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यहां हर साल लाखों आते हैं विदेशी मेहमान, गांव में बैठकर खाते हैं मक्के की रोटी

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि उदयपुर में पर्यटकों को जल्द एग्री टूरिज्म की सौगात मिलेगी

विपिन सोलंकी | Last Modified - Nov 11, 2017, 04:28 AM IST

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    उदयपुर.कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि उदयपुर में पर्यटकों को जल्द एग्री टूरिज्म की सौगात मिलेगी। इसके लिए सरकार प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत उदयपुर आने वाले पर्यटक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के यहां ठहर सकेंगे। वहां रुकने, खाने के साथ सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
    इससे पर्यटकों को शहर में घूमने के साथ गांवों में ठहरकर जंगल, खेत, खाना, खेती का अनुभव एक साथ मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं पर्यटकों को भी एक अलग एहसास होगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ लेकसिटी को टूरिज्म में एक कदम और आगे बढ़ाना है। राज्य सरकार इन सभी बिंदुओं पर विचार कर रही है। सैनी ने ये बात एग्री मीट के बाद भास्कर से विशेष बातचीत में कही। सैनी ने बताया कि अगर यह प्रोजेक्ट सफल हुआ तो प्रदेश में सबसे पहले एग्री टूरिज्म की सौगात उदयपुर को मिलेगी। किसानों के लिए अलग प्लेटफॉर्म मिलेगा। बता दें कि उदयपुर में हर साल करीब 8 लाख देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं जो शहर के साथ आदिवासी इलाकों में झीलों, पहाड़ों की ओर भ्रमण करना भी पसंद करते हैं।

    बाजरे की बिस्किट बनाएंगे, खेती को मिलेगा बढ़ावा : कृषि मंत्री ने यह भी कहा है कि वर्तमान में प्रदेश में 42 लाख हैक्टेयर में बाजरे का उत्पादन होता है। प्रयोग के तौर पर इससे बिस्किट बनाने पर विचार कर रहे हैं। यह काफी पौष्टिक होने के साथ सेहतमंद होता है।
    गांवों में सांस्कृतिक संध्या होगी ताकि पर्यटक यहां की संस्कृति समझ सकें
    उन्होंने बताया कि देसी-विदेशी पर्यटक मेवाड़ में तैयार मक्के की रोटी का आनंद उनके खेतों में ले सकेंगे। मक्का के साथ अन्य प्रोडक्ट भी मिले, इसकी व्यवस्था की जाएगी। मंत्री सैनी के साथ कृषि विशेषज्ञ प्रोफेसर आईजे माथुर ने बताया कि पर्यटक जब किसानों के यहां ठहरेंगे तो सांस्कृतिक संध्या भी होगी। इससे पर्यटकों को क्षेत्र विशेष की संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।
    हर साल इतने पर्यटक आते हैं यहां
    साल पर्यटक संख्या पर्यटक संख्या
    2014 देसी 720120 विदेशी 166936
    2015 देसी 727266 विदेशी 164721
    2016 देसी 643455 विदेशी 183905
    इसलिए सफल हो सकता है एग्रो टूरिज्म
    झीलों की नगरी में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। शहर के पर्यटन केंद्रों के साथ हल्दीघाटी, कुंभलगढ़, गोगुंदा, बागदड़ा नेचर पार्क, बॉयोडायवर्सिटी पार्क, रणकपुर, सीता माता सेंचुरी, गोरमघाट, फूलवारी की नाल, उबेश्वर जी, रायता आदि क्षेत्रों में भी हर दिन हजारों पर्यटक जाते हैं। इन जगहों पर जाने में पर्यटकों को कई गांवों से होकर गुजरना पड़ता है। इन क्षेत्रों में एग्री टूरिज्म से लेकसिटी को नई पहचान मिल सकती है।
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