--Advertisement--

जावेद अख्तर क्या जानें मेवाड़ राजघराने के बलिदान का इतिहास : महेंद्र सिंह

मेवाड़ पूर्व राजघराने के महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने जावेद अख्तर के बयान का किया विरोध।

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 08:21 AM IST
महेन्द्र सिंह मेवाड़। महेन्द्र सिंह मेवाड़।

उदयपुर. राजपूत-रजवाड़ों, पूर्व राणों और महाराजाओं पर विवादित बयान को लेकर मेवाड़ पूर्व राजघराने के महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने कहा है कि लेखक और गीतकार जावेद अख्तर जैसे लोग क्या जाने मेवाड़ राजघराने के त्याग और बलिदान का इतिहास। मुझे आश्चर्य होता है जावेद अख्तर जैसे लेखक को इतिहास की जानकारी ही नहीं है। जावेद का वक्तव्य उनकी चिढ़ और हीन भावना को दर्शाता है। मेवाड़ ने उदाहरण देकर कहा कि जब क्रिकेटर धोनी के जीवन पर आधारित फिल्म बनाई थी तो धोनी से स्वीकृति ली थी। ‘एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ फिल्म खुशी-खुशी बनाई गई। किसी के परिवार, समाज और गौरवशाली इतिहास को तथ्य बनाकर फिल्म बनाई जाए तो उसके तथ्यों की पूरी पड़ताल होनी चाहिए। जबकि पद्मावती फिल्म के टीजर में ही बहुत गलत तथ्य पेश किए गए हैं। जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है।

हमारे पूर्वज जावेद जैसी भावना पर चले होते तो आज सभी धर्म इतना सम्मान नहीं करते

महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कहा है कि कहा कि 20 नवंबर को दो व्यक्तियों ने उनसे मुलाकात की और उन्हें दो प्रतीक चिह्न भेंट किए, जिनमें एक मक्का-मदीना का था तो दूसरा तिब्बत का। अगर मेरे पूर्वज जावेद अख्तर की भावना पर चले होते तो आज भी विभिन्न धर्मों के लोगों में मेवाड़ राजघराने के प्रति सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि शिष्टाचार के प्रति शिष्टाचार ही मिलता है।

जौहर काल्पनिक होता तो सेना की 9 ग्रेनेडियर्स क्यों मनाती स्थापना दिवस

महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सीएम वसुंधरा राजे, सेंसर बोर्ड, राज्य प्रशासन, मंत्री स्मृति ईरानी, मंत्री प्रकाश जावडेकर, मंत्री राज्य वर्धन सिंह राठौड़ को पत्र लिखकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है। महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कहा है कि सेना की यूनिट नाइन ग्रेनेडियर्स का स्थापना दिवस जौहर दिवस के दिन ही मनाया जा रहा है, जिसके साक्ष्य सेना से भी लिए जा सकते हैं।

जावेद अख्तर का यह था विवादित बयान
जावेद अख्तर ने रविवार को समाचार चैनल आज तक से बातचीत में विवादास्पद बयान दिया था कि राजपूत-रजवाड़े अंग्रेजों से भी कभी लड़े नहीं थे, पर अब फिल्म के विरोध में सड़कों पर उतर रहे हैं। ये जो राणा लोग हैं, महाराजे हैं, राजे हैं राजस्थान के, 200 साल तक अंग्रेज के दरबार में खड़े रहे। तब उनकी राजपूत कहां गई थीं।

X
महेन्द्र सिंह मेवाड़।महेन्द्र सिंह मेवाड़।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..