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पत्थर उगलने वाले जिले में तांबे का भंडार, 11.79 मिलियन टन के 2 ब्लाॅक होंगे नीलाम

चितौड़गढ़ के भूपालसागर क्षेत्र में चिह्नित किए गए तांबे के दो ब्लॉक, सरकारी खजाने में होगी करोड़ों की आमद

राजनारायण शर्मा | Last Modified - Nov 06, 2017, 08:09 AM IST

पत्थर उगलने वाले जिले में तांबे का भंडार, 11.79 मिलियन टन के 2 ब्लाॅक होंगे नीलाम
चित्तौड़गढ़. सीमेंट के रॉ मटेरियल लाइम स्टोन व चाइना क्ले सहित अन्य तरह के पत्थर उगलने वाले चित्तौड़गढ़ जिले के कुछ क्षेत्र में अब तांबा के भी भंडार मिले हैं। इनसे सरकारी खजाने में करोड़ों रुपए की आमद पहुंचने की उम्मीद है। भूपालसागर क्षेत्र में तांबे के दो ब्लाक चिन्हित हुए हैं। जिनकी निकट भविष्य में खनिज विभाग ई नीलामी से बोली लगाएगा। खनिज विभाग कई सालों से जिले की धरती में दबे अन्य खनिज का पता करने के प्रयास में जुटा है। इस संबंध में केंद्र सरकार के मिनरल एक्सप्लोशन कारपोरेशन सेंट्रल जोन नागपुर की एक रिपोर्ट सकारात्मक रही है। इसके अनुसार सब कुछ सही रहा तो भूपालसागर क्षेत्र की पहचान कॉपर एरिए के रूप में होगी। एक ब्लाॅक तो करीब 20 किलोमीटर एरिए में है। विभाग ने भागल और वारी नाम से दो ब्लाॅक बनाए हैं। भागल ब्लाक में 9.23 मिलियन टन और वारी में 2.56 मिलियन टन कॉपर की उपलब्धता मिली है।
1985 में भी मिले थे संकेत, लेकिन तब आगे नहीं बढ़ा सर्वे
इस क्षेत्र में कॉपर के संकेत 1985 में ही मिल गए थे, लेकिन कई कारणों से सर्वे कार्य गति नहीं पकड़ नहीं पाया। बाद में आधुनिक संसाधनों व सेटेलाइट से खोज पूरी हुई तो प्रचुरता वाली कई जमीनें चरागाह में होने से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अब सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद आगामी समय में भंडार की ई नीलामी होगी। सर्वे कार्य पर सात करोड़ रुपए खर्च हुए है। राजस्थान में झुंझुनूं व अलवर के बाद अब इसी जिले में कॉपर की अच्छी उपलब्धता सामने आ रही है।
इन दो क्षेत्रों में मिले कॉपर ब्लाॅक
1) वारी क्षेत्र में प्राचीन सुरंग के साथ गहरे गडढ़ों में उपलब्धता : वारी क्षेत्र का नजदीकी रेलवे स्टेशन भूपालसागर है। इसे ए, बी, सी व डी 4 भागों में बांटा गया है। सर्वाधिक तांबा बी व सी ब्लाक में है। खनिज अन्वेक्षण निगम की रिपोर्ट अनुसार 2.56 मिलियन टन तांबा निकल सकता है। इस पर 376.6 लाख रुपए खर्च का अनुमान है।
2) भागल में लोह अयस्क के साथ कॉपर डिपोजिट वाड़ी, आकोला, भींडर बेल्ट के पश्चिम में गूजरों की भागल है। ये ब्लाक फतहनगर और भूपालसागर रेलवे स्टेशन से करीब 20 किमी दूरी पर है। इस एरिये में दुर्लभ प्रकार का पत्थर, पानी के द्वारा बही गई पतली मिटटी की परत पाई गई है। सेप्टिक पत्थर और अम्लीय ज्वालामुखी के अंश भी देखे गए हैं।
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