Hindi News »Rajasthan News »Udaipur News» छह सौ साल पुराने जिनालय, प्रतिष्ठा में जुटे देशभर के श्वेतांबर श्रावक, जन्म विधान हुआ, 5 को पाट पर विराजेंगे

छह सौ साल पुराने जिनालय, प्रतिष्ठा में जुटे देशभर के श्वेतांबर श्रावक, जन्म विधान हुआ, 5 को पाट पर विराजेंगे

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 07:45 AM IST

कस्बे में सांवलिया पार्श्वनाथ और भगवान आदिनाथ के 52-52 जिनालयों के प्रतिष्ठा महोत्सव में देशभर के श्रावक पहुंचे...
कस्बे में सांवलिया पार्श्वनाथ और भगवान आदिनाथ के 52-52 जिनालयों के प्रतिष्ठा महोत्सव में देशभर के श्रावक पहुंचे हैं। पूरे कस्बे को चमकीली फर्रियों, रंगीन बल्ब, तोरण द्वार से सजाया है। मेवाड़ ही नहीं गुजरात और महाराष्ट्र के भी सैकड़ों श्रावक महोत्सव को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। महोत्सव का समापन 5 फरवरी को दोनों मंदिरों की प्रतिष्ठा के साथ होगा। इस दिन हेलीकॉप्टर से मंदिर सहित पूरे कस्बे में फूल बरसाए जाएंगे। कार्यक्रम में भाग लेने 4 फरवरी को मुख्यमंत्री वसुंधराराजे देलवाड़ा आएंगी। वे दोनों जिनालयों में दर्शन के साथ ही यहां प्रवासरत आचार्य सोम सूरीश्वर महाराज सहित मुनियों का आशीर्वाद भी लेंगी। इस दिन भगवान की रथयात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। 30 जनवरी से चल रहे महोत्सव का समापन 5 फरवरी को मंदिरों की प्रतिष्ठा, फलेचुंदड़ी, वृहद अष्टोत्तरी, शांतिस्नात्र महापूजन के साथ होगा।

सांवलिया पार्श्वनाथ का जन्मविधान हुआ : अंजनश्लाका प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में गुरुवार सुबह भगवान सांवलिया पार्श्वनाथ के जन्म विधान की परंपरा निभाई गई। भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य उदयपुर के सरला-सुशील बांठिया परिवार ने लिया। प्रभु के जन्म पर श्रावकों ने नाच-गान करते हुए खुशियां बनाई। 56 दिक्कुमारी महोत्सव, इंद्र-इंद्राणियों की मौजूदगी में कई कार्यक्रम हुए।

4 को आएंगी सीएम, भगवान सांवलिया पार्श्वनाथ की रथयात्रा निकलेगी, 5 को हेलीकॉप्टर से हेलीकाॅप्टर से बरसाएंगे फूल

नाथद्वारा. जन्म विधान पर खुशियां मनाती श्राविकाएं (ऊपर), प्रभु के श्रीविगृह का अभिषेक (बाएंं) तथा नवनिर्मित सांवलिया पर्श्वनाथ मंदिर।

अंजनश्लाका महोत्सव स्थल पर बने पांडाल। फोटो : भूपेश दुर्गावत।

भजनों की प्रस्तुतियां चलती रही

वाराणसी नगरी में लगे राजदरबार में संगीतकार विनीत गेमावत ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। मुंबई के दल ने नृत्य करते हुए सोम सुंदर सूरीश्वर महाराज को सलामी दी। शाम को भजनों की प्रस्तुतियां दीं। गुजरात, मारवाड़ के कलाकारों ने भजनों में भगवान सांवलिया पार्श्वनाथ, भगवान आदिनाथ की आराधना की। नवकार मंत्र, मेवाड़ी भजन धुलेवा नगरी में केशरियो विराजे रे... आंख खुुली है जब तक ये जिंदगी एक सपना है..., झूलो रे झूलो थें तो वामाजी ना जाया... सहित कई भजनों पर श्रावक-श्राविकाओं ने खूब नाच-गान किया। महोत्सव में सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय में जन्मविधान, 56 दिक्कुमारी महोत्सव, मेरू महोत्सव, 250 अभिषेक, 32 करोड़ सौनेया वृष्टि, 18 अभिषेक, ध्वजादंड कलश अभिषेक, मंगलमूर्ति अभिषेक, चन्द्र सूर्य दर्शन हुए।

अश्वसेन महाराज का दरबार लगाया

महोत्सव में वाराणसी नगरी में सुबह 9.30 बजे अश्वसेन महाराज का राजदरबार लगाया गया। राजदरबार में स्वप्न पाठक में स्वप्नों का अर्थ बताया गया। भगवान का जन्म कल्याणक हुआ। इसमें श्रावक-श्राविकाओं ने खुशियां मनाई। डोल-नगाड़े बजाए। पांडाल में बने मेरू पर्वत पर भगवान के अभिषेक की रस्में हुईं।

आज यह कार्यक्रम होंगे

महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय में सुबह 9.30 बजे स्टेज प्रोग्राम में प्रियवंदा दासी की जन्म बधाई का गान होगा। प्रभु का नामकरण व पाठशाला जाने के प्रसंग भी होंगे। आदिनाथ जिनालय के प्रांगण में दोपहर 2 बजे से 18 अभिषेक, ध्वजादंड कलश अभिषेक, मंगलमूर्ति अभिषेक व चन्द्र सूर्य दर्शन होंगे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: छह सौ साल पुराने जिनालय, प्रतिष्ठा में जुटे देशभर के श्वेतांबर श्रावक, जन्म विधान हुआ, 5 को पाट पर विराजेंगे
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From Udaipur

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×