसे छोटा होगा। इस वर्ष निगम में शहर विकास के लिए 248.15 करोड़ का बजट रखा है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 07:05 AM IST

चार साल का सबसे छोटा बजट लाएगा निगम, 10 को बोर्ड बैठक में लगेगी मुहर
नगर निगम का वर्ष 2018-19 का बजट बीत चार साल में सबसे छोटा होगा। इस वर्ष निगम में शहर विकास के लिए 248.15 करोड़ का बजट रखा है। बोर्ड की 10 मार्च को होने वाली बैठक में इस पर मुहर लगेगी। हालांकि एजेंडा बुधवार को ही जारी कर दिया गया है। पिछले साल के मुकाबले निगम का यह बजट करीब 61 करोड़ रुपए कम होगा। खास बात यह है कि पिछली बार की तरह इस साल भी सबसे ज्यादा फंड स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।

सिर्फ काइन हाउस और सार्वजनिक मरम्मत में बढ़ा बजट : गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सिर्फ काइन हाउस और सार्वजनिक मरम्मत के लिए बजट बढ़ाया गया है। अन्य सभी विभागों में पहले के मुकाबले बजट कम ही रखा है। इस बार बजट से पहले निगम के पास 3.5 करोड़ रुपए बचे थे, जिसे जोड़कर 248 करोड़ का बजट तय किया गया है। हालांकि इससे पहले हर बजट में बड़ी रकम बचती थी। पिछले साल 74 करोड़ और उससे पहले 95 करोड़ रुपए शेष बचे थे।

निगम के पास पैसा नहीं है, बकाया भी नहीं है, इसलिए कम : महापौर

मेयर चंद्रसिंह कोठारी ने बताया कि इस बार निगम के पास पैसा ही नहीं है। इसलिए इस बार 248 करोड़ का बजट रखा है। हर साल पहले का पैसा बचता था। इस बार सिर्फ 3.5 करोड़ बचे हैं, इसलिए बजट कम रखा है।

अन्य योजनाओं में भी पैसा है, स्वास्थ्य पर अच्छा पैसा रखा है : आयुक्त

नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि 10 मार्च को होने वाली बोर्ड की बैठक में बजट पर मुहर लगेगी। इस बार बजट 248 करोड़ का है, मगर केंद्र और राज्य से मिलने वाला पैसा इसमें शामिल नहीं है।

भास्कर में सबसे पहले :जानिए कहां कितना प्रावधान रखा है शहर की सरकार ने

स्वास्थ्य

ठोस कचरा निस्तारण - ठोस कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण के लिए 50 लाख का बजट में प्रावधान।

सीवरेज - 3 छोटे ऑटो सीवर जेटिंग मशीन और 2 सीवरेज मशीनों के लिए 25 लाख का प्रावधान।

शौचालय और मूत्रालय निर्माण के लिए 1 करोड़ का प्रावधान।

सफाई व्यवस्था के तहत कॉम्पेक्टर, कंटेनर, ऑटोबिन कैरियर के लिए 3 करोड़ का प्रावधान।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पर 2 करोड़ का प्रावधान।

विद्युत

एलईडी लाइटें, डिवाइडर पैनल रखरखाव, पोल पर कलरिंग, पोल पर वायरिंग और वायर केबल के रखरखाव पर 2 करोड़ का प्रावधान।

नगर निगम के भवनों में सौर उर्जा से बिजली शुरू करने पर 50 लाख का प्रावधान।

अंडरग्राउंड केबलिंग पर 1.5 करोड़ रुपए।

कच्ची बस्ती में बिजली लाइनें बिछाने के लिए 15 लाख रुपए का प्रावधान।

नई विकसित कॉलोनी में पाेल लगाने के लिए 1 करोड़ का प्रावधान।

काइन हाउस

गायों को सुविधाजनक स्थिति प्रदान करने और चारा-दाने की बेहतर व्यवस्था पर 1 करोड़ का प्रावधान।

सार्वजनिक मरम्मत/निर्माण

हैंडपंप, ट्यूबवैल और पनघट के रखरखाव पर 20 करोड़ का प्रावधान।

नालियों के रखरखाव पर 13 करोड़ का प्रावधान।

कच्ची बस्तियों में सड़क और नालियों के रखरखाव पर 75 लाख का प्रावधान।

सरकारी अस्पताल में धर्मशाला के मरम्मत और निर्माण पर 30 लाख का प्रावधान।

सरकारी स्कूलों में आवश्यकतानुसार निर्माण पर 50 लाख का प्रावधान।

नगर निगम के सामुदायिक भवन और स्टाफ क्वार्टर निर्माण पर 1 करोड़ का प्रावधान।

नई सड़कों के निर्माण पर 4 करोड़ का प्रावधान।

विकास योजना के लिए 3 करोड़ का प्रावधान।

पानी की पाइप लाइन और टंकियों के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ का प्रावधान।

वॉल सिटी में स्मार्ट सिटी के तहत सीवरेज के कार्य के लिए 1.5 करोड़ का प्रावधान।

चौराहों का निर्माण और सौंदर्यीकरण पर 1.5 करोड़।

शहीद स्मारक और शौर्य दीर्घा के विकास पर 5 लाख।

आधुनिक अग्नि शमक केेंद्र के निर्माण पर 50 लाख।

श्मशान घाट के निर्माण पर 40 लाख का प्रावधान।

निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर आरसीसी और बाउंड्रीवॉल पर 6 करोड़ का प्रावधान।

निगम क्षेत्र में खेलकूद के लिए 10 लाख का प्रावधान।

अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए 25 लाख।

विरासत संरक्षण के लिए 20 लाख।

आयड़ नदी विकास के लिए 1 करोड़।

पार्किंग स्थल निर्माण पर 50 लाख।

शहर की प्रमुख सड़कों पर प्रवेश द्वार के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर 50 लाख।

सुखाड़िया सर्किल के फूड कोर्ट निर्माण पर 50 लाख।

प्रताप गौरव केंद्र के विकास पर 1 करोड़।

स्वरूप सागर चौपाटी निर्माण पर 2 करोड़।

मीरा कला मंदिर विकास केंद्र के लिए 1 करोड़।

जगदीश चौक लाइब्रेरी में म्यूजिक निर्माण पर 1 करोड़।

आयड़ नदी पर पुलिया निर्माण पर 2 कराेड़।

वन विभाग को बर्ड पार्क के लिए 1 करोड़ रुपया दिया जाएगा।

सिटी बसों पर 1 करोड़।

स्वच्छ भारत निर्माण अभियान के तहत शौचालय निर्माण और ठोस कचरा निस्तारण पर 10 करोड़।

नगर निगम बजट

इस बार 248 करोड़ होगा बजट, पिछली बार से 61 करोड़ कम

फायर

नगर निगम के फायर वाहनों के संचालन और मेंटेनेंस के लिए 50 लाख का प्रावधान।

नई फायर ब्रिगेड और पुराने वाहनों की मरम्मत के लिए 1 करोड़ का प्रावधान।

उद्यान

गुलाब बाग के विकास पर 1 करोड़ का प्रावधान।

पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण पर 2 करोड़ का प्रावधान।

स्मृतिवन और वन विकास पर 2 करोड़ का प्रावधान।

पिछला और इस साल का बजट

विभाग 2018-19 2017-18

सामान्य प्रशासन 6.46 6.61

कर वसूली 2.23 2.10

स्वास्थ्य 54.15 54.02

गैराज 9.78 11.02

फायर 4.26 5.94

विद्युत 13.23 18.97

काइन हाउस 1.15 1.10

उद्यान 8.82 8.89

सार्वजनिक मरम्मत 27.14 25.40

पुस्तकालय 1.03 1.20

सार्वजनिक विकास 16.80 32.80

अन्य नए विकास 30.10 50.50

स्मार्ट सिटी योजना 15 30

अमृत योजना 10 0

आरयूआईडीपी 15 0

अनुदान से विकास 25.87 -- पिछला बकाया 3.5 --

कुल - 248.15 करोड़ (ऊपर दी गई राशि करोडा़ें में)

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