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लोक अदालत में राजीनामे से खत्म किए बरसों के घरेलू झगड़े

उदयपुर| जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगी, जिसमें 1916 प्रकरणों का समझौते से निस्तारण किया और 14...

Danik Bhaskar | Sep 09, 2018, 07:11 AM IST
उदयपुर| जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगी, जिसमें 1916 प्रकरणों का समझौते से निस्तारण किया और 14 करोड़ के अवार्ड पारित किए गए। सबसे ज्यादा मामले पारिवारिक न्यायालय से जुड़े थे, जिनमें दो से 6 साल तक कोर्ट के चक्कर काट रहे पति-प|ी फिर एक हुए। वहीं मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण -2 ने पति की हादसे से मृत्यु होने के बाद आश्रितों को बीमा कंपनी से 75 लाख रुपए दिलवाए। एनआईएक्ट-2 न्यायालय ने एक प्रकरण में राजीनामा करवा 1,67,30000 का अवार्ड जारी किया। जिला विधिक प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव रिद्धिमा शर्मा ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रभा शर्मा ने लोक अदालत के लिए 35 बेंचों का गठन किया था। इसके अलावा कोर्ट परिसर में पौधारोपण भी किया।

35 बेंचों में राजीनामे से करवाया एक हजार 916 प्रकरणों का निस्तारण, 14 करोड़ के अवार्ड पारित

समझाइश से खत्म की गलतफहमियां, फिर बसे परिवार

उदयपुर. राजीनामे के बाद हाथ मिलवाकर घर लौटाया गया।

केस 1 : तारा ने पति कमलेन्द्र के खिलाफ पांच माह पहले कोर्ट में भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। बताया कि पति ऑटो चलाता है। एक बच्चा है, लेकिन घर में राशन के लिए पैसे नहीं देता है। घर खर्च ससुरजी संभालते हैं। इस पर झगड़े होते हैं। लोक अदालत में दोनों ने समझौता कर वाद निरस्त कराया और एक-दूसरे का हाथ थाम कर घर लौटे।

केस 2 : भानु प्रिया ने पति नारायण के खिलाफ भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। उसका कहना था कि 2008 में शादी हुई। इसके बाद से दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। मारपीट भी होती। लोक अदालत में दंपती पेश हुआ। काउंसलिंग का असर ऐसा रहा कि दोनों और परिवार के बीच गलतफहमी दूर हुई। भानु प्रिया परिवार के साथ ससुराल गई।

केस 3 : सोनल और बलवंत ने वर्ष 2007 में प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से ससुराल में झगड़ा होने लगा। घर से बाहर निकाला तो चार माह तक किराये रहना पड़ा। झगड़ा बढ़ने के कारण लड़के ने कोर्ट में तलाक मांगा तो लड़की ने भरण पोषण की राशि मांगी। साल 2016 से कोर्ट में शुरू हुआ विवाद लोक अदालत में निपटा और परिजन ने तालियां बजाकर स्वागत किया।

लोक अदालत जोड़ती है परिवाराें को : डीजे प्रभा शर्मा