उदयपुर / खरीद-फरोख्त नहीं होती है, कपड़े, किताबें, बर्तन दान में आते हैं, फिर इन्हें जरूरतमंदों में बांट देते हैं



गोपालगंज स्थित पुण्य की दुकान पर कपड़े लेते जरूरतमंद। गोपालगंज स्थित पुण्य की दुकान पर कपड़े लेते जरूरतमंद।
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गोपालगंज स्थित पुण्य की दुकान पर कपड़े लेते जरूरतमंद।गोपालगंज स्थित पुण्य की दुकान पर कपड़े लेते जरूरतमंद।

  • उदयपुर के प्रतापगढ़ में खुली पुण्य की दुकान
  • शुरुआत 50 परिवारों ने दान देकर की थी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 01:17 AM IST

प्रतापगढ़ (विवेक उपाध्याय).गोपालगंज स्थित चंद्रप्रभु मंदिर के पास श्री महावीर पुण्य की दुकान जरूरतमंदों परिवारों में खुशहाली और निर्धन तबके परिवारों में खुशियां बांट रही हैं। जरूरतमंदों के लिए यहां कपड़ों से लेकर बर्तन, कॉपी-किताबें, शॉल, ऊनी कपड़ों सहित कई घरेलू सामान उपलब्ध हैं, जिन्हें पैसों के बदले नहीं बल्कि निर्धनों में निशुल्क बांटा जाता है।

 

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन मित्र मंडल की पहल पर शुरू हुई इस दुकान को 1 जनवरी को शुरू कर मकर संक्रांति तक ही चलाना था, लेकिन शहरवासियों ने जरूरतमंदों की सेवा ऐसा उत्साह दिखाया कि मंडल ने अगले एक साल तक यहां से जरूरतमंदों को खुशियां बांटने का निर्णय ले लिया। चौदह दिन में यहां से 1300 लोगों को कपड़े, शॉल, कंबल, कॉपी-किताबें, पढ़ने की सामग्री बांटी जा चुकी है। दान जुटाने के लिए मित्र मंडल ने महिला-पुरुषों के दो अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप भी बनाए हैं।

 

शुरुआत 50 परिवारों ने दान देकर की थी :
पुण्य की दुकान की शुरुआत के पहले ही दिन वर्धमान स्थानकवासी जैन मित्र मंडल तथा शहर के के करीब 50 परिवारों ने यहां कपड़े दिए थे। इसके बाद से ये टीम से खुद जुड़ गए और लगातार दान देने वाले शहरवासियों की संख्या बढ़ रही है। दुकान पर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति मदद लेने के लिए आ सकता है। कपड़ों के साथ यहां से जूते-चप्पल, किताबें और दान में आने वाले हर सामान को वापस बांट दिया जाता है। अभी यहां 1100 लोगों की जरूरत के कपड़े उपलब्ध हैं। 

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