• Hindi News
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Udaipur - ट्रेनिंग कैंप के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, 8 से 10 तक देनी थी ट्रेनिंग, पर नहीं दी, परिजनों के विरोध के बाद अधिकारियों ने तुरंत निकाला ऑर्डर
--Advertisement--

ट्रेनिंग कैंप के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, 8 से 10 तक देनी थी ट्रेनिंग, पर नहीं दी, परिजनों के विरोध के बाद अधिकारियों ने तुरंत निकाला ऑर्डर

12 सितंबर से जोधपुर में होने वाली स्कूली राज्य स्तरीय (अंडर-14) टेबल टेनिस प्रतियोगिता को लेकर शहर में 8 से 10 सितंबर तक...

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 07:25 AM IST
Udaipur - ट्रेनिंग कैंप के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, 8 से 10 तक देनी थी ट्रेनिंग, पर नहीं दी, परिजनों के विरोध के बाद अधिकारियों ने तुरंत निकाला ऑर्डर
12 सितंबर से जोधपुर में होने वाली स्कूली राज्य स्तरीय (अंडर-14) टेबल टेनिस प्रतियोगिता को लेकर शहर में 8 से 10 सितंबर तक प्रस्तावित ट्रेनिंग कैम्प के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है। सोमवार को एक छात्र के अभिभावक ने डीईओ प्रारंभिक कार्यालय जाकर कैंप नहीं कराने का कारण पूछा और हंगामा कर दिया। जिसके बाद खेल प्रभारी शंभूसिंह ने आनन-फानन में दोपहर 2 बजे कैंप कराने का ऑर्डर निकलवा दिया। हैरानी की बात यह है कि एक दिन बाद टीम जोधपुर जाएगी, ऐसे में अब सिर्फ डेढ़ दिन में ही कैंप को निपटा दिया जाएगा। कैंप नहीं कराने के सवाल पर खेल प्रभारी शंभूसिंह और वासुदेव चौबीसा ने कहा कि शनिवार, रविवार को अवकाश होने और इससे पहले भारत बंद होने के कारण कैंप नहीं करा सकें। सभी प्रतियोगिताएं अवकाश में ही हो रही हैं और सोमवार को भी भारत बंद में कैंप का ऑर्डर निकाला गया। पूरे मामले में डीईओ ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है। अभिभावक जगदीश राजावत ने बताया कि विरोध के बाद कोच कोशिक चंदा व उनके साथी मुझे बोले कि अाप तो आदेश करो, आपके बच्चे को प्रथम रैंक पर खिला दें। राजावत का कहना था कि मेरे विरोध के बाद ही कैंप ऑर्डर क्यों निकलेω खेल के नाम पर हो रही ऐसी अनियमितताएं उजागर होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों के साथ धोखा नहीं हो।

खराब प्रदर्शन करने वाली टीमों के खिलाड़ी चुन लिए, चैंपियन टीम के खिलाड़ी बाहर क्यों?

एक पीटीआई ने चयनकर्ताओं पर सवाल उठाते हुए हैंडबॉल की (अंडर-14)छात्र-छात्रा वर्ग की जिला टीम में चहेते खिलाड़ियों के चयन का आरोप लगाया है और डीईओ को शिकायत की है। पीटीआई नीरज बत्रा का आरोप है कि जो टीमें पहले राउंड में बुरी तरह हारकर बाहर हो गई, उनके दाे से तीन खिलाड़ी ले लिए गए। छात्र वर्ग प्रतियोगिता में पहले राउंड में बाहर हुई उप्रावि चायलाखेड़ा के दो और आदर्श उप्रावि मेनार से एक खिलाड़ी का चयन किया। इसी तरह छात्रा वर्ग में पहले मैच में हारी उप्रावि चुंडावतखेड़ी से दो छात्राओं का चयन किया गया क्योंकि चयनकर्ता उनके स्कूल से जुड़े हैं। विजेता रही राउमावि धार से मात्र तीन छात्राएं टीम में ली गईं। जबकि धार स्कूल की टीम ने विरोधी टीमों को एक तरफा मात दी थी।

यहां भी है हेरफेर : पीटीआई खो-खो खेल के हैं, चयनकर्ता बनाए गए हैंडबॉल में

पीटीआई हुक्मीचंद मेनारिया और राधाकिशन मेनारिया का प्रमुख खेल खो-खो है जबकि इन्हें हैंडबॉल की जिला टीम का चयनकर्ता बनाया गया है। इसी तरह पीटीआई कौशिक चंदा फुटबॉल के खिलाड़ी हैं लेकिन इन्हें भी जिला स्तरीय टेबल-टेनिस टूर्नामेंट कराने और कैम्प कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे लेकर कई खिलाड़ियों और उनके परिजनों में भी इसकी चर्चा हो रही है। खेल प्रभारी वासुदेव चौबीसा का कहना है कि पीटीआई तो सभी खेल खेला सकते हैं। वे जिस खेल के विशेषज्ञ हैं वही खेल खेलाएं, ये जरूरी नहीं है।

चयनकर्ताओं पर भी आरोप

निर्देशों की पालना नहीं करने पर होगी कार्रवाई


X
Udaipur - ट्रेनिंग कैंप के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, 8 से 10 तक देनी थी ट्रेनिंग, पर नहीं दी, परिजनों के विरोध के बाद अधिकारियों ने तुरंत निकाला ऑर्डर
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..