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यहां हो रही शहीद की बेटी की अनूठी शादी, शामिल होंगे 19 शहीदों के परिवार

शादी की मेजबानी अंजु के परिजन, कॉलेज स्टाफ और छात्र ही नहीं बल्कि 19 शहीद सैनिकों के परिवार वाले करेंगे।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:58 AM IST
गोद ली बेटी अंजु एवं पिता कुलद गोद ली बेटी अंजु एवं पिता कुलद

हनुमाननगर. भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर ब्लॉक के अमरवासी गांव में 23 नवंबर को होने वाली शादी आम शादियों से अलग रहेगी। वहां के शिक्षण संस्थान में शहीद सैनिक की बेटी के हाथ पीले होंगे। यह बेटी इस संस्थान में ही शुरुआत से पढ़ी। कॉलेज शिक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हुए सरकारी नौकरी लगी। अब संस्थान एक पिता की तरह अंजु को बिदा करने वाला है। शादी की मेजबानी अंजु के परिजन, कॉलेज स्टाफ और छात्र ही नहीं बल्कि 19 शहीद सैनिकों के परिवार वाले करेंगे।

- अमरवासी का राजीव गांधी विद्यापीठ शिक्षण संस्थान अपनी बेटी की शादी की खुशी में सज चुका है। मेहमान आने लगे हैं। जिलेभर से शहीद सैनिकों के परिवार भी आने शुरू हो गए।

- 23 नवंबर की शाम को यहां गाडोली गांव से बारात आएगी। विशेष बात यह कि दूल्हा संगमकुमार भी सैनिक है। संस्थान के निदेशक कुलदीप कुलहरि ने अंजु को गोद लिया था।

- बात 1998 की है। पास के ही टीकड़ गांव में एक ही दिन करगिल से दो फौजियों के शव आए थे। तीसरे की बैठक में कुलहरि शिवरामसिंह मीणा और जयराम मीणा भी गए थे।

- शिवरामसिंह की बेटी अंजु, बेटा कुलदीप एवं जयराम की बेटी सरिता तब अबोध थी। लोग बात कर रहे थे। अब बच्चों का क्या होगा? कुलहरी ने वहीं कह दिया बच्चों की जिम्मेदारी मेरी। फिर तीनों बच्चे राजीव गांधी विद्यापीठ में पढ़ने लगे।

- घर पर कुलहरि की बेटी आकांक्षा के साथ खेलते। सरिता और कुलदीप सीनियर सैकंडरी के बाद अन्य संस्थानों में पढ़ने चले गए। अंजु ने यहीं से ग्रेजुएशन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। वह इन दिनों देवली तहसील में सूचना सहायक है।

शामिल होंगे शहीद सैनिकों के परिवार
शादी के लिए जिला सैनिक कल्याण बोर्ड से शहीदों की सूची ली गई है। जिले के सभी 16 व चित्तौड़गढ़ जिले के 3 शहीद सैनिकों के परिवारों को निमंत्रित किया गया है। निमंत्रण पत्र पर भी मोटे अक्षरों में लिखा है ‘शहीद सैनिक पुत्री’। ऐसे कई परिवारजन मंगलवार तक वहां पहुंच गए थे। इन परिवारों का विवाह पांडाल में सार्वजनिक अभिनंदन भी किया जाएगा।

टैंट और हलवाई की सेवा भी मुफ्त

योजन में शहीदों के प्रति देश के लोगों का सम्मान भाव भी झलक रहा है। टैंट व्यवसायी संजय जैन को पता चला कि गोद ली गई शहीद की बेटी की शादी हो रही है। जैन ने शादी सीजन के बावजूद भव्य पांडाल नि:शुल्क लगाया है। हलवाई की 18 लोगों की टीम है। यह टीम भी मेहनताना नहीं लेगी। इस शादी में कोई लेन-देन नहीं होगा। कॉलेज के छात्र जरूर उपहार देने के लिए आपस में सहयोग राशि जुटा रहे हैं।