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जिले में पहली बार स्क्रब टाइफस के रिकॉर्ड 65 मरीज मिले, अकेले मावली में 21 रोगी

उदयपुर | बारिश में फैलने वाले जानलेवा स्क्रब टाइफस रोग ने जिले में दस्तक दी है। शुरुआत में ही इसके रिकॉर्ड 65 रोगी...

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 07:35 AM IST
उदयपुर | बारिश में फैलने वाले जानलेवा स्क्रब टाइफस रोग ने जिले में दस्तक दी है। शुरुआत में ही इसके रिकॉर्ड 65 रोगी सामने आने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पहली बार इस रोग के इतने रोगी सामने आए हैं। इनमें अकेले मावली के 21 रोगी शामिल हैं। हालांकि डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राघवेन्द्र राय कहना है कि स्क्रीनिंग अच्छी तरह होने से इतने रोगी सामने आए हैं। झाड़ियों में छिपे कीटों के काटने से फैलने वाले स्क्रब टाइफस के सबसे ज्यादा 21 रोगी मावली शेष भीण्डर व शहर के आस-पास घनी घास वाले क्षेत्रों में मिले हैं। इनमें से कई रोगियों का उपचार एमबी में चल रहा है। स्क्रब टाइफस ज्वर संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है। इसका बैक्टीरिया झाड़ियों, खेतों, घास और घर में रहने वाले कीटों में पाया जाता है, जो इन कीटों के काटने पर व्यक्ति की चमड़ी के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। यह बीमारी बारिश के मौसम में तेजी से फैलती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को भी ऐसे कीटों से विशेष सावधान रहने की भी जरूरत है। क्योंकि अमूमन लोग इसका शिकार जंगलों, खेतों, बगीचों आदि में काम करते समय पिस्सू नाम के जीवाणु के काटने से हो जाते हैं।

तेज बुखार, अकड़न और शरीर पर दानें हों तो पहुंचें डॉक्टर के पास : आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डी.पी. सिंह बताते हैं कि स्क्रब टाइफस के रोगियों को ठंड के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, रक्तचाप के गिरने, मांसपेशियों में अकड़न और शरीर पर दाने होने की शिकायत हो जाती है। ऐसी शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। इसके लक्षण एक से तीन सप्ताह के अंदर उभरने लगते हैं। इसके रोगी का उपचार डॉक्सीसायक्लीन एंटीबायोटिक, क्लोरोम फेनिकोल आदि दवाएं देकर किया जाता है।