--Advertisement--

विवाद और विरोध के बीच, जानिए शौर्य और वीरता के 9 गुणों की रानी पद्मिनी को

पदमिनी ने शौर्य, बलिदान और वीरता की अमर कहानी छोड़ी है। हम नौ वो बात लाएं हैं, जो अब भी प्रासंगिक हैं।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 05:46 AM IST
आप अभी तक जौहर से जुड़ी एकमात्र तस्वीर देखते हैं। दैनिक भास्कर अपने पाठकों के लिए नया चित्र लाया है। इसमें आन-बान और शौर्य झलकता है। यह तस्वीर बताती हंै कि जौहर भी घूंघट में हुआ था। रानी पदमिनी के चेहरे पर उस वक्त आक्रांता के लिए गुस्सा था तो दूसरी तरफ राजा रतनसिंह के लिए सम्मान। यह चित्र खासतौर पर वरिष्ठ चित्रकार केजी कदम ने तैयार किया। आप अभी तक जौहर से जुड़ी एकमात्र तस्वीर देखते हैं। दैनिक भास्कर अपने पाठकों के लिए नया चित्र लाया है। इसमें आन-बान और शौर्य झलकता है। यह तस्वीर बताती हंै कि जौहर भी घूंघट में हुआ था। रानी पदमिनी के चेहरे पर उस वक्त आक्रांता के लिए गुस्सा था तो दूसरी तरफ राजा रतनसिंह के लिए सम्मान। यह चित्र खासतौर पर वरिष्ठ चित्रकार केजी कदम ने तैयार किया।
चित्तौड़गढ़. संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्‌मावती की वजह से चित्तौड़ की रानी पद्मिनी (पद‌्मावती) को लेकर विवाद हो रहा है। मेवाड़ समेत देशभर से यह आवाज उठ रही है कि फिल्म में कुछ ऐसी बात शामिल की हैं, जो निराधार-तथ्यहीन हैं। विवाद और विरोध के बीच दैनिक भास्कर ने इतिहास के जानकारों, इतिहास के संर्दभों और प्रचलित कहानियों से जानने की कोशिश की है कि आखिर सच्चाई क्या है? पता चलता है कि पद्मिनी ने शौर्य, बलिदान और वीरता की अमर कहानी छोड़ी है। इतिहास के जानकारों का कहना है कि पद्मिनी कोई कल्पना नहीं बल्कि, जीवंत इतिहास है। मलिक मोहम्मद जायसी की पदमावत् से पहले ही कई विद्वान इसका उल्लेख कर रहे हैं। हमने वो किताब भी तलाश की हैं। इस रिपोर्ट विशेष रिपोर्ट में भास्कर यह भी बता रहा है रानी पद्मिनी शौर्य और वीरता के 9 गुण...
1. वीरांगना - पद्मिनी वीर क्षत्राणी थी। वे गोरा-बादल के वीरत्व से परिचित थीं। इसी से उन्हें प्रेरणा देकर उनके वीरत्व को जागृत कर पति की बंधनमुक्ति और अपने सतीत्व की रक्षा का भार उन्हें सौंपती है।
2. बुद्धिमानी - पंडित राघव को देश निष्कासन का दंड दिया था। तब रानी पद्मिनी राघव को अपना कंगन देती हैं। क्योंकि राघव पंडित गुणी विद्वान व अनेक विधाओं के स्वामी थे। उन्होंने गुणी ब्राह्मण का अपमान नहीं किया।
3. स्वाभिमानी - पद्मिनी स्वाभिमानी नारी हैं। संकट में वे घबराई नहीं। पति की बंधन अवस्था में जब चित्तौड़ के सामंत और कुंवर उसे सुल्तान को सौंपकर राजा को छुड़ाने की योजना बनाते हैं तो वह अपनी बुद्धि से सफल योजना बनाती हैं।
4. आदर्श पत्नी - मलिक मोहम्मद जायसी ने रानी पद्मिनी की जीवन को आधार बनाकर पद्मावत महाकाव्य की रचना की। जायसी ने आदर्श पत्नी के रूप में स्थापित किया। पद्मिनी भावी पति रतनसिंह से भेंट होने से लेकर जीवन पर्यंत उनके प्रति समर्पित रही।
5. सतीत्व की रक्षा - पद्मिनी हिंदू नारी के गौरव का प्रतीक है। रतनसिंह को बंदी अवस्था में देवपाल और अल्लाउद्दीन के भेजे दूत की परीक्षा की अग्नि में तपकर उसका सतीत्व अखंड हो गया।
6. रणनीतिकार - खिलजी के रणथंभौर पर आक्रमण के बाद मेवाड़ पर हमले की आशंका भांपकर रतनसिंह ने सभी सामंतों को बुलाकर युद्व की तैयारी शुरू कर दी थी। रानी भी इस रणनीति में शामिल थीं।
7. नेतृत्व - रानियां महलों से बाहर नहीं आती थीं। पद्मिनी दरबार में युद्ध रणनीति बनाने में शामिल हुईं। रतनसिंह बंदी बना लिए तो युद्ध का नेतृत्व किया व गढ़ में किसी भी परिस्थिति में उत्सर्ग के लिए तैयार रहने को प्रेरित किया।
8. पवित्रता - पद्मिनी स्वयं में कुशल रणनीतिकार, साहसी और रूपवती होने के साथ पतिव्रता थीं। उनके सारे फैसले व कदम इसी से प्रेरित थे। इतिहासकारों के मुताबिक उनके साहस की कहानी यह है कि आक्रांता अलाऊदीन खिलजी के महल में आने से पहले जौहर की तैयारी कर ली।
9. निर्णय क्षमता - वे रणनीतिक निर्णय भी करती थीं। जब सुल्तान राणा रतनसिंह को बंदी बना ले गया तो पद्मिनी ने ही अपने विश्वस्त गोरा व बादल से राय की। फिर 1600 बंद पालकियों में योद्धा बैठे। खबर फैलाई कि पद्मिनी सखियों के साथ आ रही हैं। सुल्तान से प्रार्थना की वे रानी को रतनसिंह से अंतिम भेंट करने दें। इससे प्रसन्न होकर सुल्तान ने आज्ञा दे दी। सैनिक रतनसिंह को छुड़ा लिया।
(प्रो. सुशीला लड्‌ढ़ा, प्रो. लोकेंद्र सिंह चुंडावत के मुताबिक)
पद्मिनी का जौहर भारतमाता की पूंजी हैं
जिन्दा जल गयी मगर अपनी तेजस्वी आन न जाने दी।
मेवाड़ी कुंकुम मेहंदी की पावन पहचान न जाने दी।।
जौहर ज्वाला को कर प्रणाम योद्धा दुश्मन पर टूट पड़े। मुठ्ठी भर थे पर लाखों में रजपूती शान न जाने दी।।
ब तक जीवित है वसुंधरा जब तक गंगा में पानी है। भरत भूमि की धरती पर जबतक कविता की बाणी है।।
तबतक पद‌्मिनी के जौहर की गाथा दुहरायी जायेगी। ये ज्वालाओं से लिखी अविनाशी अमिट निशानी है।।
पद्मिनी ने मान से जीना सिखाया है। अग्निगर्भा मातृ भू का ऋण चुकाया है।।
स्वाभिमानी रक्त में थी रीति रघुकुल की। प्राण देकर भी वचन अपना निभाया है।। पद्मिनि है जिंदा मिसाल मेवाड़ी काल वरण की। यही नीव की ईंट बनी हल्दीघाटी के रण की।। महाकाल तक कांप उठा था पद्मा के जौहर से। पृष्ठभूमि थी यह जैसे राणा प्रताप के प्रण की।। पद्मिनी का कालजयी जौहर भारतमाता की पूंजी है। ये वो धरती है जहां कभी चेतक की टापें गूंजी हैं।।
- पं. नरेंद्र मिश्र (मेवाड़ घराने के राजकवि)
(कंटेंट - निरंजन शुक्ला, मनोज शर्मा, राकेश पटवारी, राजनारायण शर्मा। लेआउट- हर्ष आर्य)
सालों से चल रही जौहर ज्योत। जौहर भवन में सालों पहले शुरू हुई यह ज्योत आज तक जग रही है। जौहर ज्योत नाम से जानते हैं। सालों से चल रही जौहर ज्योत। जौहर भवन में सालों पहले शुरू हुई यह ज्योत आज तक जग रही है। जौहर ज्योत नाम से जानते हैं।
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
X
आप अभी तक जौहर से जुड़ी एकमात्र तस्वीर देखते हैं। दैनिक भास्कर अपने पाठकों के लिए नया चित्र लाया है। इसमें आन-बान और शौर्य झलकता है। यह तस्वीर बताती हंै कि जौहर भी घूंघट में हुआ था। रानी पदमिनी के चेहरे पर उस वक्त आक्रांता के लिए गुस्सा था तो दूसरी तरफ राजा रतनसिंह के लिए सम्मान। यह चित्र खासतौर पर वरिष्ठ चित्रकार केजी कदम ने तैयार किया।आप अभी तक जौहर से जुड़ी एकमात्र तस्वीर देखते हैं। दैनिक भास्कर अपने पाठकों के लिए नया चित्र लाया है। इसमें आन-बान और शौर्य झलकता है। यह तस्वीर बताती हंै कि जौहर भी घूंघट में हुआ था। रानी पदमिनी के चेहरे पर उस वक्त आक्रांता के लिए गुस्सा था तो दूसरी तरफ राजा रतनसिंह के लिए सम्मान। यह चित्र खासतौर पर वरिष्ठ चित्रकार केजी कदम ने तैयार किया।
सालों से चल रही जौहर ज्योत। जौहर भवन में सालों पहले शुरू हुई यह ज्योत आज तक जग रही है। जौहर ज्योत नाम से जानते हैं।सालों से चल रही जौहर ज्योत। जौहर भवन में सालों पहले शुरू हुई यह ज्योत आज तक जग रही है। जौहर ज्योत नाम से जानते हैं।
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
characteristics of Rani Padmavati
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..