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पद्मावती विवाद: चित्तौड़ दुर्ग में पद्मिनी के इतिहास पर भी पर्दा, प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन जारी

फरवरी में महल के अंदर लगे कांच भी फोड़ दिए गए थे, जिनमें खिलजी को पद्मावती का चेहरा दिखाने का दावा किया जाता था।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 26, 2017, 06:40 AM IST

पद्मावती विवाद: चित्तौड़ दुर्ग में पद्मिनी के इतिहास पर भी पर्दा, प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन जारी

जयपुर/भीलवाड़ा/नई दिल्ली.पद्मावती फिल्म को लेकर प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन जारी है। शनिवार को सर्व समाज के आह्वान पर भीलवाड़ा बंद रहा। दोपहर तक शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। चित्तौड़गढ़ में इतिहास की जानकारी देने के लिए चित्तौड़ दुर्ग में रानी पद्मिनी महल के बाहर लगे सांस्कृतिक नोटिस बोर्ड पर पुरातत्व विभाग ने कपड़ा डाल दिया है। फरवरी में महल के अंदर लगे कांच भी फोड़ दिए गए थे, जिनमें खिलजी को पद्मावती का चेहरा दिखाने का दावा किया जाता था। इस बीच, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने फिल्म पद्मावती का नाम लिए बिना शनिवार को कहा कि हिंसा की धमकियां देना और शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर इनाम की घोषणा लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। उधर, जयपुर में नाहरगढ़ किले की दीवार पर फंदे से लटके मिले युवक के शव के मामले में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पुलिस अब तक यह नहीं बता पा रही है कि यह हत्या है या आत्महत्या।

भीलवाड़ा में बंद के दौरान पेट्रोल पंप व चाय की होटल भी नहीं खुली। मेडिकल स्टोर भी एक घंटे बंद रहे। कोर्ट में भी कामकाज प्रभावित रहा। बंद के दौरान कृषि उपज मंडी के पास दुकानदार से विवाद के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने लाठियां फटकार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।

नाहरगढ़ में मिले शव पर असमंजस शव उतरा, 36 घंटे बाद भी झूल रहा सवाल- आत्महत्या है या हत्या?

- नाहरगढ़ किले के पत्थरों पर पद्मावती को लेकर लिखे मिले विवादित बोल और पास ही झूलती मिली लाश का रहस्य पुलिस 36 घंटे बाद भी नहीं खोल पाई। इस बात को लेकर अब भी संशय बना हुआ है कि यह आत्महत्या है कि हत्या। पद्मावती के बारे में सांप्रदायिक रंग देने वाले लेख किसने लिखे थे।

- डीसीपी नॉर्थ सत्येंद्र सिंह का दावा है कि अब तक हत्या को पुष्ट करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है, फिर भी पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है। इस बीच, शनिवार को चेतन की पत्नी नीतू ने ब्रह्मपुरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस पड़ताल में चेतन पर 9.50 लाख रुपए से ज्यादा का कर्जा होने की बात सामने आई है।

- पुलिस ने पत्थरों पर मिली लिखावट के नमूने जांच के लिए एफएसएल को भेजे हैं। बता दें कि किले की बुर्ज की दीवार से शुक्रवार को नाहरी का नाका निवासी 40 साल का चेतन कुमार सैनी का शव लटका मिला था।

राजपूत समाज ने की थी पत्थर हटाने की मांग

- चित्तौड़ दुर्ग में पद्मिनी महल के बाहर लगे सांस्कृतिक नोटिस पर किवदंती के आधार पर लिखे तथ्य पर विवाद है। यहां लिखा है कि 1303 में अलाउद्दीन खिलजी को यहां लगे कांच से पद्मिनी को दिखाया गया, जबकि राजपूत समाज सहित कई इतिहासकार इस तथ्य को मिथ्या मानते हैं।

- गत दिनों राजपूत समाज के लोगों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इसे हटाने की मांग की थी। शनिवार को पुरातत्व विभाग ने कपड़े की खोल पहनाकर इसे ढंक दिया। बोर्ड को तोड़ने की आशंका से पुलिस ने 4 जवान तैनात कर रखे हैं। ऐसी ही सुरक्षा कुंभा महल की है, जहां लाइट एंड साउंड में पद्मिनी का यही कथानक सुनाया जाता है।

उपराष्ट्रपति नायडू बोले- लोकतंत्र में धमकी देना या इनाम रखना मंजूर नहीं

- फिल्म पद्मावती पर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि हिंसा की धमकियां देना और शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर इनाम की घोषणा लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। पद्मावती का नाम लिए बिना उन्होंने सभी फिल्मों और कला का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की।

- एक साहित्य समारोह में नायडू ने कहा, ‘कुछ फिल्मों को लेकर नई समस्या पैदा हो गई है। धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत होने के नाम पर कुछ लोग प्रदर्शन करते हैं। कुछ लोग अतिरेक में बहकर इनाम घोषित कर देते हैं। मुझे संदेह है कि इनके पास इतनी रकम होती भी है या नहीं। हर कोई एक करोड़ रु. इनाम घोषित कर रहा है। क्या एक करोड़ रु. होना इतना आसान है?’

- नायडू ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना सबका अधिकार है। संबंधित अथॉरिटी के पास जाएं... लेकिन आप भौतिक अवरोध पैदा नहीं कर सकते। न ही हिंसक धमकियां दे सकते हैं। कानून न तोड़ें। उन्होंने कहा कि देश में हो रही इन घटनाओं को पहचानकर और अलग-थलग कर सख्ती से निपटना जरूरी है।

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