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समाज सेवा से बड़ी राजनीति और कूटनीति नहीं

समाज सेवा से बड़ी राजनीति और कूटनीति नहीं हो सकती। यदि आप वाकई समाज सेवा करना चाहते हैं तो बिना भेदभाव समाज के हर...

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 07:30 AM IST
समाज सेवा से बड़ी राजनीति और कूटनीति नहीं हो सकती। यदि आप वाकई समाज सेवा करना चाहते हैं तो बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग के लिए खुद को समर्पित करना होगा। कुछ ऐसा ही व्यक्तित्व समाजसेवी राजेन्द्र मल कुंभट का था, जिन्होंने मानवतावादी कविताएं लिखीं। उन्होंने पत्रकारिता से जुड़कर सामाजिक समस्याओं और उदयपुर के महत्वपूर्ण मुद्दे प्रभावी रूप से उठाए। यह बात राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष वेद व्यास ने कही। वे रविवार को शिल्पग्राम स्थित शौर्यगढ़ में समाजसेवी राजेन्द्र मल कुंभट की पुस्तक ‘सेवापथ नमन’ के विमोचन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। व्यास ने कुंभट के साथ बिताए समय और संस्मरण साझा किए। व्यास इस पुस्तक के प्रधान संपादक हैं और परिकल्पना गजेंद्र भंसाली की है। मुख्य अतिथि न्यू इंडिया इंश्योरेंस के पूर्व चेयरमैन कैलाश भंडारी ने कहा कि कुंभट करीब साढ़े आठ साल तक डायलिसिस पर रहे, लेकिन अंतिम समय तक इच्छा शक्ति कम नहीं होने दी। लेखन के प्रति मन में वो तूफान हमेशा था। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विशिष्ट अतिथि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को बुलाया गया था, लेकिन गहलोत अस्वस्थता और कटारिया जयपुर में होने के कारण नहीं आ पाए।

मित्र के संस्मरण साझा करते हुए भावुक हुए कानूनगो

उद्योगपति घेवरचंद कानूनगो अपने मित्र कुंभट के साथ बिताए क्षणों की यादें साझा करते हुए भावुक हो गए। बोले, जिस दिन उनका (कुंभट का) निधन हुआ था, उससे कुछ घंटों पहले मैं उनके साथ था। हमने दिनभर बातें कीं। शाम को वापस लौटा तो मुझे ऐसा भान नहीं था कि यह आदमी हमें यूं ही छोड़कर जा भी सकता है। उद्योगपति प्रकाश सर्राफ ने कुंभट के साथ अपने स्कूल-कॉलेज की मित्रता का जिक्र किया। बताया कि जोधपुर विश्वविद्यालय चुनाव में कुंभट ने उन्हें जिताने के लिए खूब मेहनत की थी। वह नि:स्वार्थ भाव से अपने मित्र की सेवा में लग जाते थे। कुंभट की प|ी माया कुंभट ने कहा कि उनके पास कुछ था तो सिर्फ मित्र धन था। पुत्री प्रज्ञा कुंभट और श्रेया कुंभट ने पिता पर कविता सुनाई। पुत्र अक्षत कुमार ने गीत प्रस्तुत किया।