उदयपुर

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बीवीपी ने रुकवाई काउंसलिंग तो विरोध में उलझे एनएसयूआई कार्यकर्ता, पुलिस ने खदेड़ा

माहौल बिगड़ता देख पुलिस जाप्ते ने लाठियां भांजकर छात्रों को खदेड़ा। कुछ छात्राें को चोटें भी आईं।

Danik Bhaskar

Jul 18, 2018, 02:44 PM IST

उदयपुर. सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक कॉमर्स कॉलेज में सरकारी सीटें बढ़ाने के लिए मंगलवार को दोनों प्रमुख संगठनों के समर्थक छात्र आमने-सामने हो गए। एबीवीपी ने काउंसलिंग रुकवा दी, जिसका एनएसयूआई सदस्यों ने विरोध किया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस जाप्ते ने लाठियां भांजकर छात्रों को खदेड़ा। कुछ छात्राें को चोटें भी आईं।

- पुलिस ने केन्द्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष सहित एबीवीपी से जुड़े चार छात्रों को शांतिभंग में पकड़ा, जिन्हें शाम को जमानत पर रिहा किया गया। इससे पहले काउंसलिंग तो बहाल हो गई, लेकिन नए छात्र सहमे रहे। कॉलेज परिसर में दिनभर जाप्ता तैनात रहा।

ऐसे बढ़ा विवाद

- सुबह एबीवीपी ने सरकारी सीटें बढ़ाने के लिए बीकॉम प्रथम वर्ष की काउंसलिंग रुकवा दी। एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्रों ने यह कह विरोध शुरू कर दिया कि काउंसलिंग के लिए कई छात्र दूर-दराज से आए हैं। उन्हें वापस कॉलेज आना पड़ेगा। कुछ छात्र काउंसलिंग के लिए जा रहे थे। इन्हें राेकने और नहीं रोकने की बहस में लोकेंद्र सिंह राव और अमन असनानी के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने इन्हें छुड़ाया। सूचना पर भूपालपुरा सीआई हरेन्द्र सिंह भी जाप्ता लेकर पहुंचे। लेकिन छात्र नेता उनसे भी बहस करने लगे। डीएसपी भगवतसिंह हिंगड़ सहित अन्य थानों के सीआई भी आ गए।

- समझाइश बेअसर देख पुलिस ने हंगामा करते छात्रों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। कुछ छात्रों को लाठियां भी पड़ीं। पुलिस ने भवानी शंकर बोरीवाल, गजेंद्र राणा, अविनाश कुमावत व लोकेंद्र सिंह राव को शांतिभंग में पकड़ा। इन्हें शाम को जमानत पर छोड़ा गया। एबीवीपी का कहना है कि कॉमर्स कॉलेज में सीटों को बढ़ाने के लिए दो साल से ज्ञापन दे रहे हैं। हाल ही उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी काे भी ज्ञापन दिया। मंगलवार को कुलपति से भी मिले, जिस पर कुलपति ने कॉमर्स की 10 फीसदी सरकारी सीटें बढ़ाईं।

दो का अनशन खत्म करवाया कि एनएसयूआई वाले बैठे भूख हड़ताल पर, शाम तक मनाया

घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉमर्स कॉलेज में 16 सरकारी सीटें बढ़ाई। घोषणा के साथ कॉमर्स डीन प्रो. जी. सोरल और पुलिस अधिकारियों ने अनशन कर रहे कमलेश सामरिया और जयदीप सिंह राठौड़ काे जूस पिलाया। यह सब हुआ ही था कि 16 सीट के इजाफे को नाकाफी बताते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना था कि इससे छात्रों को कोई राहत नहीं मिली है। विश्वविद्यालय ग्रामीण अंचल के छात्रों के लिए पर्याप्त सीटें बढ़ाए। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कुशलेश चौधरी, कॉमर्स कॉलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार, अर्पित कोठारी, महेश रोत शामिल थे। शाम को डीन ने इन्हें भी मनाया। कहा कि कॉलेज-विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में जितनी सीटें बढ़ाना था, बढ़ा चुके। ज्यादा के लिए सरकार स्तर पर बातचीत होगी।

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