उदयपुर

--Advertisement--

सियासी भूचाल

पाॅलिटिकल रिपोर्टर | उदयपुर अजमेर-अलवर के लोकसभा और मांडलगढ़ के विधानसभा उप चुनाव के गुरुवार को आए परिणामों ने...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:45 AM IST
पाॅलिटिकल रिपोर्टर | उदयपुर

अजमेर-अलवर के लोकसभा और मांडलगढ़ के विधानसभा उप चुनाव के गुरुवार को आए परिणामों ने मेवाड़ के भाजपा के चारों सांसदों आैर 25 विधायकों की नींद उड़ा दी है। चिंता इसलिए भी ज्यादा है कि क्यों कि आठ माह बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव परिणाम को सत्ताधारी लोग अंडर करंट भी मान रहे है। वहीं कांग्रेस के लिए यह जीत संजीवनी बन गई है। इस चुनाव में सीपी जोशी और गिरिजा व्यास जैसे पार्टी के कद्दावर नेताओं का भविष्य भी दांव पर लगा था, जिनका इस जीत के बाद कद और बढ़ गया है। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को मेवाड़ की जनता ने भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में काबिज करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में मेवाड़ की जनता ने 28 में से 25 सीटें और 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में चारों सीटें भाजपा की झोली में डाली थी। भास्कर ने मेवाड़ के भाजपा सांसदों- विधायकों का मन टटोला तो उनका यह तर्क था कि हार के लिए कहीं न कहीं सरकार और संगठन के काम और व्यवहार जिम्मेदार हैं। परिणाम से सरकार और संगठन के साथ हम लोगों को संभलने का संकेत मिल गया है। परिणाम के बाद यह भी कयास लगने लगे हैं कि विधानसभा चुनावों से पहले कई की जिम्मेदारियां भी बदल सकती हैं।

उप चुनावों के नतीजों से मेवाड़ में हिली भाजपा के चार सांसदों और 25 विधायकों की जमीन

सत्ता पक्ष के लोग बोले : संगठन के काम या व्यवहार में कमी तो रही








विधानसभा चुनाव 2013 में मेवाड़ में ये सीटें कम अंतर से जीती थी भाजपा ने

2013 के विधानसभा चुनाव में उदयपुर शहर में भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया और कांग्रेस के युवा चेहरे दिनेश श्रीमाली के बीच हुए मुकाबले में कटारिया 24608 वोट से ही जीते। गोगुंदा में भाजपा के प्रताप गमेती 3345 वोट से जीते। झाड़ोल और वल्लभनगर सीट न भाजपा के हाथ से निकली बल्कि वल्लभनगर में भाजपा प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो गई थी। प्रतापगढ़ के धरियावद में भाजपा के गौतमलाल मीणा 7174 वोट से जीते थे। राजसमंद के नाथद्वारा से भाजपा के कल्याण सिंह की जीत का अंतर 12472 वाेट रहा। बांसवाड़ा में कुशलगढ़ सीट से भाजपा के भीमा भाई मात्र 708 वोट से जीते। डूंगरपुर के सागवाड़ा में भाजपा की अनिता कटारा मात्र 640 वोट से जीती थी। भाजपा के ही देवेंद्र कटारा 3845 वोट से जीते। कई चुनावों में जीत का अंतर काफी कम था।

मेवाड़ में सत्ताधारी इन नेताओं की जमीन हिली

उदयपुर : गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, सांसद अर्जुन मीणा।

राजसमंद : उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, सांसद हरिओम सिंह राठौड़।

प्रतापगढ़ : जनजाति विकास मंत्री नंदलाल मीणा।

बांसवाड़ा-डूंगरपुर : जलदाय राज्य मंत्री सुशील कटारा, पंचायती राज राज्यमंत्री धनसिंह रावत और सांसद मानशंकर निनामा। संसदीय सचिव भीमा भाई।

चित्तौड़ : नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी, सांसद सीपी जोशी।

चेतावनी : मेवाड़ के नेता भी ऐसे रिजल्ट के लिए तैयार रहें

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत व शेखावत मंच के संयोजक मांगी लाल जोशी ने हार की वजह भाजपा के नेताओं का अहंकार में चूर होना बताया। महामंत्री रोशन लाल जैन ने कहा कि अहंकार ने रावण का सर्वनाश कर दिया था। भाजपा नेता दलपत सुराणा ने भी कहा कि मांडलगढ़ सहित पूरा रिजल्ट का ट्रेलर मेवाड़ की फिल्म बन सकता है। मेवाड़ के भाजपा नेता भी ऐसे नतीजे के लिए तैयार रहें।

निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह भींडर : उप चुनाव में नोट बंदी और जीएसटी भारी पड़े। आम आदमी को परेशानी हुई वह चुनाव परिणाम के रूप में सामने आया है।

झाड़ाेल से कांग्रेस विधायक हीरालाल दरांगी : जनता कांग्रेस की तरफ रुख कर चुकी है। मेवाड़ में भी इसका असर दिखेगा।

मेवाड़ के इन कांग्रेस नेताओं को दी थी जिम्मेदारी, कद बढ़ा

सीपी जोशी : मांडलगढ़ में प्रभारी के रूप में चुनाव कमान संभाली। त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी दिलाने में सफल रहे।

डॉ.गिरिजा व्यास : अजमेर, अलवर और मांडलगढ़ में सक्रिय रहीं। उदयपुर से अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं चल पड़ी।

रघु- मालवीया- भगोरा : पूर्व मंत्री रघुवीर सिंह मीणा ने अजमेर और अलवर में तीन-तीन दिन सक्रियता दिखाई। विधायक महेंद्रजीत मालवीया और पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा अलवर में सक्रिय रहे।

श्रीमाली : पिछले विधानसभा चुनाव में उदयपुर शहर से गुलाबचंद कटारिया को टक्कर देने वाले दिनेश श्रीमाली सीपी जोशी के साथ मांडलगढ़ चुनावी अभियान में लगे रहे और पिथले कई दिनों से प्रत्याशी के लिए प्रचार किया।

X
Click to listen..