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हिंदुस्तान में बड़े लोगों को हिन्दी से दिक्कत है, मैं हिन्दी में बात करता हूं, वे अंग्रेजी में जवाब देते हैं : मार्क टुली

उदयपुर | नॉन प्रॉफिट कंपनी वाटर विस्डम फाउंडेशन में वाटर हार्वेस्ट के संरक्षक लंदन के मार्क टुली ने कहा कि भारत के...

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 07:30 AM IST
उदयपुर | नॉन प्रॉफिट कंपनी वाटर विस्डम फाउंडेशन में वाटर हार्वेस्ट के संरक्षक लंदन के मार्क टुली ने कहा कि भारत के बड़े और प्रतिष्ठित लोगों को हिंदी भाषा से समस्या है। जब मैं हिन्दी सीखने के लिए उनसे हिन्दी में बात करता हूं तो वह अंग्रेजी में जवाब देते हैं। मेरी हिन्दी थोड़ी कमजोर है, लेकिन सीखता रहता हूं।

मार्क टुली फाउंडेशन के रविवार को अामंत्रा शिल्पी रिसोर्ट में हुए कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। भास्कर ने हिंदी भाषा और ग्रामीण रहन-सहन पर बात की तो टुली ने कहा कि वह अंग्रेजी नहीं, देहाती आदमी हैं और लंदन नहीं, भारत के गांव को समझते हैं। टुली ने कहा कि भारत में विकास जो ऊपर सरकार से आता है, वह कभी सफल नहीं हो पाता। यह केवल अभियान बनकर रह जाता है। विकास नीचे से यानी आम लोगों से आना चाहिए, तभी सफल होगा। भारत के हर गांव की स्थिति अलग है। वाटर हार्वेस्टिंग के लिए जहां कुछ गांवों में लोग उत्साह से स्वागत करते हैं, तो दूसरे गांव में सरपंच अपनी जमीन बताकर काम नहीं होने देता। भारत के गांवों में जो राजनीति है, उससे उन्नति के कामों में मुश्किल आती है। निदेशक कैप्टन राघवराज सिंह राणावत ने कंपनी के उद्देश्यों सिद्धांतों और भविष्य में किए जाने वाले जल प्रज्ञता के कामों का विवेचन किया। इससे पहले कार्यक्रम का उद‌्घाटन पूर्व सांसद महेंद्रसिंह मेवाड़ ने किया।

यहां के लोगों को सनातन संस्कृति से संरक्षण सीखना होगा : सिंह

अब तक 11 हजार 800 बांध बना चुके जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मेवाड़ अद‌्भुत करिश्मा है। यहां के लोगों को पानी के ज्ञान के बारे में खासी जानकारी है। पुरखों के जल ज्ञान की वजह से ही यह झीलों की नगरी है। इतना बड़ा जल प्रबंधन की विपुल संपदा है। मेवाड़ को पानीदार रखना है ताे सनातन संस्कृति से संरक्षण सीखना पड़ेगा। कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की वेबसाइट और तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। ये पुस्तकें जल संरक्षण और जल कानून के संदर्भ में लिखी गई हैं। इसी कार्यक्रम में वाटर हार्वेस्ट यूके की 30वीं वर्षगांठ भी मनाई गई, जिसमें 100 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों, सरकारी-कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वाटर विस्डम फाउंडेशन के उद्‌घाटन में शामिल हुए कई विशेषज्ञ

मार्क टुली