• Home
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • आकोदड़ा-मादड़ी बांध से 11-11 फीट करेंगे पीछोला-फतहसागर का लेवल
--Advertisement--

आकोदड़ा-मादड़ी बांध से 11-11 फीट करेंगे पीछोला-फतहसागर का लेवल

गर्मी की दस्तक के साथ जल संसाधन विभाग ने आकोदड़ा और मादड़ी बांध के पानी से पीछोला-फतहसागर को भरने की तैयारी कर ली...

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 07:35 AM IST
गर्मी की दस्तक के साथ जल संसाधन विभाग ने आकोदड़ा और मादड़ी बांध के पानी से पीछोला-फतहसागर को भरने की तैयारी कर ली है। जरूरत पड़ी तो देवास प्रथम बांध (अलसीगढ़) और नांदेश्वर तालाब में एकत्र पानी भी शहर की झीलों में डाला जाएगा। जल संसाधन विभाग के अनुसार अभी 60 फीट भराव स्तर वाले आकोदड़ा बांध में 58 फीट 6 इंच (265 एमसीएफटी) पानी है, जबकि 34 फीट भराव स्तर वाले मादड़ी बांध में 25 फीट (50 एमसीएफटी) और अलसीगढ़ की पहाड़ियों के बीच 34 फीट भराव स्तर वाले देवास प्रथम बांध में 24 फीट (70 एमसीएफटी) पानी भरा है। इसके अलावा बारिश के बाद नांदेश्वर तालाब में पानी रोका गया था, उसमें भी करीब 20 एमसीएफटी पानी है। गर्मी को देखते हुए कैचमेंट एरिया के बांधों का यह पानी जल्द ही पीछोला-फतहसागर में डायवर्ट किया जाएगा। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन हेमंत पनड़िया ने बताया कि उदयपुर की झीलों में पानी लाने की विभाग स्तर पर तैयारी की जा चुकी है।

पीछोला-फतहसागर का गेज एक स्तर पर आ जाएगा : जल संसाधन विभाग के अनुसार सबसे पहले आकोदड़ा और मादड़ी बांध के गेट खोलकर पानी उदयपुर की झीलों में लाया जाएगा। इसके बाद और जरूरत पड़ी तो देवास प्रथम बांध आैर नांदेश्वर तालाब का पानी भी लाया जा सकता है। आकोदड़ा और मादड़ी बांध से पानी की आवक होने से पीछोला और फतहसागर का जलस्तर 11-11 फीट होने का अनुमान है। इन दोनों झीलों में करीब सवा दो सौ एमसीएफटी पानी समाहित होने की अभी गुंजाइश है। अभी पीछोला का जलस्तर करीब सात फीट और फतहसागर का जलस्तर करीब साढ़े सात फीट है। यह लेवल बढ़ने से पर्यटन काे बढ़ावा मिलने के साथ ही गर्मी के सीजन में आवश्यकता के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में जरूरत अनुसार पेयजल आपूर्ति हाे सकेगी।

फतहसागर लबालब करने जितना पानी है, लेकिन तकनीकी दृष्टि से संभव नहीं

कैचमेंट एरिया के बांधों में अभी इतना पानी है कि फतहसागर को भी पूर्ण भराव स्तर 14 फीट तक लबालब किया जा सकता है, मगर तकनीकी दृष्टि से 11 फीट बाद स्वरूप सागर लिंक नहर से पीछोला से फतहसागर की तरफ पानी डायवर्ट किया जाना संभव नहीं है।