Hindi News »Rajasthan News »Udaipur News» Commando Tells About Mumbai Attack Story

मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'

महेश शर्मा | Last Modified - Nov 26, 2017, 08:03 AM IST

ऐसा था होटल ताज पर आतंकी हमले के बाद कमांडो का ऑपरेशन
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    कमांडो को हेलिकॉप्टर से होटल ताज की छत पर उतारा गया था।

    मुंबई/उदयपुर.मुंबई पर 26 नवंबर 2008 के हमलों के दौरान 10 हमलावरों ने मुंबई को खून से रंग दिया था। हमलों में 167 लोग मारे गए थे। इसमें नेशनल सिक्युरिटी गार्ड(NSG) की ओर से चले रेस्क्यू ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो में शामिल रहे कमांडो केशव गुर्जर और ब्लैक कैट कमांडो बजरंग सिंह शेखावत ने भास्कर को बताया उन 60 घंटों का पूरा हाल। हर तरफ से आवाज आ रही थी- "प्लीज बचाओ"....

    - मुंबई आतंकी हमले की नवीं बरसी पर रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे कमांडो केशव फौजी ने उस समय के मंजर को याद करते हुए बताया कि हमलों की खबर आने के बाद वे अपने बिग्रेडियर एससी रांगी की अगुवाई में हरियाणा के मानेसर स्थित NSG हेडक्वार्टर से 32 जवानों की टीम के साथ 27 नवंबर की सुबह मुंबई पहुंंच गए।

    - मुंबई में उनको गेट वे ऑफ इंडिया के सामने ताज होटल में घुसे आतंकियों को पकड़कर और होटल में रह रहे लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    - होटल के ऊपरी मंजिलों में आग लग चुकी थी। बार-बार हथियार लेकर जाना भी बड़ा चैलेंज था। केशव ने बताया कि उनका ऑपरेशन 29 नवंबर की सुबह तीन बजे बाद खत्म हुआ।

    - आज भी मैं उसे 60 घंटे का एक दिन मानता हूं। क्योंकि बच्चे, जवान, बुर्जुगों की चीत्कार, हर तरफ से आवाज आ रही थी प्लीज बचाओ। गोलियों की तड़तड़ाहट की ऐसी आवाज आ रही थी मानो कोई मेरे अपनों की छाती पर गोलियां बरसा रहा है। दिल कांप नहीं रहा था, बल्कि आग की तरह सुलग रहा था, उन दहशतगर्दों के लिए जो कि ना तो हमको दिखाई दे रहे थे और ना ही हमको पता था कि कहां-किस ओर से छिपकर गोलियां बरसा रहे हैं, लेकिन वे हमको देख पा रहे थे।

    चीख-पुकारों के बीच दिया ऑपरेशन को अंजाम
    - उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 9 आतंकवादी मारे गए। जबकि, सेना की तरफ से मेजर संदीप उन्नीकृष्णन व कमांडो गजेंद्र सिंह शहीद हो गए थे। जिंदा बचे एक आतंकी कसाब को बाद में नरीमन इलाके के पास से मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसे बाद में फांसी की सजा दी गई।

    - कमांडो केशव ने बताया कि होटल के अंदर बच्चे और महिलाओ की चीख-पुकारों के बीच ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने में परेशानियां आई, लेकिन जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया।

    3 हिस्सों में बांटा गया टीम को

    - इस ऑपरेशन में शामिल ब्लैक कैट कमांडो बजरंगसिंह शेखावत ने बताया कि 26 नवंबर 2008 को मैंं मानेसर के एनएसजी कमांडो यूनिट में था। मेरी ड्यूटी रात में क्यूक अलर्ट टीम में थी। रात 10 बजे हमें सूचना दी गई कि कही कोई बड़ी घटना है। हमें जाना होगा।

    - हमारी टीम ने इसे मॉक ड्रिल का हिस्सा समझा और तुरंत रवाना हो गए। मेन गेट पर आते ही हमें इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंचने कहा गया तो समझ में आया कि कहीं न कहीं कुछ अनहोनी हुई है। हमारी 105 लोगों की टीम थी। रात 11.30 पर हम एयरपोर्ट पहुंचे। वहां हमें बताया गया कि होटल ताज मुंबई पर आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया है।

    - उस वक्त के होम मिनिस्टर शिवराज पाटिल आए तो हम उनके साथ रात 2 बजे मुंबई रवाना हो गए। 27 नवंबर को सुबह 4.30 बजे मुंबई पहुंचे। हमारी टीम को तीन हिस्सों में बांटा गया और होटल ताज, नरिमन हाउस और होटल टारनीडो पर एक्शन के ऑर्डर दिए। मैं उस टीम में था, जिसे होटल ताज के आॅपरेशन की जिम्मेदारी दी गई। हम सुबह 6 बजे होटल ताज पहुंचे।

    3 घंटे की गोलीबारी के बाद जवानों ने ग्रेनेड फेंककर किचन में आग लगा दी

    - बजरंगसिंह ने बताया कि हमारी टीम को मेजर सौरभ साहा लीड कर रहे थे। 27 नवंबर को करीब 8.45 पर हम होटल में घुसे और ग्राउंड फ्लोर कवर किया। वहां करीब आठ-दस लाशें पड़ी थीं। हमारी छह-छह कमांडो की 5 टीमें बनाई गई। एक टीम सर्च कर रही थी और दूसरी लोगों को कमरों से सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी थी। मैं तीसरी टीम में था।

    - शाम करीब 5 बजे हमें आतंकियों की लोकेशन मिली। वे पीछे की तरफ कॉर्नर में बनी किचन में थे। करीब तीन घंटे की गोलीबारी में हमनें ग्रेनेड फेंककर किचन में आग लगा दी। किचन से जवाबी कार्रवाई नहीं होने पर रात 9 बजे हम किचन में घुस गए। वहां दो आतंकी मृत मिले।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, मेजर संदीप कृष्णन ने गोली लगने के बाद भी नहीं छोड़ा था मोर्चा ...

  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    हमलों में 167 लोग मारे गए थे।

    मेजर संदीप कृष्णन ने गोली लगने के बाद भी नहीं छोड़ा मोर्चा

    - कमांडो बजरंगसिंह के मुताबिक, रात 12 बजे दिल्ली से एनएसजी के ब्लैककेट कमांडो की एक और टीम आ चुकी थी। उसमें मेजर संदीप कृष्णन शामिल थे। तीसरे फ्लोर से आतंकवादी नीचे फायरिंग कर रहे थे। होटल की लाइट काटी जा चुकी थी और हम अंधेरे में ही आगे बढ़ रहे थे। दूसरी से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए चार सीढ़ियां थी।
    - पहली सीढ़ी पर मेजर संदीप कृष्णन की टीम फायरिंग कर तीसरी मंजिल पर जाने की कोशिश कर रही थी, तभी एक आतंकवादी की गोली हमारे एक साथी को लगी तो मेजर संदीप कृष्णन ने दूसरे कमांडो को ऑर्डर दिए कि वे जख्मी कमांडो को नीचे ले जाएं।

    - मेजर संदीप कृष्णन के साथ महज तीन कमांडो रह गए थे। मैं मेजर संदीप कृष्णन की पीछे वाली टीम में था। एक आतंकवादी की गोली मेजर संदीप कृष्णन को लगी और वे जख्मी हो गए, लेकिन मोर्चा नहीं छोड़ा। सुबह छह बजे जब उजाला हुआ और हम आगे बढ़े तो हमें मेजर संदीप कृष्णन की लाश सीढिय़ों पर मिली। वे शहीद हो चुके थे।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, हेलिकॉप्टर से उतारे कमांडो ...

  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    इस तरह के हालातों में कंमाडोज ने दिया था आॅपरेशन को अंजाम।

    हेलिकॉप्टर से उतारे कमांडो


    कमांडो बजरंगसिंह ने बताया कि 28 नवंबर को दिन में 12 बजे तक कमांडो ने होटल नरिमन और टाॅरनेडो को आजाद करवा लिया। दूसरी टीम के कमांडो को हेलिकॉप्टर से होटल ताज की छत पर उतारा गया। तीसरी मंजिल से हमारी टीम और ऊपर से दूसरे कमांडो ऑपरेशन कर रहे थे। रात नौ बजे तक हम सभी पांचों मंजिलों पर कब्जा कर चुके थे।


    एक आतंकी नहीं मिल रहा था


    - कमांडो बजरंगसिंह आगे बताते हैं कि हम दो आतंकियों को मार चुके थे। हमारी जानकारी के मुताबिक, होटल में तीन आतंकवादी घुसे थे। उस आतंकी की खोज में रात में फिर ऑपरेशन सर्च शुरू किया गया।

    - रात 11 बजे इंडिया गेट की तरफ से होटल से गोली चलने की आवाज आई। गोेली एके 47 से चली थी। वह आतंकवादी तीसरी मंजिल पर था। वह एक कमरे से रुक-रुककर गोलियां चला रहा था।

    - हमने ग्रेनेड से कमरे में आग लगा दी। 29 नवंबर की सुबह आठ बजे यह कार्रवाई चल रही थी। अाग से बचने के लिए जैसे ही आतंकवादी एक खिड़की में आकर सुरक्षित स्थान की खोज कर रहा था, तभी नीचे खड़े कमांडो ने उसे -गोली मार दी और वह नीचे आ गिरा। 29 नवंबर को सुबह नौ बजे हमारा आॅपरेशन खत्म हो गया।

    आगे की स्लाइड्स में देखें मुंबई हमलों की चुनिंदा फोटोज...

  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    हमलों के दौरान 10 हमलावरों ने मुंबई को खून से रंग दिया था।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    इस तरह से बिखर गईं थीं लोगों की लाशें।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    हमले के दौरान होटल के अंदर कैद कर रखे गए लोगों को बाहर निकालते कमांडो।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    ताज होटल से कई गेस्ट्स को कराया गया था आजाद।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    अटैक के बाद ताज से करीब 30 लाशें बरामद की गई थी।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    CCTV फुटेज में कैद हुआ था आतंकी अजमल कसाब।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    गोलीबारी और बमबारी के बीच कमांडोज ने किया था आतंकियों से मुकाबला।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    कमांडो बजरंगसिंह शेखावत।
  • मुंबई 26/11 हमले के वो 60 घंटे, हर तरफ से आवाज आ रही थी- 'प्लीज बचाओ'
    +12और स्लाइड देखें
    साथियों के साथ एनएसजी कमांडो केशव गुर्जर (फाइल फोटो)
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Commando Tells About Mumbai Attack Story
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From Udaipur

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×