Hindi News »Rajasthan »Udaipur» Bear Couples Love Story

मेल साथी छोड़कर दूसरी जगह गया तो मादा ने तोड़ा दम, ऐसी है ये भालू कपल की लव स्टोरी

यह अनूठी प्रेम कहानी है बायोलॉजिकल पार्क उदयपुर में रहे एक भालू युगल की

Bhaskar News | Last Modified - Apr 13, 2018, 07:55 AM IST

  • मेल साथी छोड़कर दूसरी जगह गया तो मादा ने तोड़ा दम, ऐसी है ये भालू कपल की लव स्टोरी
    हेमा सर्दी में अंडे और गर्मी में आइस्क्रीम की शौकीन थी।

    उदयपुर. यह अनूठी प्रेम कहानी है बायोलॉजिकल पार्क उदयपुर में रहे एक भालू कपल की। शनिवार को जिस भालू हेमा ने आखिरी सांस ली, उसका साथी धर्मेंद्र 1997 में जोधपुर जू चला गया था। यह सिर्फ हेमा के बिछोह की कहानी नहीं है, बल्कि इसका एक रोचक पहलू ये है कि हेमा और धर्मेंद्र जिन दिनों बायोलॉजिकल पार्क में बहुत प्रेम से रह थे, उन्हीं दिनों एक सर्कस से आई माला भालू मीनाकुमारी का लगाव धर्मेंद्र के प्रति रहने लगा और उसे जब जोधपुर भेजा जाने लगा तो वह साथ ही धर्मेंद्र को भी भेज दिया गया। अभी धर्मेंद्र और मीनाकुमारी दोनों ही अपने भरेपूरे परिवार के साथ जोधपुर जू में हैं। हालांकि दोनों बहुत बुजुर्ग हो गए हैं।

    बायोलॉजिकल पार्क के हैड केयर टेकर रामसिंह पंवार पूरे घटनाक्रम के चश्मदीद हैं। वे बताते हैं, हेमा हिमालियन भालू थी और 40 साल की थी। वह 1989 में आई थी तो लगभग दस साल की थी। उन दिनों उदयपुर में एक सर्कस आई थी और वहीं से एक जोड़ा भालू जू को मिला था। फीमेल का नाम था हेमा और मेल था धर्मेंद्र। दोनों एक साथ आए आैर दोनों का प्रेम एक साथ ही परवान चढ़ा। दोनों के 17 दिसंबर 95 को दो बच्चे हुए। भोलू और छोटी मीना। भोलू आजकल यहीं है और छोटी मीना की गुलाब बाग में पांच साल की उम्र में मृत्यु हो गई। भोलू का मां के जाने से तो दुखी है ही, वह शादी नहीं होने से भी उदासियां बुनता रहता है। रामसिंह बताते हैं, कोशिश तो बहुत की, लेकिन भाेलू के लिए दुलहन ही नहीं मिली।

    अंडे और आइसक्रीम की शौकीन थी हेमा

    पंवार के अनुसार हेमा सर्दी में अंडे और गर्मी में आइस्क्रीम की शौकीन थी। वह एक बार में एक किलो शुगर फ्री आईस्क्रीम खा जाती थी। यह अंगूर, आम और चीकू की आईस्क्रीम होती थी। वह ब्रैड दूध और चावल की भी शौकीन थी। कभी कभी शहद जमकर खाती थी। अच्छा व्यवहार था। रामसिंह को आज भी वह सुबह याद है जब हेमा के घर से कूंकूं की आवाज़ आ रही थी। गुलाब बाग में एक एन्क्लोजर बना था। उस दिन सुबह उसने दो बच्चे दिए थे। इन्हें हेमा ने दो महीने तक अपना ही दूध पिलाया।

    मीनाकुमारी ले गई धर्मेंद्र को

    पंवार के अनुसार 1997 में एक और सर्कस आई तो मादा भालू मीनाकुमारी भी आ गई। धर्मेंद्र का आकर्षण मीनाकुमारी के प्रति बहुत बढ़ गया और वह जब जोधपुर जू जाने लगी तो उसे भी साथ भेज दिया गया।

    250 किलो की थी हेमा

    हेमा 250 किलो की थी। लेकिन धर्मेंद्र से बिछोह के बाद उसकी दृष्टि कमजोर होती चली गई। वह दिन में जगती और रात को सोती थी। आम तौर जंगली भालू दिन में आराम करते हैं और रात को सक्रिय रहते हैं।

Topics:
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Udaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bear Couples Love Story
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Udaipur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×