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वर्ष भर किसी के भी साथ हों, पर पर्युषण के 8 दिन आत्मा के पास रह करें साधना

पर्युषण पर्व पर शुक्रवार को जिनालयों में प्रवचन इत्यादि हुए। वहीं श्रवण संघ के आचार्य डॉ. शिव मुनि ध्यान-योग भी...

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 07:30 AM IST
पर्युषण पर्व पर शुक्रवार को जिनालयों में प्रवचन इत्यादि हुए। वहीं श्रवण संघ के आचार्य डॉ. शिव मुनि ध्यान-योग भी करा रहे हैं। साध्वी गुणमाला ने कहा कि वर्ष भर भले ही किसी के साथ रहें, लेकिन पर्युषण के आठ दिन आत्मा के पास रहकर उपासना करें। इन 8 दिनों में अनंत ज्ञान की प्राप्ति करें। वे शुक्रवार को अणुव्रत चौक स्थित तेरापंथ भवन में धर्मसभा को संबोधित कर रही थीं। साध्वी लक्ष्यप्रभा और साध्वी प्रेक्षा प्रभा ने खाद्य संयम के बारे में बताया।

सभाध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता ने बताया कि अब आठ दिन तक रोज सुबह 9.30 से 11 बजे तक प्रवचन होंगे। वहीं श्रवण संघ के आचार्य डॉ. शिवमुनि ने कहा कि साधक सिद्धी को लक्ष्य बना कर साधना करें। युवाचार्य महेन्द्र ऋषि महाराज ने मित्रता के तीन रूप बताए। जैन श्वेतांबर मूूर्ति पूजक जिनालय संघ सेक्टर-4 में मुनि शास्त्र तिलक विजय ने कहा कि श्रावक को संघ पूजा, सधार्मिक भक्ति, यात्रा, स्नात्रपूजा, जागरण आदि कर्तव्य निभाने चाहिए। जैन श्वेतांबर महासभा के आयड़ तीर्थ पर वर्षावास कर रहे आचार्य यशोभद्र सुरिश्वर के प्रवचन हुए। महासभा मंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि पहली बार पर्यूषण महापर्व के पांचवे दिन सोमवार को भगवान महावीर स्वामी का जन्म वांचन दिवस सुबह 11 बजे आयड़ तीर्थ के अराधना भवन में मनाया जाएगा। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के आराधना भवन में चातुर्मास कर रहे प्रन्यास प्रवर श्रुत तिलक विजय ने 11 कर्तव्यों का पालन करने की बात कही।

उदयपुर. शुक्रवार को चातुर्मासिक श्रावक सभा को संबोधित करते मुनि शास्त्र तिलक।