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लुटेरों ने बैंक कर्मियों पर मिर्ची पाउडर फेंका फिर पीछे से लट्ठ मारा, ‌9 लाख लूटे

पीएनबी वड़लीपाड़ा शाखा जा रहे बैंककर्मियों से बाइक पर आए दो बदमाशों ने लूटपाट की।

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 07:45 AM IST
लूट के बाद हिरासत में आरोपी और लूट के बाद हिरासत में आरोपी और

बांसवाड़ा. शहर से 12 किमी दूर आंबापुरा के केसरपुरा गांव में सोमवार सुबह शहर की चेस्ट ब्रांच से 15 लाख लेकर गांव की वड़लीपाड़ा शाखा बैंक जा रहे बैंककर्मियों से बाइक पर आए दो बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूट की। बदमाशों ने पहले तो बैंककर्मियों पर मिर्ची पाउडर फेंका, लेकिन दोनों के हेलमेट पहन रखने से कोई फर्क नहीं पड़ा। इस पर बदमाशों ने पीछे से लट्ठ मारा। संतुलन बिगड़ने से बैंककर्मी नीचे गिर गए। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने 9 लाख रुपयों से भरा एक बैग छीन ले गए।

- लूट उस वक्त हुई, जब पंजाब नेशनल बैंक वड़लीपाड़ा के कैशियर कांतिलाल और कर्मचारी राजेश शहर की चेस्ट ब्रांच से 2 बैग में 15 लाख लेकर बाइक से लौट रहे थे।

- वे जब केसरपुरा पहुंचे तो पीछे से आए 2 बदमाशों ने उन पर पहले मिर्ची फेंकी और फिर लट्ठ से हमला किया। जिससे दोनों बैंककर्मी नीचे गिर पड़े। बदमाश एक बैग में रखे 9 लाख रुपए लेकर भाग निकले। हमले में कैशियर कांतिलाल घायल हो गए।

- लूट की खबर मिलते ही नाकाबंदी कराई गई। नाकाबंदी की भनक लगने पर बदमाश आंबापुरा से लीमथान चौकी वाले रास्ते की तरफ भागे। अपने पीछे पुलिस को देख बदमाश बाइक छोड़ खेत में जा छिपे।

- इससे पहले अपनी पहचान छिपाने के लिए दोनों ने पहने शर्ट उतार दिए। लेकिन, 7 किमी तक पीछाकर कर दो घंटे में पुलिस ने कपास के खेत में छिपे दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें ग्रामीणों ने भी खेत की घेराबंदी कर सहयोग किया।
- पूछताछ करने पर एक ने खुद को रतलाम के दो बत्ती थाना क्षेत्र के भावरिया बाजार का 31 वर्षीय जसवंतसिंह राजपूत और दूसरे ने झाबुआ जिले के टामटिया गांव निवासी 25 वर्षीय जितेंद्र गोस्वामी बताया।

7 किमी के रास्ते में छिपा दिए 9 लाख

दोनों शातिरों को पुलिस ने घटनास्थल से महज 7 किमी दूर और 2 घंटे में पकड़ लिया। पुलिस रात तक इनसे लूटे 9 लाख बरामद नहीं कर पाई है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि आखिर बदमाशों ने इतने कम समय में लूट के 9 लाखा कहां छिपाए। लूट की इस वारदात में उनके साथ कोई और भी शामिल था या बदमाश खुद ही जान-बूझकर बता नहीं रहे हैं। पुलिस के लिए लूट के रुपए बरामद करना भी बड़ी चुनौती है।

नकदी ले जाने में बैंक प्रशासन की भी लापरवाही उजागर
इधर, महज दो बैंककर्मियों के चेस्ट ब्रांच से बिना किसी सुरक्षाकर्मी के बाइक पर 15 लाख रुपए लेकर जाने पर बैंंक प्रशासन की लापरवाही भी साफ उजागर हो रही है। नोटबंदी के दौरान एसपी ने बैंक प्रबंधकों को कैश चेस्ट से शाखा में लाने ले जाने के दौरान सुरक्षा कर्मी रखने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके बैंक प्रबंधकों द्वारा इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। जिससे इस तरह की लूटपाट की आशंका बनी रहती है।

बैंक नहीं मांग रहे हमसे पुलिस सुरक्षा
बड़ी मात्रा में कैश ट्रांसफर पर बैंक प्रबंधन की मांग पर सशुल्क सुरक्षा दिलवाई जाती है। नोटबंदी के समय सरकार के सख् निर्देश पर बैंकों ने सुरक्षा मांगी भी थी, लेकिन यहां बैंक की आेर से कोई सुरक्षा नहीं मांगी गई है। कई बार महज थोड़ा शुल्क बचाने के फेर में लूट जैसी बड़ी वारदात हो जाती है। जैसा कि, आंबापुरा में दो बैंक कर्मियों के साथ हुआ। सुरक्षा कर्मी साथ लेकर जाने पर ऐसी वारदातों को टाला जा सकता है।
- कालूराम रावत, एसपी

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