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किसी की किडनी फेल तो किसी का बहा खून, जिंदगी-मौत के बीच जूझे मरीज

BHASKAR NEWS | Last Modified - Nov 11, 2017, 05:15 AM IST

संभाग के 1437 डॉक्टरों के शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहने से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
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    उदयपुर.संभाग के 1437 डॉक्टरों के शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहने से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। एमबी-जनाना-बाल चिकित्सालय में सैकड़ों गंभीर भर्ती नवजातों, महिला, बच्चे, बुजुर्ग मरीजों को शुक्रवार सुबह 9 से 11 बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टर देखने भी नहीं पहुंचे।
    जनाना में गुरुवार मध्यरात्रि 12 बजे से शुक्रवार सुबह 11 बजे तक करीब 21 प्रसूताओं की सिजेरियन डिलेवरी की गई, जो ऑपरेशन के बाद नवजात शिशुओं संग बैड्स पर बेसुध लेटी रहीं। बाल चिकित्सालय की ओपीडी में नौ महीने की गर्भवती महिलाओं तक को घंटों लाइन में लगना पड़ा। दि राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राहुल जैन ने बताया कि एसो. के 150 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शुक्रवार को सुबह 9 से 11 बजे तक काम नहीं किया। आगे की रणनीति शनिवार को सुबह 10 बैठक में तय होगी।
    डॉक्टर के आते ही इलाज के लिए मारामारी
    एमबी की ओपीडी में डॉक्टर्स के उपकरण तो टेबल पर रखे थे लेकिन इलाज करने वाला कोई नहीं दिखा। गरीब बीमार मरीज डॉक्टर के इंतजार में ओपीडी में उठक-बैठक लगाते रहे। 11.10 बजे एप्रिन में चीफ फार्मा एमडी विनोद कुमार के ओपीडी में आते ही 150 से अधिक मरीज हड़बड़ाते हुए लाइनों में खड़े हो गए। कुछ देर बाद डॉ. ओपी मीणा और डॉ. महेश दवे पहुंचे।
    आखिर बेहोश हो गए तो दूसरे अस्पताल ले गए
    मंदसौर निवासी 45 वर्षीय हीरालाल सुबह 9 बजे से 11 बजे तक स्ट्रेचर पर पड़े-पड़े डॉक्टर के इंतजार में कराहते रहे। आखिर में बेहोश हो गए। परिजन श्यामलाल ने बताया कि हीरालाल की दोनों किड़नियां फेल हो गई हैं, जिससे वह जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा है। इतने पैसे हैं नहीं कि वे किसी बड़े निजी हॉस्पिटल में दिखा सकें। उपचार नहीं मिलने पर मरीज को लेकर कहीं बेरंग लौटना पड़ा।
    डॉक्टर बोले-मांगें नहीं मानी तो देशभर में हड़ताल
    सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में शुक्रवार को एम्स नई दिल्ली के डॉक्टर्स भी कूद पड़े हैं। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एसएल बामनिया ने ऐलान किया है कि एक भी चिकित्सक को गिरफ्तार किया तो दिल्ली, एमपी, हरियाणा सहित देशभर में डॉक्टर्स हड़ताल पर चले जाएंगे।
    पन्नाधाय जनाना अस्पताल
    - 24 घंटे में सिजेरियन डिलेवरी : 21
    - नॉर्मल डिलेवरी : 57
    - कुल भर्ती : 300 से ज्यादा प्रसूताएं
    - टालने पड़े- 10-15 इलेक्टिव और अन्य ऑपरेशन।
    इनके भरोसे पूरी व्यवस्था
    - विशेषज्ञ डॉक्टर : लगभग 150
    - एसआर : 15-20, {इंटर्न : 41
    - एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र : 150
    - नर्सिंग स्टाफ : लगभग 850
    (जानकारी एमबी प्रशासन पर आधारित)
    नए आदेश : अब 327 रेजीडेंट्स के पीजी-प्रवेश पर संकट
    चिकित्सा विभाग ने सरकार-चिकित्सकों के बीच वार्ता विफल होने के बाद अब रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की पीजी प्रवेश-रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसे में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के हड़ताल पर चल रहे 327 रेजीडेंट्स के प्रवेश पर संकट मंडराने लगा है। विभाग के शासन उप सचिव भगवतसिंह सिंह के हवाले से बताया गया कि शुक्रवार शाम 7 बजे तक काम पर नहीं लौटने वाले रेजीडेंट्स के खिलाफ अंडरटेकिंग के अनुसार होगी। क्योंकि रेजीडेंट्स अंडर टेकिंग में शपथ पूर्वक लिखते हैं कि वे पीजी पाठ्यक्रम के दौरान हड़ताल या सामूहिक अवकाश पर जाते हैं तो उनका पीजी प्रवेश-रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए जा सकेंगे। जिसकी जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।
    बुखार से कराहता रहा 2 साल का बच्चा, नहीं मिला उपचार
    बाल चिकित्सालय : सेक्टर-4 निवासी अनिल मोगिया अपने दो साल के बच्चे राजेश को दिखाने सुबह 8 से 11 बजे तक इधर-उधर भटकते रहे। मोगिया ने बताया कि उनका बेटा गुरुवार देर रात से उल्टी कर रहा है। तेज बुखार से पीड़ित है, पर यहां कोई उसे भर्ती तक नहीं कर रहा है।
    रेस्मा के डर से डॉक्टरों ने फोन किए बंद
    रेस्मा में हड़ताल पर चल रहे अमूमन सेवारत चिकित्सक, रेजीडेंट्स और एमओ गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत रहे। चेतक सर्कल स्थित पीजी हॉस्टल में रह रहे करीब 80 रेजीडेंट्स हॉस्टल छोड़ खिसक लिए। शाम 4 बजे से 20 सीनियर रेजीडेंट्स भी हड़ताल पर चले जाने से संकट और बढ़ गया है।

    संभाग और आरएनटी में इतने डॉक्टर हड़ताल पर :
    संभाग में कुल 1119 सेवारत चिकित्सकों में से 1075 डॉक्टरों ने सेवाएं नहीं दीं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 341 रेजीडेंट्स में से 327 हड़ताल पर रहे। वहीं 35 एमओ में से सभी ने हड़ताल पर रह कार्य का बहिष्कार किया।
    खाली हाथ लौटी पुलिस
    भूपालपुरा पुलिस ने शुक्रवार रात 12.05 बजे थाना क्षेत्र में रहने वाले हड़ताल पर चल रहे पांच चिकित्सकों के घर दबिश दी, लेकिन एक भी डॉक्टर पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस के मुताबिक डॉ. सुनील अरोड़ा, डॉ. विशाल भटनागर और डबोक सीएचसी प्रभारी डॉ. डीएस राव के घर दबिश दी गई, लेकिन डॉक्टर भूमिगत होने के कारण घर पर नहीं मिले। ऐसे में पुलिस बेरंग लौटी।
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Web Title: All State Doctors On Strike
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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