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शराब ठेकेदारों से मंथली वसूली का आरोपी आबकारी अधिकारी दो साल बाद गिरफ्तार

उदयपुर | एसीबी ने पूर्व उदयपुर जिला आबकारी अधिकारी भुसावर भरतपुर निवासी 59 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता पुत्र बाबूलाल...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 07:20 AM IST
उदयपुर | एसीबी ने पूर्व उदयपुर जिला आबकारी अधिकारी भुसावर भरतपुर निवासी 59 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता पुत्र बाबूलाल वैश्य को शराब ठेकेदारों से अवैध मंथली वसूलने की शिकायत की दो साल से चल रही जांच में सोमवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया है। एसीबी के डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि सितंबर 2015 में मोहनलाल गुप्ता के खिलाफ शराब ठेकेदारों से मंथली वसूलने की शिकायतें मिली थी। इस पर एसीबी की टीम ने निजी वाहन में पीछा किया। खेरवाड़ा से होते हुए कई दुकानों से उसने मंथली के 5-15 हजार रुपए लिए। इसके बाद टीडी हाइवे पर जाकर उसको पकड़ा। तलाशी ली तो उसके पास से 37 हजार रुपए नकदी बरामद हुई। इसके बाद टीडी थाने लेकर गए और वहां पर शराब सेल्समैन को बुलाया गया। उन्होंने मोहनलाल के खिलाफ गवाही दी। इसके बाद से लगातार उसके खिलाफ जांच चल रही थी। जांच पूरी होने के बाद उसे गिरफ्तार किया और पद का दुरुपयोग करने और अवैध वसूल करने का आरोप पत्र पेश किया। प्रकरण के कुछ समय बाद आबकारी विभाग ने मोहनलाल को निलंबित भी कर दिया था।

आरटीएस से चयन हुआ, 2002 में आरएएस बना

अधिकारियों ने बताया कि मोहनलाल 1984 में आरटीएस पद पर चयनित हुआ था और 2002 में आरएएस की पदोन्नति मिली थी। 2014 से उदयपुर में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत था। मोहनलाल का काम अनुज्ञाधारियों को शराब दुकानों के लाइसेंस जारी करना, कमी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई करना आदि थे।

घर की तलाशी में मिले एक लाख रुपए नकद, तीन दिन बाद जा रहा था घर

एसीबी ने बताया कि मोहनलाल के घर की तलाशी भी ली गई थी। तलाशी में घर के अलग-अलग स्थानों पर नकदी के बंडल बनाकर रखे हुए थे। कुछ अलमारी में कोट-पेंट के अंदर, कुछ किचन में आदि स्थानों से एक लाख 2 हजार रुपए बरामद हुए। रकम के बारे में पूछा ताे हिसाब नहीं था।