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बिजली निगम के अधिकारी अौर चपरासियों ने अपने वेतन से दिए ~6 लाख, मुफ्त लगाई 9 हजार एलईडी... ताकि रोशन हों ग्रामीणों के घर

इन सरकारी मुलाजिमों ने नहीं किया भामाशाह का इंतजार, खुद के खर्चे से बदले गांव के हालात

Dainik Bhaskar

Aug 27, 2018, 06:32 AM IST
Electricity Department raised wages for illuminating villagers' homes

  • काफी कोशिशों के बाद भी दानदाताओं का सहयोग नहीं मिला तो शुरू की मुहिम
  • बिजली बचत के लिए भी ग्रामीणों को करते हैं जागरूक

उदयपुर. बिजली बचाने के लिए सरकार के साथ कई सामाजिक संगठन भी लगातार अभियान और जागरुकता कार्यक्रम चला रहे हैं। वहीं बिजली निगम के कर्मचारी से लेकर चपरासी तक भी इस मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

उदयपुर में बिजली निगम के अफसरों से लेकर चपरासी तक अपने वेतन से पैसे एकत्रित कर गरीब लोगों के घरों में नि:शुल्क एलईडी लाइटें लगा रहे हैं ताकि बिजली की खपत कम हो और हर जरूरतमंद तक बिजली पहुंचाई जा सके। अब तक निगम के लोग करीब 9000 एलईडी लाइटें खुद के पैसे से खरीदकर लोगों के घर लगवा चुके हैं। जिले में चपरासी से लेकर चीफ इंजीनियर तक करीब 1200 का स्टाफ है, सभी ने मिलकर इसके लिए करीब 6 लाख रुपए इकट्ठे किए। एक एलईडी की कीमत 70 रुपए है।

घर-घर खुद जाते हैं कर्मचारी, बल्ब खोलकर एलईडी लगाते हैं : राज्य सरकार ने निगम को आदेश दिया था कि भामाशाह और दानदाताओं की मदद से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में भी एलईडी का वितरण करें। निगम ने काफी कोशिश की लेकिन भामाशाह और दानदाताओं का सहयोग नहीं मिला तो कर्मचारियों ने खुद के वेतन से कुछ पैसे इकट्‌ठे किए और जरूरतमंदों के घरों में एलईडी लाइटें लगवाईं। निगम के कर्मचारी खुद ग्रामीण इलाकों के घरों में जाकर उन्हें सूचना देकर बल्ब खोलते हैं फिर एलईडी लगाकर खोले गए सभी बल्ब नष्ट कर देते हैं। एईएन मुकेश गुप्ता ने बताया कि मैंने भी अपने पैसे से 700 एलईडी ग्रामीण क्षेत्रों में बंटवाई है। बिजली बचाने की यह अच्छी पहल है।

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