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शिक्षिका ने लीवर देकर बचाई पति की जान, इलाज में लगा दी जीवनभर की पूंजी, मकान भी बेच दिया

लोग कहते हैं किसी व्यक्ति की सफलता के पीछे महिला का हाथ जरूर होता है। अपनों की जिंदगी बचाने के लिए भी महिलाएं अपनी...

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 07:35 AM IST
लोग कहते हैं किसी व्यक्ति की सफलता के पीछे महिला का हाथ जरूर होता है। अपनों की जिंदगी बचाने के लिए भी महिलाएं अपनी जान तक की बाजी लगा सकती हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है सायरा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय उमरना की शिक्षिका सुमन तिवारी ने। इनके पति भीष्म तिवारी गंभीर बीमारी से जिंदगी और मौत के बीच महीनों तक झूलते रहे। उन्हें बचाने के लिए सुमन ने जिंदगी की पूरी कमाई खर्च कर दी। जीवन भर की मेहनत से सेक्टर-9 में बना मकान तक बेच दिया। पति की हालत में फिर भी सुधार नहीं हुआ तो अपनी जिंदगी की परवाह किए बगैर अपना लीवर डोनेट कर दिया। आज इनके पति बिलकुल स्वस्थ हैं और फिलहाल इनका परिवार अपने पैतृक गांव पदराड़ा में रहता है। सुमन तिवारी बताती हैं कि ये संयोग ही रहा कि मेरे पति और मेरा ब्लड ग्रुप O पॉजीटिव मैच हो गया। ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने बताया था कि 40 साल से कम उम्र का और ब्लड ग्रुप मैच करने वाला स्वस्थ व्यक्ति ही लीवर डोनेट कर सकता है। मैंने मेरे दो नन्हे बच्चों को देखते हुए यह निश्चय किया कि कुछ भी हो जाए, मुझे अपने पति की जान बचानी है।

सुमन तिवारी स्कूल में पढ़ाने के साथ सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेती हैं और महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए निरंतर जागरूक कर रही हैं। स्कूलों में गठित अध्यापिका मंच के जरिए घर-घर जाकर बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।

मिसाल है सायरा स्कूल की शिक्षिका सुमन तिवारी, बेटी बचाओ-पढ़ाओ अभियान में बढ़-चढ़कर लेतीं हिस्सा, घर-घर जाकर करतीं जागरूक

श्रेष्ठ मंच संयोजिका का मिल चुका है अवॉर्ड

संदेश : एक बेटी दो परिवारों को जोड़ती हैं

सुमन तिवारी ने संदेश देते हुए कहा कि नारी ऐसी शक्ति है वह चाहे तो कुछ भी कर सकती हैं। इसलिए बेटियों को उतना ही प्यार दें, जिसकी वह हकदार हैं। एक बेटी ही दो परिवारों को जोड़कर रखती हैं इसलिए हम सभी को नारी का सम्मान करना चाहिए।

तीन दिन पहले डाइट सभागार में एसएसए की तरफ से हुई जिला स्तरीय अध्यापिका मंच प्रदर्शनी में सुमन तिवारी को उनके इस काम के लिए श्रेष्ठ अध्यापिका मंच संयोजिका के रूप में सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में जिलेभर से करीब 200 अध्यापिकाओं ने भाग लिया था।

स्कूल में बेटों से ज्यादा हैं बेटियां

सुमन तिवारी के राप्रावि उमरना स्कूल में बालक से ज्यादा बालिकाएं हैं। कुल 40 बच्चों में से 22 बालिकाएं हैं। सुमन बताती हैं कि उमरना गांव के इस स्कूल में 5वीं कक्षा पढ़ने के बाद ज्यादातर बच्चियों को आगे नहीं पढ़ाया जाता। कुछ अभिभावक उन्हें मजदूरी में लगा देते हैं तो बेटियां आगे पढ़ाई करनी 5 किमी दूर 12वीं तक सरकारी स्कूल होने के कारण नहीं जा पाती। हालांकि जागरूकता आने के बाद कुछ अभिभावक बेटियों को पैदल 12वीं तक स्कूल पढ़ने भेजने लगे हैं। यह शिक्षिका गरीब बेटियों के परिवारों को आर्थिक मदद भी करती हैं।

महाराणा मेवाड़ अलंकरण : प्रोफेसर जॉन स्ट्रेटन हावले को अंतरराष्ट्रीय कर्नल जेम्स टॉड सम्मान से नवाजा

उदयपुर | महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर का 36वां वार्षिक अलंकरण समारोह रविवार को सिटी पैलेस के माणकचौक में हुआ। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी अरविंद सिंह मेवाड़ ने कहा कि फाउण्डेशन को दुनियाभर के गुणीजनों के सम्मान में अपनी आस्था का दीपक जलाए रखने में ही परम सुख मिलता है। समारोह में अमेरिका की कोलम्बिया युनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन स्ट्रेटन हावले को अंतरराष्ट्रीय कर्नल जेम्स टॉड सम्मान से नवाजा गया। प्रो. हावले ने महाराणा अमर सिंह द्वितीय के समय सूरदास पर बनी मेवाड़ी चित्रशैली की पेंटिंग्स का गहन अध्ययन कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक के जरिए प्रस्तुत किया है। प्रो. हावले को अलंकरण के तहत दो लाख एक रुपए की राशि, तोरण, शॉल और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। (विस्तृत सिटी भास्कर)

आज उदयपुर, राजसमंद डाकघरों में कार्य प्रभावित

उदयपुर | सीएसआई रॉलआउट की वजह से सोमवार 12 मार्च को उदयपुर डाक मंडल के अंतर्गत उदयपुर और राजसमंद जिले के सभी डाकघरों में डाक वितरण के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं होगा। यह जानकारी डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक रणजीत सिंह शक्तावत ने दी।